आजकल सोशल मीडिया कुछ ज्यादा ही एक्टिव है और उसका परिणाम भी मालूम है.

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बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने माना है कि राज्य में हत्या के मामलों में वृद्धि हुई है लेकिन अन्य अपराध से जुड़े अन्य मामलों में कमी आई है. गुरुवार को विधानसभा में गृह विभाग के बजट जवाब देते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि राज्य में अपराध की घटनाएं न हों, इनकी रोकथाम के लिए मैं निरंतर प्रयास करता रहता हूं.

2018-2019 के आंकड़ों का दिया हवाला

नीतीश ने कहा कि मैं सदन को बताना चाहूंगा कि अपराध से जुड़े अधिकांश मामलों में कमी आई है तो कुछ मामलों में वृद्धि हुई है. साल 2018 से 2019 की तुलना करें तो चोरी, डकैती, रेप और सांप्रदायिक घटना में कमी आ रही है. फिरौती जैसे मामले कम हुए हैं लेकिन हत्या जैसे मामलों में वृद्धि हुई है. सदन में दंगा की परिभाषा समझाते हुए नीतीश ने कहा कि कम्यूनल मतलब दंगा नहीं होता है. ये समाज के दो अलग जाति-धर्म की लड़ाई नहीं होती है. जहां तक बिहार की बात है तो बिहार में सामान्य दंगे के मामले में कमी आई है.

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बदल रहा है समाज का माहौल

नीतीश कुमार ने कहा कि आज हमारे समाज में सौहार्द का वातावरण बन रहा है और लोग आपस में मिल-जुल कर रह रहे हैं. इसका सीधा असर अपराध की रोकथाम पर भी हो रहा है. सोशल मीडिया पर निशाना साधते हुए सीएम ने कहा कि आजकल सोशल मीडिया कुछ ज्यादा ही एक्टिव है और उसका परिणाम भी मालूम है. नीतीश ने विधानसभा में अपराध से जुड़े आंकड़ों को जारी करते हुए कहा कि पहले जहां अपहरण के केस ज्यादा आते थे, वहीं अब अपहरण के मामले कम आ रहे हैं. साथ ही ऐसे केसों में पुलिस की सफलता का प्रतिशत भी काफी बेहतर है.

विपक्ष ने साधा था निशाना

मालूम हो कि बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र में विपक्ष लॉ एंड ऑर्डर के मुद्दे पर सरकार को लगातार घेर रही है. राज्य में बढ़ती आपराधिक घटनाओं को लेकर नीतीश के सहयोगी बीजेपी के कई नेता भी सीएम और राज्य की शासन व्यवस्था पर सवाल खड़े कर चुके हैं.

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