मदरसा शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष के खिलाफ संगठनों ने खोला मोर्चा

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बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष अब्दूल कैयूम अंसारी द्वारा की गयी हिटलरशाही,मनमानी और वित्तीय अनियमितता के खिलाफ विभिन्न संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। इस मामले में उच्चस्तरीय कमेटी गठित कर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से अविलंब इसकी जांच कराकर दोषी अध्यक्ष के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए हटाने की मांग की है। यह बातें शनिवार को मदरसा डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन के सचिव महताब आलम, मदरसा ओल्ड ब्यॉज एसो. के अध्यक्ष अब्दुल कुद्दुस, मदरसा स्टूडेंट्स यूनियन के महासचिव दानिश आबदीन और ऑल बिहार मदरसा टीर्चस यूनियन के सचिव अहमद्दुल्लाह ने प्रेस कॉफ्रेंस के दौरान कही। नेताओं ने कहा कि अगर अध्यक्ष की मनमानी और हिटलरशाही के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गयी तो एक सप्ताह बाद राजधानी में बड़े आंदोलन का आगाज किया जायेगा। प्रेस कॉफ्रेंस के दौरान टीर्चस एसोसिएशन और स्टूडेंट्स यूनियन के नेताओं ने कहा कि अध्यक्ष बनने के दूसरे ही दिन यानी एक फरवरी 2019 से 10 फरवरी 2019 के दौरान उन्होंने मनमाने ढ़ग से 28 लोगों की विभिन्न पदों पर बहाली कर दी है। इस बहाली में अध्यक्ष ने अपने पुत्र मोजाहिद व शाहिद, नफीस (दामाद), रजिया, अय्यूब, आदिल, रशीद आलम, अरशद अजीज, अख्तर आलम, सुमन कुमार, तबरेज आदि अपने रिश्तेदारों और नजदीकी को नियुक्त किया। उक्त सभी लोगों को वेतन के रूप में प्रति महीने 22,000 से लेकर 49,000 रपए तक भुगतान किया जा रहा है। नेताओं ने बताया कि हद तो यह कि अध्यक्ष बनने के दूसरे ही दिन पटना बोर्ड कार्यालय में पूर्व से दो गाड़ी रहने के बावजूद एक टाटा सफारी की खरीददारी की गयी। उसके बाद एक और एक्सयूवी गाड़ी भी खरीदी गयी। मनमाने ढ़ग से अध्यक्ष ने काफी पुराने बिहार के 17 मदरसों की संबद्धता रद्द कर दी। अध्यक्ष के उक्त कारनामे से राज्य सरकार के करोड़ों रूपए राजस्व की अनियमितता की गयी है। नेताओं ने कहा कि बोर्ड के प्रावधान के अनुसार उक्त कार्य के लिए बोर्ड की बैठक कर ही सर्वसम्मति से निर्णय लिया जा सकता है। 31 जनवरी 2019 को अध्यक्ष बनने के बाद अब तक एक बार भी उन्होंने बोर्ड की बैठक आहूत नहीं की है। जबकि बिहार राज्य शिया वक्फ बोर्ड,पटना के अध्यक्ष,अरबी फारसी शोध संस्थान,पटना के निदेशक, राजकीय मदरसा इस्लामिया शम्सुल होदा, पटना के प्राचार्य और बिहार राज्य सुन्नी वक्फ बोर्ड,पटना के अध्यक्ष (उक्त सभी बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड के पदेन सदस्य हैं) ने 3 मई को बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड के सचिव को पत्र लिखकर एक फरवरी से 06 फरवरी 2019 के एजेंडे की समीक्षात्मक बैठक का आयोजन करने के लिए पत्र लिखा। पदेन सदस्यों द्वारा लिखे गए पत्र में अंकित है कि एजेंडों पर बोर्ड के सदस्यों की बगैर सहमति कार्य किए जा रहे हैं और इस प्रचार यह किया जा रहा है कि सभी कार्य बोर्ड के सदस्यों की सहमति से किए जा रहे हैं। ऐसे में एक सप्ताह के अंदर बोर्ड सदस्यों की समीक्षात्मक बैठक बुलाना अनिवार्य है। विदित हो कि राज्य सरकार की ओर से 08 मार्च 2019 को जारी अधिसूचना के अनुसार बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड में अध्यक्ष, पांच पदेन सदस्यों समेत सात अन्य सदस्यों की नियुक्ति की।

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