प्रधानमंत्री सूक्ष्म सिंचाई योजना पर अब 75 फीसद अनुदान : डॉ. प्रेम

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राज्य के कृषि मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (सूक्ष्म सिंचाई) के तहत अन्नदाता किसानों को अब 50 प्रतिशत ही नहीं बल्कि 75 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। इस अनुदान का भुगतान महज 25 दिनों के भीतर हो जाएगा। इस लाभ को प्राप्त करने के लिए डीबीटी पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। डीबीटी पोर्टल पर पंजीकृत करा कर किसान सीधे इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। इस योजना के अंतर्गत सूक्ष्म सिंचाई पण्राली यथा ड्रिप सिंचाई एवं स्प्रिंकलर सिंचाई पण्राली पर 75 प्रतिशत उपलब्ध कराया जायेगा। कृषि मंत्री ने कहा कि इस नयी व्यवस्था में किसानों को सूक्ष्म सिंचाई पण्राली लगाने के लिए मात्र 25 प्रतिशत राशि देनी होगी। सूक्ष्म सिंचाई पण्राली लगाने वाली विनिर्माता कम्पनी को एक निश्चित समय सीमा के अंदर किसानों के खेत पर सूक्ष्म सिंचाई यंत्र अधिष्ठापन करना होगा तथा जियो टैग फोटो लेकर अर्थात खेत के उत्तर-पूर्व कोने का अक्षांश तथा देशान्तर लेते हुए फोटो अपलोड करना होगा। किसानों के खेत पर लगाये गये यंत्र का समय सीमा के अंदर प्रखंड उद्यान पदाधिकारी तथा सहायक निदेशक, उद्यान द्वारा इसे सत्यापित कर प्रतिवेदन अपनी अनुशंसा के साथ मुख्यालय को उपलब्ध कराया जायेगा। इससे संबंधित पूरी प्रक्रिया, सिंचाई पण्राली अधिष्ठापन के 25 दिनों के अंदर पूरी कर ली जायेगी तथा इसके पूर्ण रूप से सत्यापित होने पर अनुदान की राशि उपलब्ध करा दी जायेगी। हाल ही में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (सूक्ष्म सिंचाई) को ऑनलाइन क्रियान्वयन के लिए कृषि विभाग एवं एक्सिस बैंक के बीच करार हुआ है। डॉ. कुमार ने राज्य के किसानों से इस योजना का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसानों द्वारा ड्रीप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई पद्धति को अपनाकर फसलों की सिंचाई करने से पारम्परिक पद्धति की तुलना में लगभग 60 प्रतिशत पानी की बचत होती है। इसके साथ ही 30 से 35 प्रतिशत उर्वरक की बचत एवं 20 प्रतिशत शष्य क्रियाओं में लगने वाले मजदूरों की बचत भी होती है। उन्होंने कहा कि सूक्ष्म सिंचाई पद्धति को अपनाने पर फसलों के उत्पादन में लगभग 25 से 35 प्रतिशत की वृद्धि होती है एवं लागत में भी 20 से 25 प्रतिशत की बचत होती है।

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