21वीं शताब्दी में हम चाहकर भी इसे दरकिनार नहीं कर सकते

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बिहार के छह विविद्यालयों – पटना विविद्यालय, पटना, मगध विविद्यालय, बोधगया, बीआर अम्बेडकर बिहार विविद्यालय, मुजफ्फरपुर, पाटलिपुत्र विविद्यालय, पटना, आर्यभट्ट ज्ञान विविद्यालय, पटना तथा वीर कुंवर सिंह विविद्यालय, आरा से आए हुए प्रधानाचायरे, नैक विशेषज्ञों तथा तकनीकी विशेषज्ञों, राजभवन एवं सरकार के नोडल पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए पाटलिपुत्र विविद्यालय के कुलपति प्रो. गुलाबचन्द राम जायसवाल ने कहा कि डिजिटाइजेशन एक ऐसी छतरी की तरह है जो हमारे ज्ञान के आकाश पर पूरी तरह आच्छादित हो चुका है। 21वीं शताब्दी में हम चाहकर भी इसे दरकिनार नहीं कर सकते।प्रतिकुलपति प्रो. जीके चौधरी ने विस्तार से सेमेस्टर सिस्टम एवं ऑनलाइन की प्रक्रिया को समझाया। प्रो. सीएल खत्री ने ‘‘स्वयं’, प्रो. तृप्ति गंगवार ने ‘‘स्वयंप्रभा’, डॉ. आरके शर्मा ने ‘‘एनडीएल,’ डॉ. सीमा शर्मा ने ई-यंत्रा, डॉ. तनुजा ने ‘‘वर्चुअल लैब’, तथा डॉ. अरुण कुमार ने ‘‘फॉस्सी’ एवं स्पोकेन ट्यूटोरियल को पावर प्वाइंट प्रजेन्टेशन देकर उपस्थित सदस्यों को बताया। पाटलिपुत्र विविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ. बीके मंगलम ने बताया कि भारत सरकार और राजभवन के संयुक्त तत्वावधान में 11 एवं 12 अप्रैल 2019 को ‘‘उच्च शिक्षा में डिजिटल पहल’ पर जो सेमिनार होने जा रहा है, उसका मुख्य संयोजक पाटलिपुत्र विविद्यालय है। इसलिए पाटलिपुत्र विविद्यालय बिहार के तमाम प्रतिभागियों को मुख्य सेमिनार से पहले कार्यशाला आयोजित कर उन्हें सारी जानकारियों से अवगत करा रहा है। इस अवसर पर कुलसचिव कर्नल आईके खान, एएन कॉलेज, पटना के प्राचार्य डॉ. शशि प्रताप शाही, साइंस कॉलेज, पटना के प्राचार्य प्रो. केसी सिन्हा एवं गया कॉलेज, गया के प्राचार्य प्रो. दिनेश चन्द्र यादव उपस्थित थे।

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