देश को आगे बढ़ाने में युवा शक्ति की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण:मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने युवाओं से अपनी शक्ति का सदुपयोग कर परिवार, समाज, राज्य एवं देश को आगे बढ़ाने का आह्वान करते हुए शनिवार को कहा कि देश को आगे बढ़ाने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने यहां जय प्रकाश उद्यान (सैंडिश कंपाउंड) में भागलपुर रोजगार सह अप्रेंटिस मेला कार्यक्रम का परिभ्रमण किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी के पास समझ की शक्ति है, उसे सही दिशा में लगाएं। युवा शक्ति सही ज्ञान ले रोजगार प्राप्त कर अपने परिवार का भरण पोषण करें।

उन्होंने कहा, ‘‘युवा अपनी शक्ति का सदुपयोग करते हुए परिवार, समाज, राज्य एवं देश को आगे बढ़ाएं। इन युवा शक्तियों के बल पर राज्य एक बार फिर से गौरव के स्थान को प्राप्त करेगा। देश को आगे बढ़ाने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान युग में कौशल विकास का काफी महत्व है। छात्र पढ़ाई करते हैं, ज्ञान प्राप्त करते हैं और आगे उसका उपयोग करते हैं। आज के युवा स्वयं को काम करने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। सभी लोगों को सरकारी नौकरी दे पाना किसी भी सरकार के लिए संभव नहीं हो पाता है। देश में ही नहीं विदेशों में भी यही स्थिति है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में युवाओं की काफी संख्या है और जब वे ‘‘कुशल’ हो जाते हैं तो उन्हें रोजगार का भी अच्छा अवसर मिलेगा। केंद्र सरकार ने कौशल विकास कार्यक्रम चलाया है और राज्य सरकार भी कौशल विकास मिशन के द्वारा इस काम को मिशन मोड में कर रही है। बिहार सरकार ने एक करोड़ युवाओं को हुनरमंद बनाने का लक्ष्य रखा है, इसके लिए सरकार के जितने विभाग हैं, सभी अपने-अपने क्षेत्रों में कौशल विकास की निगरानी कर रहे हैं। युवाओं में कौशल विकसित कर अनेक क्षेत्रों में रोजगार की संभावना पैदा करने के लिए श्रम संसाधन विभाग बेहतर काम कर रहा है।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने सात निश्चय कार्यक्रम के तहत युवाओं के लिए कई काम किये हैं। प्रत्येक अनुमंडल में एएनएम संस्थान और प्रत्येक जिले में जीएनएम संस्थान, प्रत्येक मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग की भी पढ़ाई की व्यवस्था की जा रही है। पांच नए मेडिकल कॉलेज खुलने से राज्य में सरकारी क्षेत्र में 18 मेडिकल कॉलेज हो जाएंगे। राज्य की लड़कियां नर्सिंग का प्रशिक्षण लेकर प्रदेश के अलावा देश एवं विदेशों में भी रोजगार प्राप्त करेंगी।

उन्होंने कहा कि बिहार के युवाओं को इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए बाहर जाना नहीं पड़े, इसके लिए प्रत्येक जिले में इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना की जा रही है। प्रत्येक अनुमंडल में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) और प्रत्येक जिले में महिला आईटीआई की स्थापना की जा रही है। राज्य के सभी प्रखंडों में कुशल युवा केंद्र खोले गये हैं, जिनमें कुशल युवा कार्यक्रम के तहत 240 घंटे में युवाओं को प्रशिक्षित कराया जा रहा है। इसके अंतर्गत कंप्यूटर का ज्ञान, संवाद कौशल एवं व्यवहार कौशल के बारे में जानकारी दी जाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि की पढ़ाई के लिए राज्य सरकार कॉलेज खोल रही है। सबौर कृषि महाविद्यालय को विविद्यालय बनाया गया है। किशनगंज में भी कृषि महाविद्यालय बनाया गया है, जिसमें हॉर्टिकल्चर एवं फिशरीज की पढ़ाई होगी। प्रदेश में इंजीनियरिंग कॉलेज खुल जाने से दूसरे राज्यों के इंजीनियरिंग कॉलेज में नामांकन में कमी आ रही है। पहले बड़ी संख्या में बिहार के छात्र इंजीनियरिंग की पढ़ाई दूसरे राज्यों में जाया करते थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को उच्च शिक्षा के प्रति प्रेरित करने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है। राज्य का सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) 13.9 प्रतिशत जबकि देश का जीईआर 24 प्रतिशत है।

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उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि प्रदेश के युवा इंटर के बाद आगे की पढ़ाई किसी भी क्षेत्र में करें। राज्य सरकार इसके लिए रहने, खाने, पुस्तक खरीदने के साथ-साथ फीस की रकम के लिए राज्य शिक्षा वित्त निगम के माध्यम से चार लाख रुपये तक का स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड दे रही है। उन्होंने कहा कि इस कार्ड के तहत मिलने वाला ऋण चार प्रतिशत के साधारण ब्याज पर यह उपलब्ध होगा, लेकिन लड़कियों, दिव्यांगों एवं ट्रांसजेंडरों को यह एक प्रतिशत की ब्याज दर पर ही उपलब्ध होगा। शिक्षा प्राप्त करने के कुछ महीने बाद यह ऋण लौटाना है लेकिन लौटाने की स्थिति में अक्षम होने पर राज्य सरकार उसे माफ भी कर सकती है। अभिभावकों से भी अपील है कि वे अपने बेटे-बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए भेजें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजगार तलाश करने वाले युवाओं के लिए स्वयं सहायता भत्ता के अंतर्गत दो वर्ष तक एक हजार रुपये प्रति माह की दर से सहायता दी जा रही है, ताकि वे अपना रोजगार हासिल कर सकें और आगे के जीवन यापन में उन्हें सुविधा हो। राज्य के जिन युवाओं में उद्यमिता है वह लोगों को रोजगार दे सकें, इसके लिए वेंचर कैपिटल फंड के द्वारा राज्य सरकार उन्हें मदद कर रही है। सीएम ने कहा कि यहां रिक्रुट, ट्रेंड एंड डिप्लॉय के लिए कंपनियां काम कर रही हैं और अपनी कंपनी में रिक्रुट के पहले ट्रे¨नग भी कराती है। उन्होंने कहा कि श्रम विभाग ने यह प्रस्ताव दिया है कि बिहार के बाहर जिन युवाओं को रोजगार मिल जाता है उन्हें ठहरने, खाने-पीने एवं अन्य सुविधाओं में सहयोग के लिए प्रवास केंद्र खोला जाएगा। पहले दिल्ली, मुंबई में इसकी शुरुआत की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे युवा अपने लक्ष्य पर ध्यान दें।मुख्यमंत्री ने भागलपुर के ऐतिहासिक महत्व की र्चचा करते हुए कहा कि यह ऐतिहासिक होने के साथ-साथ ज्ञान की भूमि है। यहां पहले से ही मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेज एवं अन्य संस्थान हैं। विक्रमशिला को फिर से स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘हाल ही में हम जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर से संबंधित लछुआर पर्वत के क्षत्रिय कुंड गये थे। ऐसे स्थल को देखकर प्रतीत होता है कि यह एक पुरातात्विक स्थल के रूप में उभरेगा।’ मुख्यमंत्री ने राज्य में प्रेम, शांति एवं सद्भाव का माहौल बनाये रखने का आवान करते हुए कहा कि भगवान बुद्ध एवं महावीर ने भी इस धरती से प्रेम, शांति एवं अ¨हसा का संदेश दिया था। गांधी जी ने भी प्रेम, शांति, सद्भाव की बात की थी।

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उन्होंने कहा कि हरेक धर्म के प्रति, हरेक वर्ग के प्रति एक दूसरे के मन में सम्मान का भाव रहे तो बिहार को आगे बढ़ने से कोई रोक नहीं सकता।मुख्यमंत्री ने मेले के परिभ्रमण के दौरान अप्रेंटिशिप मेला, स्किल्ड एक्जीविशन एरिया में युवाओं से मुलाकात की एवं स्टॉलों का अवलोकन किया। कौशल विकास कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षित युवाओं को प्रमाण पत्र भी मुख्यमंी ने प्रदान किया। श्रम संसाधन विभाग द्वारा दिए गए अनुदान का भी वितरण मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों को किया। रोजगार प्राप्त करने वाले कुछ युवाओं को जॉब ऑफर लेटर प्रदान किया गया। विमुक्त बालकों को मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री राहत कोष के अंतर्गत 25 हजार रपए का चेक प्रदान किया।

कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने जिला अतिथि गृह परिसर में वृक्षारोपण किया। कार्यक्रम को जल संसाधन मंत्री सह भागलपुर जिले के प्रभारी मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, श्रम संसाधन मंत्री विजय कुमार सिन्हा, श्रम संसाधन विभाग के प्रधान सचिव दीपक कुमार सिंह ने भी संबोधित किया।

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