अटल पंचतत्व में विलीन ,अंतिम संस्कार में शामिल हुए मुख्यमंत्री , उप मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के अंतिम संस्कार में शामिल हुए। श्री वाजपेयी का अंतिम संस्कार नई दिल्ली के राष्ट्रीय स्मृति स्थल में किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री श्री कुमार शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री के अलावा, उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव और जनता दल यूनाईटेड (जदयू) के राष्ट्रीय महासचिव संजय झा उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि भारतीय राजनीति के युगपुरु ष रहे श्री वाजपेयी का पारंपरिक विधि विधान तथा मंत्रोच्चार और गगनभेदी नारों के बीच पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया, जिसके साथ ही उनका पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन हो गया। राष्ट्रीय स्मृति स्थल पर भारत रत्न श्री वाजपेयी की दत्तक पुत्री नमिता भट्टाचार्य ने उनको मुखाग्नि दी और विधि विधान ग्वालियर से विशेष रूप से बुलाए गए पंडितों ने कराया।

भारतीय राजनीति के युगपुरु ष रहे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का आज यहां पारंपरिक विधि-विधान तथा मंत्रोच्चार और गगनभेदी नारों के बीच पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इसके साथ ही उनका पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन हो गया। राजधानी के शांतिवन के निकट राष्ट्रीय स्मृति स्थल पर भारत रत्न वाजपेयी की दत्तक पुत्री नमिता भट्टाचार्य ने उनको मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार की प्रक्रिया ग्वालियर से विशेष रूप से बुलाए गए पंडितों ने संपन्न करायी। शस्त्र दाग कर वाजपेयी को सलामी दी गयी। इससे पहले राष्ट्रपति रामनाथ को¨वद, उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा की अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण, थल सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ और नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा ने वाजपेयी के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित किये। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने भी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि अर्पित की।पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पूर्व उप प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी ने वाजपेयी को श्रद्धासुमन अर्पित किये। इसके बाद पार्थिव शरीर से लिपटा हुआ तिरंगा वाजपेयी की नातिन को सौंप दिया गया। इस मौके पर राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद, भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी,समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत,अकाली दल के सुखबीर सिंह बादल थे। अंतिम संस्कार के समय स्मृति स्थल के आस पास जन सैलाब था। ‘‘वाजपेयी अमर रहे’ के नारों से आसमान गूंजने लगा। लाखों की तादाद में बच्चें, बूढ़े, स्त्रियां, युवक, किसान, कामगार तथा व्यापारी अपने प्रिय नेता की झलक देखने के लिए मौजूद थे। अंतिम यात्रा आईटीओ, दिल्ली गेट, दरियागंज होते हुए स्मृति स्थल पहुंची और रास्ते में दोनों ओर लाखों की संख्या में लोग खड़े थे और पुष्प वष्ा कर रहे थे तथा नारे लगा रहे थे। अंतिम यात्रा के लिए पूरे रास्ते में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गयी थी। वाजपेयी के पार्थिव शरीर को फूलों से सजे एक वाहन पर रखा गया था और वाहन पर रंग बिरंगी बड़ी छतरियां लगाई गयी थीं।इस मौके पर तीनों सेनाओं थल सेना, वायु सेना और नौसेना सेना के दस्ते मौजूद थे। थलसेना की मराठा, सिख और गोरखा रजिमेंट के जवान भी उपस्थित थे। रक्षा मंत्री निर्मला सीमारमण और कई केंद्रीय मंत्री तथा भाजपा के वरिष्ठ नेता व्यक्तिगत रूप से पहले से ही स्मृति स्थल पर मौजूद थे और निगरानी कर रहे थे। वाजपेयी के अंतिम संस्कार के समय उनके परिवार के लोग भी उपस्थित थे। भूटान के नरेश जिग्मे वांगचुक, अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई, श्रीलंका के कार्यवाहक विदेशमंत्री लक्ष्मण किरेला, बंगलादेश के विदेश मंत्री ,नेपाल के विदेश और पाकिस्तान के कानून मंत्री अली जफर भी इस मौके पर मौजूद रहे।

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