तेजप्रताप का आज से शुरू होने वाला जनता दरबार लगने से पहले ही रद्द

0
117

लालू प्रसाद के बड़े लाल तेजप्रताप यादव जनता की समस्याओं को सुलझाने के लिए एक बार फिर से जनता दरबार शुरू करने आले थे । लेकिन कुछ वजहों के चलते उन्होंने इस कार्यक्रम को रद्द कर दिया है. बताया जा रहा है कि इस जनता दरबार में तेजप्रताप आमलोग के साथ-साथ पार्टी के कार्यकर्ताओं की समस्या भी सुनने वाले थे.

यह पहले से तय माना जा रहा था  की वे परेशानी को जितना सुलझाने की कोशिश करेंगे उससे अधिक भाई और परिवार की समस्याएं बढाते जायेंगे । बताया जा रहा है कि तेजप्रताप लोकसभा चुनाव में हुए हार की समीक्षा भी करेंगे. कार्यकर्ताओं से जानेंगे कि चुनाव में कहां चूक हुई, जिससे आरजेडी की लोकसभा चुनावों में इतनी बड़ी हार हुई है.

इस बार बिहार में लोकसभा चुनाव में राजद को ऐतिहासिक हार का सामना करना पड़ा है। पार्टी को इस बार ऐसी हार मिली है कि स्टार प्रचारक तेजस्वी यादव सहित सभी नेताओं को पैर के नीचे से जमीन खिसक गई है। राजद की बड़ी हार के बाद बड़े नेताओं के चेहरे पर हवाइयां उड़ रही है। इस बार कांग्रेस तो 1 सीट जीतने में कामयाब भी हो गयी, लेकिन राजद का खाता भी नहीं खुल सका। लिहाजा सबके निशाने पर लालू के छोटे लाल और महागठबंधन के स्टार प्रचारक तेजस्वी यादव आ गए हैं। कांग्रेस ने तो तेजस्वी की घेराबंदी भी शुरू कर दी है।

यह भी पढ़े  बिहार बोर्ड ने एसएसपी को किया सम्मानित

उधर, चुनाव परिणाम से ठीक पहले तेजप्रताप यादव वृंदावन और मथुरा चले गये थे। वहां से लौटने के बाद वे कल से जनता दरबार शुरू करने वाले हैं। इस बार तेजप्रताप यादव को सीट बंटवारे में तवज्जो नहीं मिली थी। तवज्जो नहीं मिलने से नाराज तेजप्रताप ने बगावत कर दी थी और शिवहर व जहानाबाद में अपने उम्मीदवार भी उतार दिए थे। वहीं तेजप्रताप ने अपने ससुर एवं छपरा से राजद उम्मीदवार चंद्रिका राय के खिलाफ भी बगवात कर दी। उन्होंने पार्टी नेतृत्व से उम्मीदवार बदलने की मांग कर दी थी। तेजस्वी यादव की तरफ से उनकी बात को दरकिनार करने के बाद तेजप्रताप ने अपना दर्द साझा किया था और कविता के माध्यम से उसे सार्वजनिक भी कर दिया था। तेजप्रताप ने तेजस्वी को दुयरेधन करार देते हुए कहा था कि- दुयरेधन वह भी दे न सका, शीष समाज का ले न सका। उल्टे हरि को बांधने चला, जो था असाध्य साधने चला। जब नाश मनुज पर छाता है पहले विवेक मर जाता है। अब जबकि चुनाव परिणाम आ गए हैं और तेजस्वी के हाथ में पछतावा के अलावा कुछ भी हासिल नहीं हो सका। लिहाजा तेजप्रताप यादव के तेवर और भी तल्ख हो सकते हैं। जनता दरबार में वे खुलकर राजद की हार पर तेजस्वी पर निशाना साध सकते हैं। तेजप्रताप के मुंह खोलने के बाद तेजस्वी के लिए मुश्किल खड़ी हो सकती है। राजद के इतिहास में पहली बार जीरो पर आउट होने के बाद तेजप्रताप के तेवर में तल्खी बढ़ने के पूरे आसार हैं।

यह भी पढ़े  स्वामी अग्निवेश ने दिया जदयू से इस्तीफा

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here