कर्नाटक: येदियुरप्पा शुक्रवार को ले सकते हैं मुख्यमंत्री पद की शपथ, आज अमित शाह करेंगे मुलाकात

0
126

कर्नाटक में 21 दिन से चल रही भारी सियासी उठापटक के बाद कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन की सरकार आखिरकार गिर गई. मंगलवार को कर्नाटक विधानसभा में हुए फ्लोर टेस्ट में भारतीय जनता पार्टी ने वो जादुई आंकड़ा छू लिया है जो कर्नाटक में सत्ता हासिल करने के लिए जरूरी होता है. फ्लोर टेस्ट में जहां कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन को 99 वोट मिले तो वहीं बीजेपी को 105 वोट मिले. कर्नाटक में पिछले 21 दिन से जारी सियासी उठापटक का आखिरकार अंत हो गया है. अब खबर है कि पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ बीजेपी नेता बीएस येदियुरप्पा शुक्रवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं. बीजेपी ने आज पार्टी के विधायक दल की बैठक बुलाई है. इस बैठक में बीएस येदियुरप्पा को विधायक दल का नेता चुना जा सकता है.

अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक, बीएस येदियुरप्पा कुछ देर में राज्यपाल से मुलाकात करेंगे. इसी के साथ येदियुरप्पा आज शाम बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से दिल्ली में मुलाकात करेंगे. शुक्रवार को शपथ ग्रहण करने के साथ ही बीएस येदियुरप्पा चौथी बार कर्नाटक के मुख्यमंत्री बन जाएंगे. पिछले साल कर्नाटक विधानसभा चुनाव के बाद मई महीने में बीएस येदियुरप्‍पा ने मुख्‍यमंत्री पद की शपथ ली थी. लेकिन, बहुमत साबित करने में असफल रहने के कारण 56 घंटे बाद ही उन्‍हें पद छोड़ना पड़ा था. अब उनके फिर मुख्‍यमंत्री बनने की संभावना बन रही है.

यह भी पढ़े  आजम के बयान पर लोकसभा में हंगामा, माफी या सदस्यता रद्द करने की मांग पर अड़ीं महिला सांसद

वोटिंग के तुरंत बाद बीजेपी राज्‍य प्रमुख बीएस येदियुरप्‍पा ने राज्‍य सरकार का नेतृत्‍व करने की घोषणा की. हालांकि अगर जमीनी स्‍तर पर देखें तो यह इतना भी आसान नहीं होगा, क्‍योंकि 224 संख्‍याबल वाले विधानसभा में बहुमत हासिल करने के लिए 113 की संख्‍या होनी चाहिए. वैसे तो बीजेपी सरकार को उपचुनाव तक कोई दिक्‍कत नहीं होगी. लेकिन अगर उपचुनाव में भी कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन एक साथ मिलकर चुनाव लड़ते हैं और परिणाम उनके पक्ष में जाता है तो फिर सियासी उठापटक शुरू हो जाएगी.

14 महीने चली गठबंधन सरकार
कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन ने 14 महीने 116 विधायकों के साथ सरकार चलाई. 1 जुलाई को कांग्रेस के दो विधायकों के इस्तीफे के बाद पिछले 23 दिन से राज्य में सियासी उठापटक का माहौल था. राज्य में कुल 15 विधायकों के इस्तीफे के बाद 18 जुलाई को फ्लोर टेस्ट की तारीख तय हुई थी. लेकिन बार-बार हंगामे के कारण फ्लोर टेस्ट नहीं हो सका. फ्लोर टेस्ट में हारने के बाद एचडी कुमारस्वामी ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया है. कुमारस्वामी के इस्तीफे पर राज्यपाल वजूभाई वाला ने अपनी मंजूरी दे दी है. अब भाजपा सरकार बनाने का दावा पेश करेगी. भारतीय जनता पार्टी कल विधायक दल की बैठक करेगी. जिसके बाद येदियुरप्पा चौथी बार सीएम बन सकते हैं.

यह भी पढ़े  राहुल के 'रेप इन इंडिया' बयान पर हंगामा, BJP सांसदों ने की माफी की मांग

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here