बाढ़ से क्षति के लिए केन्द्र से मांगेंगे मदद : नीतीश

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PATNA GIYAN BHVAN MEIN MAJOR BRIDGES IN BIHAR INNVATION &CHALLENGES VISHAY PAR AYOJIT WORK SHOP KA UDGHATAN KERTE CM NTISH KUMAR

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को कहा कि उनकी सरकार राज्य में बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने के बाद केन्द्र को वित्तीय सहायता के लिए ज्ञापन भेजेगी। श्री कुमार ने राजद नेता अब्दुल बारी सिद्दिकी द्वारा विधान सभा में पूछे गये सवाल के उत्तर में कहा कि सरकार बाढ़ प्रभावित परिवारों के बैंक खातों में 6000 रुपये की सहायता राशि भेजने की प्रक्रिया में है। वर्तमान समय में हम बचाव एवं राहत कार्य अपने संसाधनों से संचालित कर रहे हैं। बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। केन्द्र सरकार को एक ज्ञापन भेजा जाएगा जिसके बाद एक टीम स्थिति का जायजा लेने के लिए राज्य का दौरा करेगी। केन्द्र जैसा उचित समझेगा, उसके अनुसार सहायता मुहैया कराएगा। श्री कुमार ने कहा कि बिहार सरकार ने बाढ़ के मद्देनजर केंद्र सरकार से तत्काल दो बिंदुओं पर सहयोग की मांग की थी। पहली थी एनडीआरएफ की अतिरिक्त टीम और दूसरी फूड पैकेट पहुंचाने के लिए हेलीकॉप्टर। केन्द्र ने दोनों मांगे मान ली और तुरंत सहायता पहुंचा दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह पहले से ही कहते आ रहे हैं कि सरकार के खजाने पर पहला अधिकार आपदा पीड़ितों का है। सरकार अपने खजाने से तत्काल बाढ़ पीड़ितों की सूची बनाकर प्रति परिवार छह हजार रुपये सीधे उनके खाते में जमा करा रही है। बाढ़ के कारण जिनका घर टूटा है या जिनके फसल की बर्बादी हुई है उन्हें भी मुआवजा दिया जा रहा है। श्री कुमार ने कहा कि बिहार में आमतौर पर अगस्त या सितंबर में और एक बार अक्टूबर में भी बाढ़ आई थी। इसे देखते हुए अभी भी बाढ़ का खतरा बना हुआ है। सरकार इस पर पूरी नजर रखे हुए है। इससे पूर्व राजद के समीर कुमार महासेठ, मो. नेमतुल्लाह, सरोज यादव, प्रह्लाद यादव, राजेन्द्र कुमार, नवाज आलम और कुमार कृष्ण मोहन के कार्यस्थगन प्रस्ताव को नियमानुकूल नहीं होने के कारण सभाध्यक्ष ने अमान्य कर दिया। इसके बाद राजद के सदस्य अपनी सीट से ही बाढ़ पीड़ितों की मदद को लेकर शोरगुल करने लगे। राजद के अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा कि इस संबंध में राजद सदस्यों ने कार्यस्थगन प्रस्ताव दिया था। आज सदन में कोई वित्तीय कार्य भी नहीं था इसलिए उनके प्रस्ताव को स्वीकार कर लेना चाहिए था। बिहार में जो अभी बाढ़ की स्थिति है वह काफी गंभीर है और आने वाले दिनों में भी बाढ़ का खतरा बना हुआ है। एक ओर उत्तर बिहार में जहां बाढ़ से लोग तबाह हैं वहीं प्रदेश के अन्य हिस्से में सूखे की स्थिति है। श्री सिद्दीकी ने कहा कि आज सत्र का अंतिम दिन है। सदन को यह जानने का हक है कि प्रधानमंत्री और बिहार से उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों ने बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए क्या पहल की है। इसके बाद ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बाढ़ को लेकर सदन में वक्तव्य दिया। मुख्यमंत्री के वक्तव्य के बाद राजद सदस्य एक बार फिर केन्द्र सरकार पर बिहार के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी करने लगे। इस पर विधान सभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने सदस्यों से शांत रहने और शून्यकाल होने देने का आग्रह करते हुए कहा कि जब मुख्यमंत्री ने वक्तव्य दे दिया है तब आप क्या चाहते हैं। श्री चौधरी ने कहा कि आज 41 सदस्यों की ओर से शून्यकाल की सूचना प्राप्त हुई है और ध्यानाकर्षण भी है। आज सत्र का अंतिम दिन है इसलिए सदन को चलने दें। इसी दौरान भाजपा सदस्य भी अपनी सीट से खड़ा होकर केन्द्र सरकार के विरोध में नारा लगा रहे राजद सदस्यों सदस्यों के खिलाफ बोलने लगे। सभाध्यक्ष ने इसके बाद शून्यकाल की सभी सूचनाओं को सदन की सहमति से पढ़ा हुआ मानकर शून्यकाल समिति को भेज दिया। इसके बाद ध्यानाकर्षण की सूचना पर सरकार के जवाब को भी पढ़ा हुआ मानते हुए श्री चौधरी ने सभा की कार्यवाही दो बजे दिन तक के लिए स्थगित कर दी।

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बाढ़-सुखाड़ को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को बैठक बुलाई है। बैठक में सीएम सभी जिलों के डीएम से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से स्थिति की जानकारी लेंगे। साथ ही सीएम बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए सरकार की ओर से उठाए गए कदम का कितना पालन किया जा रहा है, इसकी भी जानकारी लेंगे। वहीं सुखाड़ वाले जिलों के डीएम से भी नीतीश कुमार बात करेंगे और ताजा हालात पर आवश्घ्यक दिशा-निर्देश देंगे। बिहार के 12 जिलों में बाढ़ से तबाही जारी है। लगभग 200 लोगों की बाढ़ की चपेट में आकर जान चली गई है। वहीं दक्षिण बिहार में सुखाड़ की स्थिति बनती जा रही है। लिहाजा नीतीश सरकार को एक साथ बाढ़-सुखाड़ से लड़ने की नौबत आ गई है। शुक्रवार को विधानसभा में मुख्यमंत्री नीतीश ने बाढ़ पर अपना बयान दिया तथा कहा कि बाढ़ पीड़ितों को हर संभव मदद पहुंचाई जा रही है। बिहार में गहराते बाढ़ के संकट को देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राहत व बचाव को लेकर 14 जुलाई को उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में बाढ़ के हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने बैठक के तुरंत बाद बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सव्रेक्षण भी किया था। सुखाड़ वाले जिलों के लिए भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार संबंधित जिलों के डीएम को निर्देश दे रहे हैं।

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