सोचिएगा शाहबानो के बाद 400 से 44-52 पर कैसे आ गए:रविशंकर

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राज्यसभा में तीन तलाक बिल को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजने का प्रस्ताव वोटिंग के बाद गिर गया. प्रस्ताव के पक्ष में 84 और विपक्ष में 100 वोट पड़े. इससे पहले नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद ने इस बिल का विरोध किया. इस पर कानूम मंत्री रविशंकर प्रसाद ने आजाद पर तंज कसते हुए कांग्रेस को घेरा.

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि हिम्मत दिखाने वाली कांग्रेस पार्टी 1986 में शाहबानो के लिए न्याय के दरवाजे क्यों बंद करती है. 1986 से लेकर 2019 तक कांग्रेस पार्टी वहीं खड़ी है. रविशंकर प्रसाद ने कहा कि 400 से ज्यादा सीट लेकर भी शाहबानो मामले में दरवाजा बंद करने के बाद कभी कांग्रेस बहुमत में नहीं आई. आज स्थिति 44 से 52 के बीच है. ये पार्टी के लिए सोचने वाला विषय है.

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने फैसले के बाद जब मेरे पास फाइल आई तो प्रधानमंत्री ने तुरंत कहा कि तीन तलाक की पीड़ितों के साथ खड़े हो जाओ. हम कोर्ट के अंदर और बाहर इन बहनों के साथ खड़े रहे. संसद को कोई कानून पास करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश की जरूरत नहीं है. इस मामलों के देखने के बाद कई पीड़ित महिलाओं के दर्द को मैंने देखा है. राज्यसभा में तीन तलाक बिल पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए रविशंकर प्रसाद ने चर्चा में हिस्सा लेने वाले सभी सांसदों का आभार जताया.

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वहीं, नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद ने कहा था कि सरकार मुस्लिम महिलाओं के नाम मुसलमानों को निशाना बना रही है. न रहेगा बांस, न बजेगी बांसुरी. अब इस बिल के जरिए सरकार घर से चिराग से ही घर में आग लगाना चाहती है. घर भी जल जाएगा और किसी को आपत्ति भी नहीं होगी. उन्होंने कहा कि दो समुदायों की लड़ाई में केस बनता है, लेकिन बिजली के शॉट सर्किट में किसी के जलने पर कोई केस नहीं बनता है.

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