आज शनैश्चरी अमावस्या के साथसूर्यग्रहण का महासंयोग

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शनिवार को पड़ने वाली हरियाली अमावस्या पर इस साल सूर्य ग्रहण के साथ शनैश्चरी अमावस्या का महासंयोग बन रहा है। इस युग्म संयोग के होने में कुछ विधि करने से शनि दोष और पितृ दोष से मुक्ति मिल सकती है। अलबत्ता यह सूर्य ग्रहण देश में कहीं भी दिखाई नहीं पड़ेगा। इसीलिए देश में इस ग्रहण का कोई प्रभाव नहीं होगा और न ही किसी भी राशि पर इसका कोई फल घटित होगा। पंडित राकेश झा ‘‘शास्त्री’ के मुताबिक अगर किसी जातक को शनि की सढ़ेसाती या ढैय्या चल रही है तो उनके लिए यह महासंयोग उत्तम संयोग सिद्ध होगा। इस योग में शनि की सढ़ेसाती या ढैय्या को कम करने और पितृ दोष से मुक्ति के लिए शनि के बीज मंत्र ‘‘ú शनैश्चराय नम:’ का जाप और उड़द दाल की खिचड़ी और तिल के तेल से बने पकवान को गरीबों में दान करने से मुक्ति मिलेगी। इस महासंयोग में शमी के पेड़ की पूजा या घर में इसका पेड़ लगाने, जूता-चप्पल, छाता, काला ऊनी वस्त्र दान करने से भी इस दोष से छुटकारा मिल सकता है। उन्होंने बताया कि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस योग में कालसर्प दोष, पितृ दोष, शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या तथा जीवन के समस्त संकटों से मुक्ति पायी जा सकती है। शनैश्चरी अमावस्या के दिन पीपल वृक्ष की पूजा करने के बाद सात प्रकार के अनाज गरीबो में वितरित करने से ग्रहण का दान तथा शनि के उपाय दोनों हो जायेंगे। इस उपाय से पितृगण भी प्रसन्न होंगे। अगर जन्म कुंडली में पितृ दोष हो तो शनैश्चरी अमावस्या के दिन पवित्र जल से स्नान कर के पितरों के निमित्त पिंड दान, तर्पण आदि करने से इस दोष से मुक्ति मिलती है। इसके अलावे गरीबों में भोजन, वस्त्र, कंबल, चप्पल, छाता भेंट करने से भी पितृ दोष से छुटकारा पाया जा सकता है।

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