पटना के नाले में गिरा 10 साल का बच्चा, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ का रेस्क्यू जारी

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Patna-Nov.17,2018-A view of rescue operation after 10 years old Deepak Kumar felt down on chamber (Nala) under S.K. Puri police station in Patna.

राजधानी पटना में नगर निगम की लापरवाही के कारण एक बड़ा हादसा हुआ है. एसके पुरी थाना क्षेत्र के राजेश रोड के पास एक 10 साल का बच्चा नाले में गिर गया. बच्चे की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है. घटना शनिवार दोपहर की है. नाले में गिरे बच्चे का नाम दीपक कुमार है. जानकारी के मुताबिक वह अपने पिता को खाना पहुंचाने जा रहा था. तभी संप हाउस के पास एक गाय ने धक्का मार दिया, जिससे बच्चा नाले में जा गिरा. हादसे के ढाई घंटे बाद भी रेस्क्यू टीम मौके पर नहीं पहुंची. मीडिया में खबर आने के बाद प्रशासन हरकत में आयी.

यह घटना शनिवार दोपहर 1:30 बजे की है. पटना में प्रशासनिक लापरवाही की हद दिखी, जब घटना के तीन घंटे के बाद भी रेस्क्यू टीम नहीं पहुंची. हालांकि पिछले कुछ घंटे से बच्चे को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. मौके पर एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है.

बिगड़ी दीपक के पिता की तबीयत
नाला आनंदपुरी और राजापुर से जुड़ा है, इसकी लंबाई आठ से दस किलोमीटर के करीब है। फिलहाल, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। इधर, घटना के बाद दीपक के माता-पिता की तबीयत बिगड़ गई है। दुल्हिन बाजार निवासी गुड्डू राम पुनाईचक में परिवार के साथ रहता है। बोरिंग रोड में ठेले पर पानी फल सिंघाड़ा बेचता है। शनिवार की दोपहर लगभग दो बजे उसका बेटा दीपक उसे खाने का डिब्बा देकर मोहनपुर-पुनाईचक नाले के किनारे होकर घर लौट रहा था। उसके साथ एक और बच्चा था। नाले के किनारे परती जमीन पर आसपास के घरवाले झूठन फेंकते हैं। जिसे खाने के लिए वहां कई गाय हर समय मौजूद रहती है।

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यह रास्ता काफी संकरा है। जैसे ही दीपक रास्ते से निकलकर नाले की बाउंड्री पर चढ़ा ही था कि एक गाय सींग मार दी, जिससे दीपक नाले में गिर गया और दूसरा बच्चा परती जमीन पर। वहीं पास के रेलवे लाइन और आसपास के घरों की छतों पर मौजूद कुछ लोगों ने उसे गिरते देखा और चिल्लाने लगे। उस समय संप हाउस चालू था जिससे नाले में पानी का काफी तेज बहाव था। देखते ही देखते दीपक अंदर ग्राउंड नाले में समा गया। लोगों ने इसकी सूचना एसकेपुरी थाना पुलिस को दी।

सूचना पर बंद कराया गया संप हाऊस
सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष कृष्ण कुमार दिवाकर मौके पर पहुंचे और नगर निगम एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों को हादसे की जानकारी दी। पास में ही स्थित संप हाऊस में तैनात कर्मचारियों को भी लोगों ने घटना की सूचना दी। इसके बाद तुरंत संप हाऊस को बंद कर दिया। जिससे पानी का बहाव रुक गया। इसके बाद रेस्क्यू ऑपरेशन का काम शुरु किया गया। नाले में चार गोताखोरों को प्रवेश कराया गया, लेकिन ऑक्सीजन की कमी के कारण वे दो मिनट से अधिक देर तक वे लोग अंदर नहीं नहीं टिक पाए।

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ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ नाले में घुसी टीम
इसके बाद रेस्क्यू ऑपरेशन का काम शुरू किया गया। नाले में चार गोताखोरों को प्रवेश कराया गया, लेकिन ऑक्सीजन की कमी के कारण वे दो मिनट से अधिक देर तक वे लोग अंदर नहीं नहीं टिक पाए। नाले के बदबूदार पानी में गैस बन रही थी। इसके बाद ऑक्सीजन सिलेंडर के सहारे वे लोग नाले में घुसे। काफी मशक्कत के बाद गोताखोर दस फीट आगे तक पहुंचे। अंदर कचरे के साथ शीशे और पत्थर के टुकड़े मिल रहे थे। इसके कारण आगे जाने में कठिनाई हो रही थी। साथ ही सड़क से कई मैनहोल के ढक्कन हटाकर दीपक की खोजा गया। बावजूद अभी तक दीपक का कोई अता -पता नहीं चल पाया है। नाले की लंबाई काफी ज्यादा है।

तीन बहनों में एक इकलौता भाई है दीपक
दीपक तीन बहनों में इकलौता भाई है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। लोगों का हुजूम मौके पर मौजूद है। लोग दीपक की सलामती के लिए लोग दुआ कर रहे हैं। वहीं उसके परिजनों की हालत खराब है। उसकी तीनों बहनों का रो -रोकर बुरा हाल है। पिता गुड्डू राम और मां बदहवास होकर बेहोश हो जा रहे हैं। लोग दीपक के परिजनों को सांत्वना देने में लगे हैं।

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