AIIMS में अरुण जेटली का हाल जानने वालों का लगा तांता नीतीश, पीयूष गोयल समेत कई नेता एम्स पहुंचे

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एम्स में भर्ती पूर्व वित्त मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के दिग्गज नेता अरुण जेटली का हालचाल जानने के लिए नेताओं का तांता लगा हुआ है. एम्स में केंद्रीय मंत्रियों के अलावा विपक्षी नेताओं की भी आवाजाही जारी है. केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एम्स पहुंचे तो वहीं बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने भी अस्पताल पहुंचकर हाल जाना. बता दें कि अरुण जेटली हालत नाजुक बनी हुई है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी अरुण जेटली से मिलने फिर एम्स जा सकते हैं.

पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली को जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया है. सूत्रों ने इस बारे में जानकारी दी है. जेटली के स्वास्थ्य की जानकारी लेने के लिए बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल समेत कई नेता अस्पताल पहुंचे.

सूत्रों ने बताया कि जेटली (66) को जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया है और विभिन्न विभागों के डॉक्टरों की एक टीम उनकी स्थिति की निगरानी कर रही है. जेटली को नौ अगस्त को अस्पताल में भर्ती कराया गया था. एम्स ने जेटली की स्वास्थ्य की स्थिति के बारे में 10 अगस्त से कोई बुलेटिन नहीं जारी किया है. सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्द्धन, भाजपा के सतीश उपाध्याय और कांग्रेस नेता अभिषेक सिंघवी और ज्योतिरादित्य सिंधिया तथा एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ भी जेटली का हाल जानने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) पहुंचे. बसपा प्रमुख मायावती ने शनिवार को दोपहर एक बजकर छह मिनट पर ट्वीट किया, पूर्व केंद्रीय वित्त व रक्षा मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली के स्वास्थ्य का हालचाल लेने आज नयी दिल्ली के एम्स अस्पताल गयी. उनके परिवार के लोगों से मिलकर उन्हें दिलासा दिलाने के साथ-साथ कुदरत से प्रार्थना भी है कि वह श्री जेटली को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ दे.

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हर्षवर्द्धन ने शुक्रवार को कहा था, एम्स में डॉक्टर अपना हर मुमकिन प्रयास कर रहे हैं. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी जेटली के स्वास्थ्य के बारे में जानने के लिए शुक्रवार को एम्स पहुंचे थे. सांस लेने में तकलीफ और बेचैनी की समस्या के बाद जेटली को अस्पताल में भर्ती कराया गया. इस साल मई में उपचार के लिए वह एम्स में भर्ती हुए थे. पेशे से वकील जेटली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहले कार्यकाल में उनकी कैबिनेट का महत्वपूर्ण हिस्सा थे. उनके पास वित्त और रक्षा का प्रभार था और सरकार के लिए वह संकटमोचक की भूमिका में रहे.

खराब स्वास्थ्य के कारण जेटली ने 2019 का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा. पिछले साल 14 मई को एम्स में उनके गुर्दे का प्रतिरोपण हुआ था. उस समय रेल मंत्री पीयूष गोयल को उनके वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गयी थी. पिछले साल अप्रैल की शुरुआत से ही वह कार्यालय नहीं आ रहे थे और वापस 23 अगस्त 2018 को वित्त मंत्रालय आये. लंबे समय तक मधुमेह रहने से वजन बढ़ने के कारण सितंबर 2014 में उन्होंने बैरिएट्रिक सर्जरी करायी थी.

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