बिहार में विकराल हुई बाढ़ की समस्या, अब तक 138 लोगों की मौत

0
248

बिहार में बाढ़ की समस्या विकराल होती जा रही है. बाढ़ के तांडव में राज्य भर में अब तक 138 लोगों की मौत हो गई है. मौत का यह आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है. आधिकारिक आंकड़ों की बात करें तो आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक बाढ़ से मरने वालों की संख्या 92 हो गई है.

राज्य के 12 जिले में 102 प्रखंडों के 1107 पंचायत बाढ़ग्रस्त हैं जबकि 66 लाख से ज्यादा लोग इससे प्रभावित हैं. 131 राहत शिविरों में 1 लाख 14 हजार 721 लोग रहने को विवश हैं. 1032 सामुदायिक रसोई से लोगों को भोजन दिया जा रहा है.

पूर्वी चंपारण और सीतामढ़ी में सबसे ज्यादा मौत 
बाढ़ से पूर्वी चंपारण में सबसे ज्यादा अब तक 37 लोगों की मौत हुई है जबकि सीतामढ़ी में इससे 23 लोगों की जान गई है. अररिया, पूर्णिया और मधुबनी इन तीनों जगहों पर बाढ़ से 14-14 लोग मरे हैं. दरभंगा में बाढ़ से 11 लोगों की मौत हो गई है जबकि शिवहर में 10 लोगों के मरने की खबर है.

सरकार ने कहा 92 की हुई मौत
सरकारी आंकड़ों की बात करें तो बिहार सरकार ने अब तक 92 लोगों के मौत की पुष्टि की है. बिहार का पूर्वी चंपारण जिला बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित है. इसके अलावा शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, अररिया, किशनगंज, सुपौल, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, सहरसा, कटिहार और पूर्णिया में भी बाढ़ है.

मुजफ्फरपुर में खतरे के निशान को छूने के करीब पहुंची बूढ़ी गंडक 

बूढ़ी गंडक के जलस्तर में लगातार बृद्धि के कारण शहर वासियों की बेचौनी बढ़ गई है। बूढ़ी गंडक का पानी नगर के दो दर्जन मुहल्ले में फैल गया है। नदी के जलस्तर में हर दो घंटे पर एक सेंटीमीटर पानी की बढ़ोतरी हो रही है और जलस्तर अब खतरे के निशान को छूने लगी है। अखाड़ाघाट पुल और बूढ़ी गंडक के जलस्तर के बीच काफी कम फासला रह गया है। जिस तेजी से नदी का जलस्तर बढ़ रहा है, अगर चौबीस घँटे तक यही स्थिति बनी रही तो शहरी इलाके के दर्जनों नये मुहल्ले में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो जायेगी। बूढ़ी गंडक के जलस्तर में जारी बृद्धि के कारण एक दर्जन नए मोहल्ले के सैकड़ों घरों में पानी घुस गया है। आदर्श थाना अहियापुर के ग्राउंड फ्लोर में चार फीट पानी घुस गया है।थाना भवन में पानी घुसने के कारण काम में हो रही परेशानी को देखते हुए फिलहाल बाजार समिति के समीप स्थित पुराने थाना भवन में अहियापुर थाना का कैम्प कार्यालय खोला गया है। उधर बूढ़ी गंडक का पानी हरपुरलोहड़ी, सकिंदरपुर ढाब, मुक्तिधाम स्लम बस्ती, नयू बालूघाट, रामचरित्र नगर, गांधीनगर, छीट भगवतीपुर, नाजिरपुर,, शेखपुर ढाब, चंदवारा आदि नये इलाके तक पहुंच गया है। तेजी से पानी का हो रहे फैलाव के मद्देनजर न्यू पुलिस लाइन, श्रीराम नगर, दादर, कुंडल, दाउदपुर कोठी आदि मुहल्ले में शुक्रवार को दिनभर लोगो में अफरा तफरी मची रही। इधर जलमग्न हुए नये मुहल्ले में की झोपड़ी पानी में बह गए था इन झोपड़ियों में रह रहे लोग जरूरी सामान लेकर बांध पर रहने चले गए, वही पक्के मकान में रह रहे लोग चारो ओर से बाढ़ के पानी से घिरकर बच्चे और परिवार के साथ अपने घर में ही कैद होकर रह गए है। पूरा मोहल्ला जलमग्न है। सड़क का पता तक नही चल रहा है। शहरी इलाके के जलमग्न मुहल्ले में लोगो के आवागमन के लिए नाव की भी व्यवस्था नही है, जिसके कारण लोग घर में ही कैद होकर रह रहे है। उधर मुशहरी और पिलखी में बूढ़ी गंडक में जारी उफान के कारण बांध पर जल दबाव काफी बढ़ गया है। पिलखी गजपति गांव स्थित बांध में कई जगह रेन कट तथा बांध जर्जर होने एवं पिलकी सलुइस गेट में रिसाव होने के कारण क्षेत्र के लोग दहशत में है। इस इलाके के लोगो का कहना है कि पूरी स्थिति से जिला प्रशासन को अवगत करा दिया गया है, परंतु एहतियातन अबतक प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नही की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि जर्जर बांध और नदी के जलस्तर में जारी बृद्धि को देखते हुए वे लोग रतजग्गा कर रहे है। लोगो का कहना है कि क्या पता कब शामत आ जाये। दूसरी ओर बूढ़ी गंडक के जलस्तर में तेजी से हो रही बृद्धि और शहरी क्षेत्र के लोगो की बेचौनी को देखते हुए जिलाधिकारी आलोक रंजन घोष शुक्रवार को दल बल के साथ शहरी क्षेत्र के बाद प्रभावित इलाके की स्थिति का जायजा लेने निकले। उन्होंने सकिंदरपुर शेखपुर, अहियापुर लकड़ी ढाही आदि इलाके का भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया तथा बांध और सड़क किनारे शरण लिए प्रभावित परिवारों से मिलकर उन्हें हर सम्भव सहायता देने का आश्वासन दिया। जिलाधिकारी ने विपदा की घड़ी में लोगो से धैर्य और हिम्मत से काम लेने और स्थिति का मुकाबला करने में प्रशासन का अपेक्षित सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन हर बाढ़ पीड़ित परिवारों तक समुचित राहत सहायता पहुंचाने को प्रयासरत है। इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने बाढ़ प्रभावित कई अन्य प्रखंडों का भी दौरा कर उन क्षेत्रों में चलाए जा रहे राहत और बचाव कार्य का निरीक्षण किया।

यह भी पढ़े  आमा बापूजी: एक झलका' ओडिशा सरकार की बुकलेट पर बवाल

दरभंगा में बाढ़ में डूबने से 6 की मौत

जिले में अधिकांश स्थानों पर बाढ़ का पानी तो घटने लगा है लेकिन बाढ़ के पानी में डूबने से हो रहे मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। दरभंगा जिले में बीते 24 घंटे के भीतर लगभग आधा दर्जन लोगों की मौत पानी में डूबने से हुई है। खासकर बिरौल अनुमंडल क्षेत्र में ज्यादा घटनाएं हो रही हैं। गुरुवार की संध्या गौराबौराम प्रखंड के आसी गांव में एक की मौत और दूसरे के लापता होने से लोग उबरे भी नहीं थे की शुक्रवार को कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड में दो एवं अलीनगर प्रखंड में एक की मौत पानी में डूबने से हो गई। हालांकि आसी गांव मे डूबे दूसरे युवक की लाश भी शुक्रवार को बरामद कर लिया। कुशेश्वरस्थान पूर्वी से मिली जानकारी के मुताबिक थाना क्षेत्र के केवटगामा पंचायत के केवटगामा गाँव के अशोक यादव कि एक नौ वर्षीय पुत्री काजु कुमारी एवं सात वर्षीय पुत्री कल्पना कुमारी कि बाढ़ के पानी में डूबने से मौत हो गई। बताया जाता है पशु के चारा लेकर घर आ रही थी कि घर से पश्चिम सड़क किनारे तेज बहाव में पैर फिसल जाने से अधिक पानी में चली गयी और डूब गई। मृतका के पिता अशोक यादव माता सोनीया देवी को दो पुत्र एवं पॉच पुत्री थी। जिसमे दो पुत्री कि मौत से परिवार में कोहराम मच गया है। आस पास के लोगों में बाढ़ का भय एवं मायूसी छाया हुआ है । थाना अध्यक्ष मनीष कुमार ने बताया कि सुचना मिलते ही घटना स्थल पर पहुँच कर शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया गया है। इधर नहाने के क्रम में अलीनगर प्रखंड मे बाढ़ के पानी में डूबने से 15 वर्षीय बालक की मौत हो गई। हालांकि शुक्रवार को जिला प्रशासन ने जिले में 11 लोगों के बाढ़ के दौरान मौत होने की पुष्टि की है। जिले में बाढ़ के दौरान डूबने से मरने वालों की संख्या एक दर्जन से अधिक हो चुकी है। केवटी से मिली सूचना के अनुसार मझिगामा गांव में एक लड़का की मौत शुक्रवार को बाढ़ के पानी में डूबकर हो गई । मृतक उक्त गांव के केदार नाथ झा का पुत्र रितेश कुमार झा ( 18 ) है। घटना के संबंध में बताया गया हैं कि दोपहर करीब दो बजे दोस्तों के साथ वह टियूशन पढ़ने क्यामचक जा रहा था । उसी क्रम में मझिगामा गांव में बन रहे पंचायत सरकार भवन स्थित पुल के निकट बाढ़ के पानी के बहाव स्थल के पास पांव फिसलने से वह अघिक पानी में चला गया । तैरने नहीं आने के कारण वह निकल नहीं सका। शव अभी तक नहीं मिल पाया है।

यह भी पढ़े  भारत बंद :पटना में बंद समर्थकों का उत्पात, सड़क जाम कर गाड़ियों के शीशे तोड़े

गायघाट के गुढ़िहारी में बागमती का सुरक्षा बांध टूटा

दूसरे जगहों पर बागमती के जल स्तर में कमी हो रही है। लेकिन गायघाट में बागमती के जल स्तर में हो रही लगातार वृद्धि से क्षेत्र के नए इलाके में बाढ़ के पानी का फैलना जारी है। सुस्ता पंचायत के गोढिहारी में बागमती पर बने सुरक्षा बांध टूटने से आधा दर्जन गांवों में पानी फैल गया। इससे उक्त गांव के लोग दहशत में है। बता दे कि पानी पागा से गोढिहारी जाने वाली सुरक्षा बांध टूट गया। करीब 20 फीट में टूटे बांध से तेज गति से पानी का बहाव हो रहा है जो पागा, टोंक, सुस्ता व बदेया में प्रवेश कर गया। वहां के लोग घर से पलायन कर ऊंचे स्थान पर जा रहे हैं। पानी की गति को देख इन गांवों के लोग दहशत में हैं। पंचायत की मुखिया गीता देवी सीओ पर आरोप लगाया कि उसने पूर्व में ही सीओ को उक्त सुरक्षा बांध की मरम्मत कराने का अनुरोध किया था। मुखिया ने बताया कि प्रशासन की ओर से अब तक किसी प्रकार का राहत कार्य नहीं चलाया गया है।

यह भी पढ़े  ओडिशा में ईस्टर्न जोनल काउंसिल की बैठक,नीतीश कुमार ने की विशेष पैकेज की मांग

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here