खाली नहीं हुआ तेजस्वी यादव का बंगला,जारी की मंत्रियों के आवास में रहने वाले JDU के 9 नेताओं की सूची

0
173
file photo

बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का सरकारी बंगला खाली करवाए जाने का मामला अब राजनीतिक रंग लेता जा रहा है. अब पलटवार करते हुए तेजस्वी यादव ने मंत्री कोटे के आवास में रहने वाले जेडीयू के 9 नेताओं की सूची जारी की.स सूची में लेशी सिंह, अशोक कुमार चौधरी, रणवीर नंदन, संजय सिंह, संजय सिंह उर्फ गांधी जी, संजय झा, नरेंद्र नारायण यादव, रंजू गीता और उमेश सिंह कुशवाहा के नाम शामिल हैं.

इससे पहले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नीतीश सरकार को एक साथ कई मामलों में कठघरे में खड़ा किया था. तेजस्वी ने कहा कि एक ओर बिहार में अपराधियों के हौसले बढ़े हुए हैं तो दूसरी ओर नीतीश कुमार अपने भतीजे से डरे हुए हैं.

तेजस्वी यादव ने कहा कि नीतीश जी के कारण ही हम नेता प्रतिपक्ष बने हैं और यह पद संवैधानिक होता है. जबकि डिप्टी सीएम के पद की संविधान में कोई व्यवस्था नहीं है. तेजस्वी ने कहा कि ऐसे में ये दलील देना ठीक नहीं है कि डिप्टी सीएम के लिए बंगला खाली करवाया जा रहा है. बंगला विवाद का मामला न्यायपालिका में विचाराधीन है तो ऐसे में आज की कार्रवाई गलत है.

यह भी पढ़े  जम्‍मू-कश्‍मीर से अनुच्‍छेद 35A खत्‍म, कैबिनेट के प्रस्‍ताव को राष्‍ट्रपति ने दी मंजूरी

बताते चलें कि तेजस्वी यादव के 5 देशरत्न मार्ग स्थित सरकारी बंगले को खाली करवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई. हालांकि इस पर उठे विवाद के बीच फिलहाल इसको स्थगित कर दिया गया है. तेजस्वी के वकील की तरफ से जिला प्रशासन को उपलब्ध कराए गए एलपीए के आधार पर ये कार्रवाई टाली गई है. आपको बता दें कि भवन निर्माण विभाग के निर्देश पर पटना के डीएम ने बंगला खाली करवाने का आदेश दिया है.

बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव के सरकारी आवास को आज खाली कराने गयी पुलिस को दिनभर की गहमागहमी के बाद कार्रवाई को रोकना पड़ा। राजद के वरिष्ठ नेता तेजस्वी यादव के यहां पांच देशरत्न मार्ग स्थित सरकारी आवास को खाली कराने के लिए भारी संख्या में पुलिस के साथ ही सामान्य प्रशासन के अधिकारी पहुंचे।प्रतिपक्ष के नेता के पटना में नहीं होने की सूचना के बाद आवास खाली कराये जाने के विरोध में पार्टी के विधायक, विधान पार्षद् एवं कार्यकर्ताओं के साथ यादव के सरकारी आवास के बाहर धरने पर बैठ गये। इस दौरान सरकार के विरोध में नारेबाजी की गयी। आवास खाली कराने आये अधिकारियों ने धरना दे रहे राजद विधायकों को सरकार की ओर से आवास खाली कराये जाने का नोटिस दिखाया। प्रशासनिक अधिकारियों के नोटिस दिखाये जाने के बाद भी राजद के विधायक समर्थकों के साथ नेता प्रतिपक्ष के सरकारी आवास के बाहर धरना बैठे रहे। दिनभर की गहमागहमी के बाद यादव के अधिवक्ता ने प्रशासनिक अधिकारियों को आवास के संबंध में पटना उच्च न्यायालय में दायर की गयी याचिका को दिखाया। इसके बाद जिला प्रशासन के अधिकारी ने आवास खाली करने की कार्रवाई रोक दी । राजद प्रवक्ता एज्या यादव ने कहा कि पार्टी के विधायक एवं विधान पार्षद नेता प्रतिपक्ष के सरकारी आवास पांच देशरत्न मार्ग को खाली कराने का विरोध कर रहे हैं। आवास से संबंधित मामला पटना उच्च न्यायालय में चल रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को सरकारी आवास को खाली कराने की जल्दबाजी क्यों है, यह समझ से परे है। उल्लेखनीय है कि तेजस्वी यादव को पांच देशरत्न मार्ग स्थित सरकारी बंगला महागठबंधन की सरकार में उपमुख्यमंत्री बनने पर राज्य सरकार की ओर से आवंटित किया गया था। बाद में जनता दलयू ने महागठबंधन से अलग होकर भाजपा से हाथ मिलाकर सरकार बना ली थी। यादव उपमुख्यमंत्री के पद से हटने के बाद भी इस सरकारी आवास में रह रहे हैं। जदयू और भाजपा गठबंधन की सरकार बनने के बाद उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी को यह आवास आवंटित किया गया है। राज्य सरकार ने प्रतिपक्ष के नेता के लिए एक पोलो रोड स्थित सरकारी आवास आवंटित किया है, जिसमें मोदी रह रहे हैं।

यह भी पढ़े  बिहार के तीन बालगृह केंद्रों को लेकर गंभीर चिंता .. भूख, अलगाव और मौखिक प्रताड़ना का शिकार होते बच्चे : TISS रिपोर्ट

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here