क्या एनडीए ने माना है कि अब कुशवाहा अब नहीं रहेंगे साथ …

0
201

आगामी लोकसभा चुनावों में बिहार में एनडीए में सीट बंटवारे का फॉर्मूला तय हो गया है. सूत्रों की मानें तो एनडीए में उपेंद्र कुशवाहा को हटाकर यानि रालोसपा को गठबंधन से बाहर रख यह सीट शेयरिंग का फॉर्मूला तय किया गया है.

सूत्रों के हवाले से खबर है कि एनडीए ने माना है कि अब कुशवाहा अब साथ नहीं रहेंगे. इस फॉर्मूले के तहत नीतीश कुमार के नेतृत्‍व वाली जनता दल (यूनाइटेड) और भाजपा 17-17 सीटों पर लड़ेंगे, जबकि छह सीटें रामविलास पासवान के नेतृत्‍व वाली लोजपा को दी जाएंगी.

सूत्रों के मुताबिक इस आधार पर फॉर्मूला तय कर लिया गया है और अब बस इसके ऐलान का इंतजार है.

दरअसल, बिहार में एनडीए गठबंधन में रालोसपा की तरफ से साफ तौर पर बिखराव दिख रहा है, क्‍योंकि रालोसपा अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा लगातार नीतीश कुमार के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं. उन्‍होंने इसी सोमवार को विपक्षी नेता शरद यादव से मुलाकात भी की, जिसके बाद राजग के घटक जदयू ने भाजपा से कहा था कि वह केंद्र और राज्य की गठबंधन सरकारों के खिलाफ कुशवाहा के अभियान का ‘‘संज्ञान ले.’’

यह भी पढ़े  सेना का सम्मान कब सीखेंगे राहुल गांधी? इन मौकों पर भी उठा चुके हैं सेना के शौर्य पर सवाल

कुशवाहा की शरद यादव से इस मुलाकात के बाद इसको लेकर अटकलें तेज हो गई कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ बढ़ती कटुता और भाजपा एवं बिहार में उसके सहयोगी दलों के बीच सीटों के प्रस्तावित बंटवारे के प्रति आपत्तियों को लेकर वह लोकसभा चुनाव से पहले खेमा बदल सकते हैं. हालांकि केंद्रीय मंत्री कुशवाहा ने इस बैठक को शिष्टाचार मुलाकात बताया था.

कुशवाहा ने बाद में पटना में कहा था कि उनकी पार्टी के विधायकों को तोड़ने के जदयू के प्रयास से राजग को नुकसान हो सकता है. शरद यादव पिछले साल नीतीश कुमार के भाजपा से हाथ मिलाने के बाद जदयू से अलग हो गए थे और वह भाजपा के नेतृत्व वाले सत्ताधारी राजग के खिलाफ विपक्ष को एकजुट करने पर काम कर रहे हैं.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here