मिथिला दुग्ध संघ के द्वरा बाढ़ पीडितो के लिए शुद्ध जल एवं दुग्ध चूर्ण एक वरदान

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प्रबंध निदेशक डीके श्रीवास्तव और पूर्व अध्यक्ष के साथ बाढ़ प्रभावित इलाको में मिडिया से बात करते हुए

मिथिलांचल का गौरव ‘‘सुधा’’ मिथिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लि0, (सुधा डेयरी) समस्तीपुर बिहार में एक ऐसा उच्च मानदंड स्थापित करते जा रहा है जो आने वाले समय में बिहार मैं स्थापित अन्य इकाइयों और संस्थानों के लिए एक प्रेरणा स्रोत साबित होगा । अपने दैनिक कार्यों के साथ साथ सामाजिक कार्यों में अपने अमूल्य योगदान के कारण सुधा डेहरी समस्तीपुर के प्रबंध निदेशक डीके श्रीवास्तव के नेतृत्व में तमाम कर्मचारी रात दिन अथक परिश्रम कर यह सराहनीय मुकाम हासिल कर रहे है । आम लोगो से लेकर समानित किसानों तक की बात हो या फिर शहर से लेकर सुदूर देहातों के ग्रामीण इस संस्थान के द्वारा किये गए कार्य की प्रशंसा कर रहे है ।

सुधा डेयरी समस्तीपुर के प्रबंध निदेशक डीके श्रीवास्तव के द्वारा शुद्ध जल वितरण का निरिक्षण साथ में पूर्व अध्यक्ष

बिगत कुछ दिनों से समस्तीपुर के कुछ इलाकों में आये बाढ़ में जिस प्रकार से इस संस्थान के द्वारा बढ़ चढ़ कर कार्य करते हुए अपने सामाजिक दायित्व का निर्वहन किया जा रहा है वह एक मिशाल प्रस्तुत कर रहा है ।
बाढ़ ग्रस्त इलाको में चाहे पीने का स्वक्ष पानी का वितरण हो या फिर बच्चों के लिए पैकेट दूध का व्यवस्था या फिर उन इलाकों में चलंत दूध गुणवत्ता मापक यंत्र । इस प्रकार के कार्य बाढ़ पीड़ितों के लिए किसी वरदान से कम नही है ।

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इसके पूर्व भी संस्थान के द्वारा पर्यावरण संरक्षण के लिए जोरदार प्रयास किया जा रहा है जिसमे 60 हजार से अधिक पेड़ लगाए गए है । इसी प्रकार जल संरक्षण के दिशा में भी प्रबन्ध निदेशक के द्वारा अथक प्रयास किया जा रहा है जिसका परिणाम बहुत जल्द सामने दिखाई देने लगेगा ।

सुधा डेयरी समस्तीपुर के द्वारा बाढ़ प्रभावित इलाको में शुद्ध जल वितरण

मिथिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड के अधीन पद संख्या:19 की समितियां बागमती नदी में बाढ़ के चपेट में है । जिसके कारण समिति के दूध उत्पादको एवं अन्य किसानो को शुद्ध पेयजल की भारी समस्या उत्पन्न हो गई है । इसको ध्यान में रखते हुए संघ के प्रबंध निदेशक डीके श्रीवास्तव के द्वारा शुद्ध पेयजल टैंकर के माध्यम से चकमेहसी थाना के करीब स्थित गांवों के किसानो को अपने टैंकर से स्वक्ष जल का वितरण किया जा रहा है । इतना ही नही प्रबंध निदेशक के द्वारा स्वंय इसकी निगरानी भी की जा रही है ताकी बाढ़ पीड़ितों को किसी भी प्रकार के दिक्कतें न हों ।

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इसी प्रकार बाढ़ प्रभावित इलाकों में छोटे छोटे बच्चों के लिए सुधा मिल्क पाउडर भी दिया जा रहा है ताकि उनके स्वास्थ्य खराब न हो । एक 18 ग्राम के मिल्क पाउडर से 150 मिलीलीटर यानी एक ग्लास दूध बनता है जो एक छोटे बच्चे के लिए उत्तम स्वास्थ्य रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है ।

सुधा डेयरी समस्तीपुर के द्वारा बाढ़ प्रभावित इलाको में शुद्ध जल वितरण

इसी प्रकार इन इलाकों में चलंत दूध गुणवत्ता मापक यंत्र का प्रयोग किया जा रहा है । संघ के द्वारा गरौती दुग्ध उत्पादक सहयोग समिति लिमिटेड,पथ संख्या:9 अंतर्गत अपने दुग्ध उत्पादकों को जागरूक करने एवं उन्हें सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से दरवाजे तक “चलंत दुग्ध जांच वाहन”का शुभारंभ किया गया . इस अवसर संघ के प्रबंध निदेशक डीके श्रीवास्तव ने किसानों को संबोधित किये। जिसमे समिति द्वारा निम्न उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए दूध जांच वाहन चलाया गया है

सुधा डेयरी समस्तीपुर के प्रबंध निदेशक डीके श्रीवास्तव द्वारा बाढ़ प्रभावित इलाको में किसानो को सम्बोधित करते हए

1)यह वाहन ऐसे दूध उत्पादकों को जागरूक करने के लिए है जो खासकर घर से निकलकर 1-2 किलोमीटर दूर समिति में दूध ना देकर 1100-1200 लीटर हुंडा भेडर को देते है एवं दर भी कम प्राप्त कर शोषित होते हैं।

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2)विभिन्न प्रकार की समस्याओं की वजह से जो महिलाएं,बुजुर्ग, बच्चे एवं विकलांग आदि जो समिति तक नहीं पहुंच पा रहे हैं उन्हें सुविधा देकर दूध प्राप्त करने हेतु

3)बीमार दूध उत्पादक किसानों हेतु

4)वर्षा होने की स्थिति में भी सुविधा हेतु

5)जो नए किसान दूध जांच कराकर पैसा तुरंत लेकर विश्वास करना चाहते हैं उन्हें तुरंत भुगतान की सुविधा भी दिया जा रहा है
6)सुधामीन- बिक्री एवं प्रचार-प्रसार हेतु वाहन पर भी रखा गया है .साथ ही साथ दूध मूल्य तालिका, सुधा दूध उत्पाद मूल्य तालिका आदि भी लगा हुआ है .उम्मीद है यह एक सकारात्मक कार्य करेगी और अधिक दूध एवं गुणवत्तायुक्त दूध बढ़ाकर तथा किसानों के दर में बढ़ोतरी कर एक नया उदाहरण पेश करेगी।

सुधा डेयरी समस्तीपुर के द्वारा बाढ़ प्रभावित इलाको में टेंकर के द्वारा शुद्ध जल की व्यवस्था

 

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