माज में कुछ लोग पैदा कर रहे घृणा व कटुता :मुख्यमंत्री

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Patna-Oct.14,2018-Bihar Chief Minister Nitish Kumar is addressing during SC/ST Development Conclave ‘Sankalp Se Samarthya’ programme at Adhiveshan Bhawan in Patna.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बार फिर अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों के उत्थान के लिए अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की। उन्होंने कहा कि मेरा विास प्रारंभ से ही न्याय के साथ विकास में है। मेरी सरकार ने एससी और एसटी के उत्थान लिए कई योजनाएं चलायी हैं और यह आगे भी जारी रहेगी। समाज में तेजी से फैल रही घृणा और कटुता की भावना पर चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि तकनीक का दुरुपयोग भी हो रहा है और कुछ लोग समाज में कटुता एवं घृणा का वातावरण पैदा कर रहे हैं, जिनसे सचेत रहने की जरूरत है। जब तक कटुता का वातावरण रहेगा, विकास का उचित लाभ नहीं मिल सकेगा। समाज में प्रेम, सद्भाव एवं भाईचारा का वातावरण बनाने के लिए हम सबको काम करना होगा। मुख्यमंत्री ने यह बात रविवार को अधिवेशन भवन में आयोजित कार्यक्रम अनुसूचित जाति-जनजाति : डेवलपमेंट कॉनक्लेव (संकल्प से सामर्य) में कही। उन्होंने कहा कि आज ही के दिन वर्ष 1956 में बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने बौद्ध धर्म को अपनाया था। हमें अनुसूचित जाति-जनजाति के उत्थान के लिए ऐसा संकल्प लेना होगा, ताकि उन्हें सामर्यवान बनाया जा सके। मेरा विास प्रारंभ से ही न्याय के साथ विकास में है। सरकार में आने के बाद से ही हम न्याय के साथ विकास के कार्य में लगे हैं। हाशिए पर रह रहे लोगों को मुख्य धारा में लाने के लिए कई योजनाएं चलायी जा रही हैं। महादलित वर्ग को चिह्नित कर सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए 10 हजार विकास मित्रों का चयन किया गया। अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति छात्रावास का बेहतर तरीके से निर्माण कराया गया और पुराने छात्रावासों को भी नए सिरे से बनवाया जा रहा है। सभी स्कूलों एवं छात्रावासों में शौचालय की बेहतर व्यवस्था की जारही है। छात्र-छात्राओं को 15 किलो अनाज में से 9 किलो चावल एवं 6 किलो गेहूं छात्रावास में ही पहुंचाने की व्यवस्था की गयी है और उन्हें प्रतिमाह 1000 रपए का अनुदान भी मिलेगा।मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं जनजाति उद्यमी योजना के तहत 10 लाख रपए की राशि जिसमें 5 लाख रुपये अनुदान के रुप में एवं बाकी 5 लाख रपए ब्याज मुक्त ऋण के रुप में उपलब्ध कराया जाएगा। उद्यमिता की ट्रेनिंग के लिए भी सहायता दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभार्थियों जिनके पास अपनी जमीन नहीं है, उन्हें राज्य सरकार वास भूमि खरीदने के लिए 60 हजार रपए की सहायता कर रही है। पुराने इंदिरा आवास जो जर्जर हालत में है,उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत नए आवास बनाने के लिए एकलाख 20 हजार रपए की सहायता दी जा रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के तहत 4 से 10 लोगों की क्षमता वाली सवारी के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत से 5 लोगों को जिसमें से अनुसूचित जाति एवं जनजाति के 3 लोगों एवं अतिपिछड़ा वर्ग के 2 लोगों को वाहन खरीदने के लिए राज्य सरकार एक लाख रपए तक की सहायता राशि उपलब्ध कराएगी। इससे लोगों में रोजगार पैदा होगा और आवागमन में सुविधा होगी।उन्होंने कहा कि महिलाओं के सशक्ती करण के लिए कई कारगर कदम उठाए गए। महिलाओं को पहले पुलिस में एवं बाद में राज्य की सभी सरकारी सेवाओं में 35 प्रतिशत का आरक्षण दिया गया।स्कूलों में शिक्षकों के नियोजन में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। पंचायती राज संस्थाओं एवं नगर निकायचुनावों में महिलाओं को 50 प्रतिशत का आरक्षण दिया गया है। जब तक आधी आबादी सशक्त नहीं होगी, तब तक समाज मजबूत नहीं होगा। जब तक स्त्री-पुरु ष एक समान नहीं होंगे, तब तक समाज आगे नहीं बढ़ेगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि चाहे कितना भी विकास कर लें लेकिन विकास का वास्तविक लाभ तभी प्राप्त होगा, जब सामाजिक कुरीतियां दूर होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीविका के तहत 8 लाख से ज्यादास्वयं सहायता समूह का गठन हुआ है, जिसके अंतर्गत 83 लाख परिवार जुड़े हैं। 10 लाख स्वयं सहायता समूह को बनाने का लक्ष्य रखा गयाहै।मुख्यमंत्री ने कहा कि आज मुझे पटना घोषणापत्र सौंपागया है और साथ ही पीएस कृष्णन के द्वारा रोड मैप भीसमर्पित किया गया है। इससे चीजों को जानने समझने का मौका मिलेगा। हमलोग काम कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे। हम पिछड़े राज्य हैं और पिछड़े लोगों को आगे बढ़ाने के लिए काम करते रहेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज तकनीक का दुरुपयोग भी हो रहा है और समाज में कटुता एवं घृणा का वातावरण कुछ लोग पैदा कर रहे हैं। इससे सचेत रहने की जरुरत है। जब तक कटुता का वातावरण रहेगा, विकास का उचित लाभ नहीं मिल सकेगा। समाज में प्रेम, सद्भाव एवं भाईचारा का वातावरण बनाने के लिए हम सबको काम करना होगा। शक्ति का विकेंद्रीकरण हो रहा है और धीरे–धीरे सब तक पहुंचेगा। लोगों को अपने अधिकार के प्रतिजागरुक रहना है और उसे प्राप्त करना है। हमलोगों की सेवा के प्रति समर्पित हैं और आगे उनके लिए काम करते रहेंगे। मुख्यमंत्रीने कहा कि बाबा साहेब ने बौद्ध धर्म को अपनाया था। बुद्ध का संदेश शांति और अहिंसा का था, वे कटुता के हिमायती नहीं थे। हमलोग बाबा साहब के संदेशों को आत्मसात करने के लिए संकल्प लें। समाज के सबसे पीड़ित व्यक्ति की पीड़ा को दूर करने का हमलोग संकल्प लें,जिससे उन्हें सामर्य की प्राप्ति हो।मुख्यमंत्री का स्वागत कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष डिक्की पद्मश्री रवि कुमार नारा ने पुष्प गुच्छ, अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट करकिया। कार्यक्रम को पूर्व शिक्षा मंत्री एवं विधान पार्षद डा. अशोक चौधरी, कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष डिक्की पद्म रवि कुमार नारा, पूर्व सचिव भारत सरकार पीएस कृष्णन, सदस्य शिक्षा नीति भारत सरकार प्रो. आरएस कुरील, कुलपति, पाटलिपुत्र विश्व विद्यालय प्रो. जीसी आर जायसवाल, जेएनसू के प्रो. राजेश पासवान, प्राचार्य एएन कॉलेज प्रो. एसपी शाही ने भी संबोधित किया।इस अवसर पर विधायक राजीव दांगी, विधान पार्षद दिलीप चौधरी, नागरिक परिषद के पूर्व महासचिव अरविंद कुमार उर्फ छोटू सिंह, सहित अन्य जन प्रतिनिधिगण एवं डिक्की के अन्य सम्मानित सदस्य एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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