डॉक्टर स्निग्धा का मोबाइल सुलझायेगा रहस्यों की गुत्थी

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पटेलनगर के स्नेही पथ मुहल्ले के हर घर के लोगों के चेहरे उदास थे। चेहरे पर गम की लकीरें साफ दिख रही थीं। स्त्री-पुरु ष समेत छोटे बच्चे भी चुपचाप या तो अपने घर के दरवाजे पर खड़े था या फिर पूर्व आईजी उमाशंकर सुधांशु के दरवाजे की ओर निहार रहे थे। लोगों को यह यकीन करना मुश्किल हो रहा था कि जहां से उठनी थी डोली लेकिन सज रही थी अर्थी।स्नेही पथ स्थित स्निग्धा के घर चंद्र विला में लोग जुटे थे। शनिवार को जहां परिवार के लोग तिलक के लिए हंसी-ठिठोली के साथ जुट रहे थे वहीं रविवार को खुशी का स्थान गम ने ले लिया था। शादी के लिए दूर से आए परिवार के लोगों के अलावा आसपास के लोग रविवार को उदास चेहरे व नम आंखों के साथ पूर्व आईजी के घर के अंदर जा रहे थे। आस-पड़ोस की महिलाएं घर की महिला सदस्यों को ढांढस बंधा रही थीं। कुछ महिलाएं रो-रोकर स्निग्धा की उस खुशी का जिक्र कर रही थीं जो वह मेंहदी रचाते वक्त व्यक्त कर रही थीं। वह फरमाईश कर हाथ और पैरों में डिजायन वाली मेंहदी रचाने की बात कर रही थी। उस पल को याद करते ही महिलाएं क्रंदन करने लगती थीं। घर के बाहर पूर्व आईजी के घर के सदस्यों के अलावा उनके मित्र व पुराने सहयोगी बैठे थे। कुछ पुराने कर्मी घर के बाहर दरवाजे पर खड़े होकर मृतका के पिता को दुख की वेला में हिम्मत देने के लिए भगवान से प्रार्थना कर रहे थे। स्निग्धा के परिवार में सभी ऊंचे पदों पर हैं। कोई आईएएस है तो कोई आईपीएस। परिवार के लोग शादी के लिए पटना पहुंच गये थे, कुछ ऑन वे थे कि उन्हें इस दुखद घटना की जानकारी मिली। शव को दाह संस्कार के लिए ले जाते वक्त पूरे मुहल्ले में रोने की आवाजें आ रही थीं। शव लेकर परिवार के पुरु ष सदस्य घाट की ओर जा रहे थे तब गम के माहौल में परिवार के सदस्यों को पड़ोसी संभाल रहे थे।

खुद किशनगंज डीएम भी पहुंचे थे घटनास्थल पर
चारों तरफ हाय-तौबा मच गया. दोनों परिवार में  चल रहा मंगलाचार थम गया. खुशियों की जगह मातम ने ले लिया. दोनों परिवार के  लोग भागे-भागे उदयगिरी अपार्टमेंट पहुंचे. वहां पर डॉक्टर स्निग्धा की लाश  देखकर सब हक्का-बक्का रह गये. परिवार की महिलाएं व खुद किशनगंज डीएम महेंद्र कुमार भी पहुंचे. परिवार वालों को लग रहा था कि काठ मार गया है. आंचल में मुंछ छिपाये महिलाएं सिसकियां भर रहीं थीं. मीडिया के घेरे और सवालों से बचते हुए लोग अपार्टमेंट आते-जाते रहे. यही हालत पटेलनगर लड़की के घर, डीएम महेंद्र के आवास भूतनाथ रोड कंकड़बाग में भी था. इधर पुलिस छानबीन में जुटी रही. जल्दी-जल्दी शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया. दोपहर एक बजे तक घटना स्थल पर जांच-पड़ताल होती रही.
मृतका के घर में डीजी रैंक से लेकर कई बड़े अधिकारी
मृतका के परिवार में कई ओहदेदार लोग हैं. पिता खुद आईपीएस थे. दरभंगा से आईजी की पोस्ट से रिटायर्ड हुए थे. मृतका के जीजा आईएएस हैं. बिहार में ही उनकी पोस्टिंग है. उसके एक मामा यूपी में डीजी रैंक के अधिकारी हैं. इसके अलावा दूसरे मामा चीफ सेक्रेटरी के पद पर हैं. काफी समृद्ध परिवार है. इसलिए डॉक्टर स्निग्धा की शादी भी एक आईएएस से तय हुई थी, लेकिन लड़की को यह रिश्ता मंजूर नहीं था. सूत्राें कि मानें तो वह आईआईटीएन से शादी करना चाहती थी.
 
मेहमानों के आने से बुक हो गये थे शहर के सभी होटल 
इस शादी समारोह में हाईप्रोफाइल लोग शामिल हो रहे थे, क्योंकि आईएएस व आईपीएस परिवार के बीच यह रिश्ता हो रहा था. देश के कोने-कोने से आईएएस, आईपीएस पटना में आये हुए थे. कई मेहमान मौर्या होटल में ठहरे थे. इसके अलावा शहर के सभी बड़े होटल, गेस्ट हाउस बुक थे. वहीं शनिवार को डीएम किशनगंज महेंद्र कुमार के आवास भूतनाथ रोड, कंकड़बाग में सब लोग जमा हुए थे. कंकड़बाग में ही मौजूद भागवत मिलन समारोह के नाम से मौजूद मैरिज हॉल से तिलक समारोह हुआ था.
जिद्दी स्वभाव की थी स्निग्धा… 
डॉक्टर स्निग्धा स्वभाव से जिद्दी लेकिन मेधावी छात्रा थी. कोलकाता के एक मेडिकल कॉलेज से  वह एमबीबीएस करने के बाद पीजी कर रही थी. एक साल पहले डॉक्टर स्निग्धा सुधांशु का आईएएस अफसर महेंद्र कुमार (डीएम किशनगंज) से शादी पक्की हुई और रिंग सेरेमनी भी हो गयी. अब शादी की तैयारी चल रही थी. 8 दिसंबर 2018 को तिलक हुआ और अब 10 दिसंबर 2018  को शादी के लिए दोनों परिवार तैयारियों में जुटा हुआ था. …लेकिन डॉक्टर स्निग्धा के दिलो-दिमाग में क्या चल रहा था, इसे तो बस वही जान रही थी या उसके घरवाले.
इस रिश्ते से नहीं थी खुश 
परिवार से जुड़े सूत्रों कि मानें तो डॉक्टर स्निग्धा इस रिश्ते से खुश नहीं थीं, लेकिन परिवार के दबाव के कारण बात रिंग सेरेमनी और तिलक तक पहुंची. लेकिन डीएम साहब की दुल्हन बनने से पहले डॉक्टर स्निग्धा ने एेसा फैसला लिया कि दोनों परिवार, आईएएस-आईपीएस की सर्किल सन्न रह गयी. शादी समारोह में शामिल होने के लिए दोनों परिवारों के रिश्तेदार, देशभर के आईएएस-आईपीएस राजधानी में जमा हुए थे, लेकिन डॉक्टर स्निग्धा ने शादी से पहले मौत को गले लगाकर खामोश संदेश दिया कि डीएम साहब, आपके नाम की मेंहदी, सिंदूर और चूड़ियां मुझे नहीं पसंद है. उसने दुनिया से ही अलविदा कह दिया. घटना के बाद पुलिस का कहना है कि अभी परिवार की तरफ से कोई आवेदन नहीं मिला है. चौबीस घंटे तक जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जायेगी.
आइआईटीएन से करना चाहती थी शादी 
दरअसल डॉक्टर स्निग्धा किसी आईआईटीएन से प्रेम  करती थीं. सिलीगुड़ी में रहने वाले आईआईटीएन से ही वह शादी करना चाहती थी,  लेकिन परिवार के लोग शायद तैयार नहीं हो रहे थे. फिलहाल सुसाइड ने ख्वाब को  बिखेर दिया. डॉक्टर स्निग्धा की तमन्ना अधूरी रह गयी.
 
अफेयर की बात सामने आयी तो साथ में रहने लगी थी मां
दरअसल  डॉक्टर स्निग्धा का कोलकाता में मेडिकल में पढ़ाई के दौरान एक युवक से  अफेयर हो गया था. पिछले चार साल से दोनों के बीच रिश्ते थे. परिवार से  जुड़े सूत्रों कि मानें तो अफेयर की जानकारी डॉक्टर स्निग्धा ने घरवालों को  बतायी थी, शादी की इच्छा भी जाहिर की थी, लेकिन परिवार के लोग तैयार नहीं  थे. बताया जाता है कि डॉक्टर स्निग्धा के पिता रिटायर्ड आईपीएस उमाशंकर सुधांशु  काफी गुस्सैल स्वभाव के हैं. जब उन्हें इस अफेयर की जानकारी हुई तो उन्होंने अपनी पत्नी को  कोलकाता भेज दिया. बेटी को अपनी देख-रेख में पढ़ाने के लिए बोला.
दो दिन पहले भी आयी थी… 
राजधानी की कोतवाली के बगल में उदयगिरी अपार्टमेंट की टेरिस से रविवार  की सुबह रिटायर्ड आईजी उमाशंकर सुधांशु की बेटी डॉक्टर स्निग्धा  सुधांशु ने शादी से एक दिन पहले दर्दनाक तरीके से सुसाइड करके सबको स्तब्ध  कर दिया है. सुसाइड के बाद डॉक्टर स्निग्धा के ड्राइवर कृष्णा यादव ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि वह दो दिन पहले भी उदयगिरी अपार्टमेंट में आयी हुई थीं. 12वीं मंजिल पर रहने वाले आईएएस परिवार से उनकी अच्छी-जान पहचान थी. दो दिन पहले उसी ड्राइवर के साथ अपनी गाड़ी से मिलने आयी थी. इसलिए रविवार की सुबह जब घर से निकलीं और शहर में कई जगह अपार्टमेंट में सुसाइड प्वाइंट तलाश रहीं थीं तो ड्राइवर को शक नहीं हुआ.
 
उजड़ने लगा शादी का मंडप, आईसीएआर ग्राउंड से बिखर गयीं तैयारियां 
डॉक्टर स्निग्धा के सुसाइड करने के बाद पटेलनगर आवास पर तो लोगों का रो-रो कर बुरा हाल हो रहा था. मृतका के पिता उमाशंकर सुधांशु किसी के सामने नहीं आ रहे थे. लेकिन, उनके आवास पर लोगों का तांता लगा हुआ था. शादी की तैयारियां अचानक रुक गयीं. शादी समारोह फुलवारी जेल रोड स्थित आईसीएआर ग्राउंड में होनेवाली थी. वहां पर तीन दिनों से तैयारियां चल रही थीं. डेकोरेशन का काम चल रहा था. मेहमानों के खाने-पीने के इंतजाम की तैयारी, मंडप सब लगभग तैयार था. लेकिन, रविवार की सुबह सब पर ग्रहण लग गया. दोनों परिवारों में तैयारियां ठप हो गयीं. इसके अलावा आईसीएआर ग्राउंड में बना मंडप उजड़ने लगा. लाइटिंग, सजावट सब धीरे-धीरे खुलने लगा. शाम तक सबकुछ वीरान-सा हो गया.
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