पंचायतों में बड़ी संख्या में मुखिया व प्रखंड प्रमुख बनकर आ रहे इन वगरे के लोग : मोदी

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Patna-Aug.14,2018-Bihar Chief Minister Nitish Kumar with Deputy Chief Minister Sushil Kumar Modi is lighting the lamp to inaugurating civil service incentive scheme for scheduled castes, scheduled tribes, backward classes and minority communities at Adhiveshan Bhawan in Patna.

अधिवेशन भवन में आयोजित ‘‘मुख्यमंत्री एससी/एसटी/पिछड़ा व अति पिछड़ा वर्ग सिविल सेवा प्रोत्साहन,छात्रावास अनुदान व खाद्यान्न आपूत्तर्ि योजना’ के शुभारंभ कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा 2001 में राजद-कांग्रेस की सरकार ने एससी/एसटी को आरक्षण दिए बिना राज्य में पंचायत का चुनाव करा दिया था। मगर जब 2005 में एनडीए की सरकार बनी तो इन्हें एकल पदों पर आरक्षण देने के साथ अत्यंत पिछड़ा वर्ग को पंचायत में 20 प्रतिशत आरक्षण दिया जिसका नतीजा है कि आज बड़ी संख्या में इस वर्ग से मुखिया, प्रमुख चुन कर आ रहे हैं। श्री मोदी ने कहा कि केन्द्र सरकार ने एससी/एसटी अत्याचार निवारण एक्ट के मूल प्रावधानों को बहाल रखने के लिए संसद में संशोधन विधेयक पारित कर दलितों के खिलाफ अत्याचार रोकने के अपने कड़े रुख का परिचय दिया है। पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने के साथ ही बिहार के कपरूरी फॉमरूले की तर्ज पर पिछड़े वर्ग की सूची के वर्गीकरण के लिए जस्टिस रोहिणी की अध्यक्षता में आयोग का गठन किया है जिसकी रिपोर्ट जल्द ही आने वाली है। एससी/एसटी को प्रोन्नति में आरक्षण का मामला लम्बित है मगर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बिहार सरकार ने आरक्षण देने का आदेश निकाल दिया है। केन्द्र सरकार ने विविद्यालय के बजाय विभाग को इकाई मानकर शैक्षिक पदों पर नियुक्ति करने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्णय को जहां चुनौती दी है वहीं सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आने तक यूजीसी से अनुदान प्राप्त व केन्द्रीय विविद्यालयों में नियुक्ति पर रोक लगा कर एससी, एसटी और ओबीसी के हितों की रक्षा की है। वैसे बिहार में बीपीएससी द्वारा विविद्यालय को इकाई मानकर नियुक्तियां की जा रही हैं।

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