राजनीतिक माहौल और इफ्तार

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बिहार में इस समय राजनीतिक माहौल और इफ्तार का अजब संयोग बना हुआ है और हालात ऐसे हैं कि हर इफ्तार पार्टी कोई न कोई खबर लेकर आती है जिसके सियासी मायने निकाले जाने शुरू हो जाते हैं. दरअसल लोकसभा चुनाव के चलते आचार संहिता लगी हुई थी और जिसकी वजह से रमजान के महीने में कोई भी नेता इफ्तार नहीं दे सका. अब चुनाव के साथ ही रमजान का महीना भी खत्म होने को आया है. अनुमान लगाया जा रहा कि 5 या 6 जून को ईद है. अब इन्हीं दो-चार दिनों में सभी नेता इफ्तार पार्टी निपटाना चाहते हैं. हालात यह है कि पटना में एक दिन में दो से तीन इफ्तार पार्टियां आयोजित की जा रही हैं और जिस भी इफ्तार में कोई नेता नहीं पहुंच पाता है कि वह खबरों में आ जाता है. अब रविवार को उप मुख्यमंत्री और बिहार में बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी की ओर से इफ्तार का आयोजन किया गया. इसमें केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, शाहनवाज हुसैन सहित कई नेताओं ने हिस्सा लिया. इसके तुरंत बाद जेडीयू की ओर से इफ्तार का आयोजन किया गया. इसमें बिहार के सीएम नीतीश कुमार, केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान और यहां तक जीतनराम मांझी ने भी हिस्सा लिया.
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जीतनराम मांझी जेडीयू के इफ्तार में आने से पहले आरजेडी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की ओर से आयोजित इफ्तार में हिस्सा ले चुके थे. इस इफ्तार में महागठबंधन के नेता मौजूद थे लेकिन यहां तेजस्वी की गैरमौजूदगी ने सबको चौंका रही थी. लेकिन इन इफ्तार पार्टियों के बीच एक घटना को लेकर कयासबाजी शुरू हो गई. दरअसल हुआ यह है कि बीजेपी और जेडीयू की इफ्तार पार्टी भी हुई थी. जेडीयू के इफ्तार में न तो बीजेपी का नेता दिखा और जेडीयू के इफ्तार में न बीजेपी का नेता. माना जाने लगा कि दोनों पार्टियों के बीच दूरियां बढ़ती जा रही हैं. क्योंकि मोदी मंत्रिमंडल में जहां जेडीयू ने शामिल होने से मना कर दिया था तो दूसरी ओर नीतीश के कैबिनेट विस्तार में बीजेपी को जगह नहीं मिली है. लेकिन इफ्तार में न जाना कोई बड़ी बात नहीं थी कि क्योंकि लगातार हो रही है इफ्तार पार्टियों में नेता एक दूसरे से मुलाकात कर रही हैं.

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दूसरी ओर केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने कहा कि एनडीए में कोई विवाद नहीं है. मंत्रिमंडल में जेडीयू के शामिल होने को लेकर जो भी समस्या है, जल्द ही उसका समाधान कर लिया जाएगा. पासवान ने कहा कि नीतीश कुमार पहले भी एनडीए का चेहरा थे और आगे भी रहेंगे. हालांकि एनडीए में सहयोगी रामविलास पासवान को उम्मीद है कि मामले का समाधान हो जाएगा. इस मामले में नीतीश कुमार और उप सुशील कुमार मोदी दोनों ही सफाई दे चुके हैं. इसी बीच जेडीयू के महासचिव केसी त्यागी ने कह दिया कि जेडीयू अब भविष्य में कभी एनडीए के मंत्रिमंडल में शामिल नहीं होगी. आपको बता दें कि आज भी पटना में तीन मुख्य इफ्तार पार्टियां आयोजित की जा रही हैं.

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