स्पाइ एप से हो जायेगा डेटा चोरी, व्हाट्सएप पर अनजान लिंक को नहीं करें ओपन

0
251
साइबर क्राइम और हैकर्स की चुनौतियों का अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर सामना कर रहे साइबर एक्सपर्ट की राय यह है कि जागरूक रहें. सोशल मीडिया, ऑन लाइन बैंकिंग, इ-मेल तथा तमाम तरह के एप का इस्तेमाल जितना ज्यादा करते हैं, उतनी ही आशंका चीटिंग की भी रहती है. इन्हीं मुद्दों पर खास जानकारी बिहार के साइबर क्राइम सेल के एसपी सुशील कुमार ने दिए .
उन्होंने बताया कि अगर आपके व्हाट्सएप नंबर पर किसी अनजान नंबर से कोई लिंक भेजा जाता है, जो आपके मतलब का नहीं है तो उसे ओपन नहीं करें. उसे सीधा डिलिट कर दें. इस तरह के लिंक को ओपन करने से स्पाइ एप के जरिये आपके मोबाइल फोन का डाटा दूसरे के पास चला जायेगा. फिर डाटा चोरी होने के बाद ऑनलाइन फ्रॉड के आप शिकार हो सकते हैं. एक सवाल के जवाब में एसपी सुशील कुमार ने कहा कि कि व्हाट्सएप से किये जाने वाले फोन भी ट्रैक होते हैं लेकिन थोड़ा वक्त लगता है.
व्हाट्सएप के जरिये होने वाले अपराध की जांच के लिए एलएमटी के माध्यम से जाना होता है. व्हाट्सएप का कार्यालय अभी कैलिफोर्निया में है, इसलिए दिक्कत होती है लेकिन 2019 में व्हाट्सएप का कार्यालय भारत के हैदराबाद में खुल जायेगा. फिर डिटेक्शन आसान हो जायेगा.
टीएनआइ जैसे एप का करें इस्तेमाल, इमेज को करें चेक
सरकारी आंकड़े के अनुसार देश भर में सिर्फ एफबी के यूजर्स 24 करोड़ हैं. इनमें 84 प्रतिशत लोग ऐसे हैं जो माेबाइल फोन से एफबी चलाते हैं. यूजर्स को चहिए किसी भी इमेज के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए टीएनआई जैसे एप का इस्तेमाल करें. इस एप के जरिये आप जान पायेंगे कि कौन सी इमेज सबसे पहले कहां से जेनरेट हुई है. इमेज के साथ छेड़छाड़ की गयी है या नहीं.
साइबर अपराध पोर्टल का करें इस्तेमाल, वेबसाइट पर जाकर करें शिकायत 
28 नवंबर, 2018 को ही केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को जानकारी दी थी कि साइबर अपराध पोर्टल लांच किया जा चुका है. सुशील ने बताया कि इस पोर्टल के जरिये चाइल्ड पोर्नोग्राफी से जुड़ी शिकायत, इंटरनेट पर बाल यौन उत्पीड़न से जुड़े अपराधों की शिकायत की जा सकती है. शिकायतकर्ता अपनी पहचान छुपा कर शिकायत कर सकता है. बिहार साइबर सेल के पास पोर्टल के माध्यम से 150 केस आ चुके हैं. इनमें से पांच केस सुलझाये जा चुके हैं. अन्य पर काम चल रहा है. शिकायत करने के लिए इसकी वेबसाइट- www.cybercrimegov.i- पर जायें.
एटीएम मशीन में लगे स्किमर और कैमरा से ऐसे करें बचाव
एटीएम मशीन का इस्तेमाल करने से पहले मशीन में कार्ड लगाने वाली जगह को हाथ से छूकर देखें. एक्सपर्ट बताते हैं कि हाथ से छूने पर अगर उसमें कोई स्किमर लगा होगा तो निकल जायेगा. क्योंकि साइबर क्रिमिनल इसमें स्किमर लगा कर उपभोक्ता के एटीएम कार्ड को डाटा चोरी कर लेता है.
इसके अलावा एटीएम में छोटा से कैमरा लगा देते हैं जिससे पासवर्ड की जानकारी उन्हें हो जाती है, इस प्रकिया के बाद कार्ड क्लोनिंग हो जाती है. स्किमर और कैमरा अक्सर वहीं लगाया जाता है जिस एटीएम मशीन के पास गार्ड की व्यवस्था नहीं रहती है.
pk,…
यह भी पढ़े  अब मोबाइल जैसा रिचार्ज करा बिजली का उपयोग कर सकेंगे : CM नीतीश

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here