योजनाओं के क्रियान्वयन में शिथिलता बर्दाश्त नहीं : मंत्री

0
107

ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने सोमवार को विभागीय समीक्षा बैठक की। बैठक में ग्रामीण विकास विभाग के पदाधिकारियों के साथ-साथ सभी उप विकास आयुक्तों ने भी भाग लिया। मंत्री ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि ग्रामीण विकास विभाग के योजनाओं के क्रियान्वयन में शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के क्रियान्वयन को लेकर उप विकास आयुक्तों को जमकर फटकार भी लगाई।मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 11,76,617 लाभुकों के लक्ष्य के विरुद्ध अबतक लगभग 9 लाख 7 हजार लाभुकों को प्रथम किस्त की राशि दी गयी है जबकि तृतीय किस्त की राशि प्राप्त करने वाले लगभग 3 लाख 20 हजार लाभुक मात्र हैं। उन्होंने पदाधिकारियों को आवास पूर्ण कराने को गंभीरता से लेने और किस्तवार राशि विमुक्त करने की हिदायत दी। उन्होंने सभी उप विकास आयुक्तों को आवास योजना के लाभुकों को नियमानुकूल प्रत्येक स्तर पर मनरेगा से मजदूरी का भुगतान ससमय सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। प्रखंड विकास पदाधिकारी, सभी आवास पर्यवेक्षक एवं ग्रामीण आवास सहायकों से मोबाइल पर उनके द्वारा किये गये आवासों के निरीक्षण आदि दैनिक कायरे की जानकारी प्रतिदिन प्राप्त करने को कहा। उप विकास आयुक्तों को दैनिक प्रगति से अवगत होते हुए प्रथम किस्त एवं द्वितीय किस्त तथा द्वितीय किस्त एवं तृतीय किस्त के अंतर को कम करने का आदेश दिया। मंत्री ने सांसद आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत चयनित गांव में समुचित विकास के लिए सभी पदाधिकारियों को हिदायत दी। राज्य सरकार एवं केन्द्र सरकार की जो भी योजनाएं संभव हो चयनित गांव में कार्यान्वित कर उसे धरातल पर उतारने की दिशा में शीघ्र पहल करने का निर्देश दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना के कार्यान्वयन हेतु लाभुकों के चयन में तेजी लाने का निर्देश दिया। साथ ही मुख्यमंत्री वास स्थल क्रय योजना में प्रगति के लिए अंचलाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर शीघ्र ही इसमें अपेक्षित प्रगति लाने का निर्देश दिया गया। उन्होंने मनरेगा योजना के कार्यान्वयन में मानव दिवस के सृजन में राज्य स्तर पर प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। 86 फीसद सक्रिय मजदूरों का नरेगा सॉफ्ट पर आधार सीडिंग कर दिया गया है तथा ससमय 88 फीसद मजदूरी का भुगतान किया जा रहा है। वावजूद इसके अबतक 1 करोड़ 92 लाख रुपये विलंब क्षतिपूर्ति भत्ता के रूप में मजदूरों को भुगतान किया गया है। विलंबित मजदूरी भुगतान पर नियंतण्रके लिए जवावदेह पदाधिकारियों व कर्मियों को चिन्हित कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि मनरेगा योजना से इस वित्तीय वर्ष में 1 करोड़ 53 लाख मानव दिवस सृजित हुए हैं। मनरेगा योजनाओं की पूर्णता की निराशाजनक स्थिति में सुधार लाने एवं अपूर्ण योजनाओं को शीघ्र पूर्ण कराने का निर्देश देते हुए कहा कि स्कूल की चहारदीवारी, पंचायत सरकार भवन की चहारदीवारी, खेल का मैदान, पशु शेड, मुर्गी पालन आदि पर विशेष ध्यान दिया जाय, जिससे कि रोजगार सृजन के साथ-साथ स्थाई परिसम्पति का सृजन हो सके। मंत्री ने कहा कि राज्य के सभी जिलों में शौचालय विहीन सव्रेक्षित परिवार शौचालय से आच्छादित हो चुके हैं। उन्होंने जीओ टैगिंग एवं भुगतान की स्थिति पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने भौतिक सत्यापन कर शीघ्र ही शौचालय का जीओ टैगिंग करते हुए प्रोत्साहन राशि के भुगतान में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने शौच व्यवहार परिवर्तन के लिए पहल करने की आवश्यकता पर बल देते हुए सभी उपविकास आयुक्तों तथा प्रखंड विकास पदाधिकारियों को शीघ्र ही समुचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। सतत जीविकोपार्जन योजना के तहत यथाशीघ्र लाभुकों का चयन कर उन्हें जीविकोपार्जन की राशि यथाशीघ्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया ताकि शराब एवं ताड़ी पर निर्भर रहने वाले परिवार खुद का रोजगार कर सकें। बैठक में ग्रामीण विकास मंत्री के साथ-साथ विभागीय सचिव अरविन्द चौधरी, संयुक्त सचिव कंवल तनुज, सभी उप विकास आयुक्त आदि पदाधिकारी मौजूद थे।

यह भी पढ़े  बिहार के लोगों पर अब महंगाई की मार पड़ी है. हरी सब्जियों के दाम आसमान पर

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here