दिल्ली में आज महागठबंधन की अहम बैठक

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बिहार की सियासत के लिए गुरुवार यानि आज का दिन बड़ा है. लोकसभा चुनाव के पहले मध्यप्रदेश, राजस्थान व छत्तीसगढ़ के चुनावों का परिणाम आते ही भाजपा की अगुआई वाले एनडीए में गहमागहमी बढ़ गयी है. उधर  बिहार में महागठबंधन में शामिल दल सीट बंटवारे को लेकर गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ बैठक करेंगे. इस बैठक में राजद, हम, कांग्रेस व रालोसपा के भी शामिल होने की संभावना है. दिल्ली में हो रही इस बैठक में बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा, पार्टी के बिहार प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल भी मौजूद रहेंगे. उनके अलावा बिहार में महागठबंधन के घटक राजद की ओर से तेजस्वी यादव और हम पार्टी के संरक्षक जीतन राम मांझी भी साथ रहेंगे. उमीद हैं कि इस बैठक में बिहार की लोकसभा सीटों पर बंटवारे को लेकर भी चर्चा होगी.

सूत्रों के मुताबिक आज आऱजेडी नेता तेजस्वी यादव, हम पार्टी के संस्थापक जीतन राम मांझी और बिहार कांग्रेस के प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकते हैं. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में एनडीए से अलग हो चुके राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के महागठबंधन में शामिल होने का एलान किया जा सकता है. सभी की निगाहें उपेंद्र कुशवाहा पर हैं जिन्होंने एनडीए छोड़ने के बाद से अभी तक अपना स्टैंड क्लियर नहीं किया है कि वो महागठबंधन में जाएंगे या नहीं. हालांकि सूत्रों से जो जानकारी मिल रही है उसके मुताबिक राहुल गांधी के समक्ष उपेंद्र कुशवाहा आज ही महागठबंधन का हिस्सा बनेंगे. इस बैठक के बाद सभी नेता एक साथ शाम चार बजे प्रेस कांफ्रेंस करेंगे.

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सीट बंटवारे को लेकर नाराजगी झेल रहे कुशवाहा ने 10 दिसंबर को एनडीए और केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. बता दें कि 15 दिसंबर को दिल्ली में कांग्रेस के सीनियर नेता अहमद पटेल ने उपेंद्र कुशवाहा से मुलाकात की थी. सूत्रों के मुताबिक दोनों नेताओं के बीच छह-सात सीटों पर बात हुई थी. बिहार में लोकसभा की कुल 40 सीटे हैं.

सियासी गलियारे में लंबे वक्त से कयास लगाए जा रहे थे कि कुशवाहा महागठबंधन का दामन थाम सकते हैं. उनके एनडीए छोड़ने से पहले ही कई दफे खुद तेजस्वी यादव ने उन्हें महागठबंधन में शामिल होने का न्यौता दिया था. इन कयासों को तब और बल मिल गया जब जेडीयू और बीजेपी के बीच बराबर-बराबर सीटों पर चुनाव लड़ने के एलान के ठीक बाद तेजस्वी और कुशवाहा की मुलाकात की तस्वीर सामने आई थी. दोनों नेताओं की मुलाकात अलवर के सर्किट हाउस में हुई थी. हालांकि इसे कुशवाहा ने महज एक संयोग बताया था. अब सबकी नजरें कल दिल्ली में होने वाले प्रेस कॉन्फ्रेंस पर टिकी हैं.

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पासवान भी बगावती तेवर दिखा रहे

कुशवाह के जाने के बाद पासवान भी बगावती तेवर दिखा रहे हैं. मंगलवार को ट्विटर पर एनडीए के नाजुक दौर से गुजरने की बात कहने वाले चिराग पासवान एक कदम आगे बढ़ गए हैं. चिराग ने एबीपी न्यूज़ से बातचीत में कहा है कि हमने बीजेपी के सामने कुछ मुद्दे रखे हैं जिनका जल्द समाधान होना चाहिए. 2014 की याद दिलाते हुए चिराग बोले कि ये कोई न समझे कि दबाव की राजनीति कर रहे हैं.

जब चिराग से पूछा कि क्या इस बार भी मुद्दों नहीं सुलझे तो वो एनडीए से बाहर हो जाएंगे तो उन्होंने कहा कि हमें विश्वास है कि मुद्दों का समाधान होगा. बीजेपी की विधानसभा चुनावों में हार पर चिराग ने कहा कि शिकायत या नाराज़गी नहीं, चिंता है. चिंता इस बात की है कि जिस तरह किसानों और युवाओं से वादे किए गए थे वो अगर ज़मीन पर नहीं उतरते हैं तो एक ज़िम्मेदार गठबंधन सहयोगी होने के नाते हमारा ये फ़र्ज़ है कि उन्हें बताएं क्योंकि विपक्ष हमेशा ये अफवाह उड़ाता है. लेकिन हम अगर इन असली मुद्दों को छोड़कर राम मन्दिर जैसे मुद्दों को उठाएंगे तो मामला भटक जाता है. ज़रूरी मुद्दों से ध्यान भटकता है.

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चिराग ने ट्विटर पर क्या लिखा था?
चिराग पासवान ने ट्विटर पर लिखा, ”टीडीपी और आरएलएसपी के एनडीए से जाने के बाद गठबंधन नाज़ुक मोड़ से गुजर रहा है. ऐसे समय में बीजेपी गठबंधन में बचे हुए साथियों की चिंताओं को समय रहते सम्मान पूर्वक तरीके से दूर करे.”

चिराग ने एक दूसरा ट्वीट भी किया, इसमें लिखा, ”गठबंधन की सीटों को लेकर कई बार बीजेपी नेताओं से मुलाकात हुई लेकिन अभी तक ठोस बात आगे नहीं बढ़ पाई है. इस विषय पर समय रहते बात नहीं बनी तो इससे नुकसान भी हो सकता है.”

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