मुजफ्फरपुर मामले में ब्रजेश ठाकुर के साथ-साथ उसके रिश्तेदारों की भी बढ़ती जा रही हैं मुश्किलें

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सेवा संकल्प समिति नामक एनजीओ में अपने परिवार के लोगों को ही उसने बना रखा है सदस्य सेंटर डायरेक्ट नामक एनजीओ के प्रमोद शर्मा को मदद देकर सीतामढ़ी में भी खुलवा रखा है शेल्टर होम
 मुजफ्फरपुर महापाप मामले में ब्रजेश ठाकुर के साथ-साथ उसके रिश्तेदारों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। जांच में जुटी सीबीआई की टीम को नयी-नयी जानकारियां मिल रही हैं। सीबीआई के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार ब्रजेश ठाकुर के सेवा संकल्प समिति नामक एनजीओ में उनके परिवार के लोग ही सदस्य हैं। सदस्यों में उनकी पत्नी व साला के अलावा बेटा व बेटी भी है। ब्रजेश ने अपने भाई रमेश को भी सेवा समिति का सदस्य बनाया था। इतना ही नहीं, कहा जा रहा है कि ब्रजेश अपने भाई रमेश का हस्ताक्षर भी खुद ही कर देता था और उसके नाम पर पैसा निकाल लेता था। सीबीआई के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार सीबीआई ने ब्रजेश ठाकुर के एनजीओ सेवा संकल्प समिति का ब्योरा मांगा है। इसके अलावा एनजीओ के सभी सदस्यों की भी चल और अचल संपत्ति की जानकारी मांगी गई है। जानकारी के अनुसार इससे ब्रजेश ठाकुर के अलावा उनके रिश्तेदारों की भी मुश्किलें बढ़ गयी हैं। दरअसल उन्होंने अपने रिश्तेदारों को ही अपनी संस्था का सदस्य बना दिया था। सबसे बड़ा खुलासा तो यह है कि ब्रजेश ठाकुर अपने भाई रमेश का जाली सिग्नेचर करके उसके हिस्से की भी राशि निकाल लेता था। ब्रजेश ठाकुर की पत्नी एक कॉलेज की प्रोफेसर है। इतना ही नहीं, महापाप के गुनहगार ब्रजेश ठाकुर के निकटतम सेंटर डायरेक्ट नाम के एनजीओ के डायरेक्टर प्रमोद शर्मा ने भी सीतामढ़ी में ब्रजेश के सहयोग से एक शेल्टर होम खोला था जहां बच्चों के रहने की व्यवस्था थी। बताया जाता है कि ब्रजेश ठाकुर ने ही प्रमोद शर्मा के एनजीओ सेंटर डायरेक्ट को शेल्टर होम का काम दिलाया था। ब्रजेश और प्रमोद शर्मा की दोस्ती इतनी गाढ़ी है कि दोनों ने बिहार पीपुल्स पार्टी से एक ही वर्ष 1995 में मुजफ्फरपुर जिले के अलग-अलग विधान सभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था। सीबीआई ब्रजेश ठाकुर को रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। रिमांड के लिए कोर्ट में आवेदन देने से पहले सीबीआई ने ब्रजेश ठाकुर की मेडिकल रिपोर्ट मांगी है। सीबीआई को पेशी के दौरान ब्रजेश ठाकुर को हंसता देख उसके बीमार होने पर भी शक है। बता दें कि इस मामले में कुल 11 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज है। इनमें से 10 लोग गिरफ्तार हैं। वहीं, एक अभियुक्त दिलीप वर्मा अब भी फरार है। पुलिस डायरी में मधु का नाम आने के बाद पुलिस उसे भी तलाश रही है। इसी मामले में पति चंद्रशेखर वर्मा के ब्रजेश ठाकुर से फोन पर लगातार बात होने और बालिका गृह में जाने के आरोप में मंजू वर्मा ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। विपक्ष नीतीश सरकार पर लगातार हमला कर रहा है और मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग कर रहा है।

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