अलविदा 2018: भ्रष्टाचारियों के लिए शामत साबित हुआ 2018

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वर्ष 2018 कई घटनाओं के लिए याद किया जाएगा। कई मायने में यह वर्ष प्रदेश की जनता के लिए खुशियां लाया तो भ्रष्टाचारियों, अपराधियों व कुछ नेताओं के लिए शामत बनकर आया। विरोधी दल कानून व्यवस्था को लेकर साल भर हाय तौबा मचाते रहे पर उन्हीं विरोधी दलों में राजद के विधायक राजबल्लभ यादव को बालात्कार मामले में उम्र कैद की सजा मिली। इंफ्रास्ट्रक्चर/पथ निर्माण विभाग मौजूदा एनडीए सरकार ने सड़क व बिजली के मामले में हमेशा स्कोर खड़ा करने का दावा किया है। इस दिशा में सरकार की रफ्तार भले ही पहले से कमजोर हो पर जनता को कुछ न कुछ सौगात अवश्य मिला है। वर्ष 2018 में भी प्रदेश की जनता को कई सौगात मिली है। हाल ही में 27 दिसंबर को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कोसी नदी पर 404 करोड़ से निर्मित बलुआहा घाट पुल से गंडौल (बिरौल तक) के बीच पुल का उद्घाटन किया। इस पुल के बन जाने से सहरसा व दरभंगा के बीच दूरी कम हो गई है। कुशेश्वर स्थान से खगड़िया के बीच का फासला 80 किलोमीटर कम करने के लिए कुशेश्वर स्थान से फुलतेरा घाट के बीच 391 करोड़ की लागत से सड़क व 7 बड़े पुलों का शिलान्यास भी किया गया है। राज्य मंत्रिपरिषद की मंजूरी के बाद गांधी सेतु के समानांतर बनने वाले नए पुल को भी केन्द्र सरकार ने झंडी दे दी है। फरवरी 2019 से इस पुल का निर्माण शुरू हो जाने की उम्मीद है। मौजूदा वित्तीय वर्ष में पथ निर्माण के लिए राज्य सरकार ने 5703.39 करोड़ राशि की मंजूरी दी है।स्वास्य विभागस्वास्य के क्षेत्र में इस वर्ष देशभर में लागू आयुष्मान भारत योजना सरकार की बड़ी उपलब्धियों में शुमार है। अभी इस योजना को शुरू हुए तीन महीने भी नहीं बीते हैं और इसके तहत टेलीमेडिसिन और नई तकनीकी को अपनाने से देश की हेल्थकेयर इंडस्ट्री में रोजगार के हजारों अवसर बने हैं। आयुष्मान भारत योजना के तहत देश के 10 करोड़ परिवारों यानी 50 करोड़ से अधिक गरीबों को सालाना पांच लाख रुपये की नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है, जिससे देश के छोटे-छोटे शहरों में भी हेल्थ सेक्टर का विकास हो रहा है और रोजगार के बंपर मौके सृजित हो रहे हैं। पहले जहां गरीब और कम आय के लोग पैसे के अभाव में समुचित इलाज से कतराते थे, वहीं इस योजना के बाद वह छोटी बीमारियों में भी डॉक्टरों के पास जाने लगे हैं। अभी इस योजना के प्रथम चरण में 10 करोड़ लोगों को शामिल किया गया है, जिसमे 1.08 करोड़ लोग सिर्फ बिहार से हैं। लाभार्थियों को पांच लाख की बीमा मुफ्त में मिल रही है।उर्जा विभाग उर्जा क्षेत्र में यदि उपलब्धि की बात आएगी तो वर्ष 2018 को यादगार वर्ष के रूप में गिना जाएगा। इस वर्ष राज्य सरकार ने हर घर बिजली पहुंचाकर अपने वादा को पूरा किया है। इस वर्ष अक्टूबर महीने में ही हर घर बिजली पहुंचा दी गई है। बिहार के सभी इच्छुक 1.19 करोड़ घरों में बिजली गई है। राज्य सरकार ने बरौनी, कांटी व नवीनगर विजलीघरों को एनटीपीसी को सौंप दिया है।समाज कल्याण विभागमुजफ्फरपुर स्थित अल्पावास में 34 बच्चियों के साथ बलात्कार की घटना वर्ष 2018 में सुर्खियों में रही। बिहार की राजनीति में तब एक और भूचाल आ गया जब मुंबई के टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (टीआईएसएस) की सामाजिक अंकेक्षण रिपोर्ट के आधार पर मुजफ्फरपुर बालिका अल्पावास गृह में रहने वाली 34 बच्चियों के साथ यौन शोषण होने का मामला उजागर हुआ। इस मामले में अल्पावास गृह चलाने वाले गैर सरकारी संगठन सेवा संकल्प एवं विकास समिति के संचालक समेत 11 लोगों के खिलाफ मुजफ्फरपुर महिला थाने में 31 मई को प्राथमिकी दर्ज कराई गई और 48 घंटे के भीतर संचालक सह मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर समेत 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। नीतीश सरकार ने यौन शोषण मामले में कार्रवाई करने में देर करने के आरोप में समाज कल्याण विभाग के सहायक निदेशक दिवेश कुमार शर्मा समेत 13 अधिकारियों को निलंबित कर दिया। मुख्यमंत्री कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुये 26 जुलाई को इसकी जांच सीबीआई से कराने का निर्देश दिया। चर्चित घटनाराजद के लिए 24 जनवरी का दिन फिर मुसीबत बनकर आया जब चाईबासा कोषागार से 33.62 करोड़ रुपये की अवैध निकासी (चारा घोटाला) के मामले में रांची स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने लालू प्रसाद एवं पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा को पांच-पांच वर्ष सश्रम कारावास के साथ ही 10-10 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। इससे पहले कि इस मुद्दे पर आरोप-प्रत्यारोप शुरू होता श्री यादव के राजनीतिक उत्तराधिकारी माने जाने वाले तेजस्वी यादव 24 जनवरी को ही अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ राजभवन पहुंचे और तत्कालीन राज्यपाल सत्यपाल मलिक से राज्य की बिगड़ती कानून-व्यवस्था और दलितों के खिलाफ हो रहे अत्याचार की शिकायत कर नीतीश सरकार को अविलंब बर्खास्त करने की मांग कर दी। तेजस्वी यहीं नहीं रुके, वह अपने परिवार पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों का जवाब यह कहकर देते रहे कि वह अन्याय, आतंक, सामंतवाद एवं देश में नफरत फैलाने वाली शक्तियों से डरने वाले नहीं हैं और गरीबों तथा वंचितों के न्याय के लिये जो भी कुर्बानी देनी होगी, वह देंगे।उपचुनावइस वर्ष लोकसभा की एक और विधानसभा की दो सीटों पर हुए उपचुनाव के 14 मार्च को आये परिणाम ने राजद, पार्टी सुप्रीमो, उनके परिवार और तेजस्वी को थोड़ी राहत दी। अररिया लोकसभा सीट और जहानाबाद विधानसभा सीट पर राजद प्रत्याशी जबकि भभुआ विधानसभा सीट पर भाजपा उम्मीदवार विजयी रहे। राजनीतिक विश्लेषकों ने माना कि महागठबंधन टूटने और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की नयी सरकार बनने के बाद पहले शक्ति परीक्षण के रूप में देखे जा रहे इस उपचुनाव में दो-एक से मिली जीत ने राजद को नये जोश से भर दिया है। वहीं, भाजपा अपने कब्जे वाली भभुआ सीट को बरकरार रखकर प्रतिष्ठा बचाने में कामयाब रही।

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