पृथ्वी दिवस :नेपाल में पेड़ों की कटाई से बिहार में बाढ़

0
326
PATNA - B I T MISHARA ME PRITHBI DEVASH PAR SAPATH GRAHAN SAMAHARO

उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने शुक्रवार को पटना के बीआईटी मेसरा कैंपस में पेड़ पौधों की रक्षा करने का संदेश लोगों को दिया। उन्होंने कहा कि पृवी दिवस का सामाजिक तथा राजनीतिक महत्व आमजन को बताना होगा। इसके लिए सरकार स्कूली स्तर पर अभियान भी चला रही है। पृवी केवल इंसानों के लिए नहीं, बल्कि जीव-जंतु, पहाड़, नदी, पेड-पौधे सभी के लिए है। हवा, पानी और मिट्टी प्रकृति की देन है। इसे सहेजना और शुद्ध रूप में भावी पीढ़ी को सौंपना हमारा दायित्व है। श्री मोदी बीआईटी पटना कैंपस स्थित सभागार में आयोजित ‘‘बिहार पृवी दिवस’ समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में 50 माइक्रोन से कम मोटाई वाले पॉलीथिन बैग व एकल प्रयोग वाले प्लास्टिक के उत्पादन, वितरण और उपयोग को सरकार प्रतिबंधित करेगी । इसके लिए अधिसूचना का प्रारूप जारी कर आम लोगों की राय ली जायेगी। इसके तहत दंड का प्रावधान भी किया जायेगा। उन्होंने छात्र-छात्राओं व आम लोगों से पर्यावरण संरक्षण व प्रदूषण नियंतण्रके लिए दिलाए गए 11 सूत्री संकल्प पर अमल करने का आह्वान किया। साथ ही कहा कि जलवायु परिवर्तन का सबसे ज्यादा प्रभाव कृषि व गरीबों पर पड़ रहा है। बिहार में पिछले साल नवम्बर में काफी ठंड पड़ी जिसकी वजह से हजारों एकड़ में मक्के की फसल में दाना नहीं आया। बिहार के कई इलाकों में भीषण बाढ़ आई जहां पहले कभी नहीं आई थी। बाढ़ का बहुत बड़ा कारण अंधाधुंध पेड़ों की कटाई है। उन्होंने कहा कि नेपाल के चलते ही बिहार बाढ़ की विभीषिका झेलता आ रहा है। हालांकि सरकार इसके निदान के लिए पूरी गंभीरता से काम कर रही है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि यूरोप के देशों और पेरिस समझौता से इनकार करने वाला अमेरिका ने दुनिया को सबसे ज्यादा प्रदूषित किया है। अमेरिका प्रति वर्ष प्रति व्यक्ति 16.9 टन, रूस 10.19 टन, यूरोपियन यूनियन 6.9 टन तथा चीन 7.7 टन जबकि भारत मात्र 1.6 टन कार्बन उत्सर्जित करता है। अमेरिका ने तो उत्सर्जन को कम करने से भी इनकार कर दिया है। इन देशों ने बेशुमार कारखाने लगा कर विकास तो कर लिया मगर इस बात की चिन्ता नहीं की कि पर्यावारण पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा। भारत ने तय किया है कि 2022 तक उसे जितनी बिजली की जरूरत है उसका एक तिहाई हिस्सा वैकल्पिक ऊर्जा से प्राप्त करेगा। कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री कृष्ण नंदन प्रसाद वर्मा, विधायक अरुण कुमार सिन्हा, पर्यावरण व वन विभाग के प्रधान सचिव त्रिपुरारी शरण, प्रधान मुख्य वन संरक्षक डॉ. डीके शुक्ल आदि ने भी विचार व्यक्त किए।

यह भी पढ़े  बाढ़ की तैयारी को लेकर सीएम नीतीश कुमार ने बुलाई हाई लेवल मीटिंग

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here