राज्यसभा उपसभापति चुनाव :हरिवंश की जीत तय!

0
230

राज्यसभा उपसभापति का चुनाव आज सदन की कार्यवाही शुरू हाेने के पहले घंटे में ही होगी. इसकी जानकारी राज्यसभा सचिवालय ने दी है. यानी सदन की कार्यवाही 11 बजे शुरू होने पर इसके लिए चुनाव प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी और 12 बजे तक परिणाम आ सकते हैं. चुनाव प्रक्रिया  ध्वनिमत से पूरा करने का प्रयास किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर ही मतदान की प्रक्रिया अपनायी जाएगी. राज्यसभा उपसभापति चुनाव में मुकाबला एनडीए उम्मीदवार हरिवंश और यूपीए उम्मीदवार बीके हरिप्रसाद के बीच है. वरिष्ठ पत्रकार हरिवंश नीतीश कुमार की पार्टी जदयू के राज्यसभा सदस्य हैं, जबकि बीके हरिप्रसाद कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य हैं.

राज्यसभा में वर्तमान में 244 सदस्य हैं और सभी सदस्यों की मौजूदगी की स्थिति में 123 सांसदों के समर्थन की जरूरत होगी. हालांकि नरेंद्र मोदी-अमित शाह ही अगुवाई वाले सत्तापक्ष ने जदयू की झोली में यह संवैधानिक पद देकर पहले ही विपक्ष पर बढ़त हासिल कर ली है. एनडीए राज्यसभा में अल्पमत में है, ऐसे में भाजपा ने नीतीश कुमार की अन्य दलों में स्वीकार्यता के मद्देनजर यह पद उनकी पार्टी की झोली में डालने का फैसला किया. जनता दल यूनाइटेड के अध्यक्ष व बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विभिन्न प्रमुख दलों के शीर्ष नेतृत्व से अच्छा रिश्ता इस चुनाव में अपना असर दिखा रहा है.

यह भी पढ़े  किसी लंबित मामले में क्या वकील कोर्ट या जज की आलोचना कर सकते हैं, इस पर विचार करेंगे : सुप्रीम कोर्ट

राज्यसभा में नौ सदस्यों वाले बीजद के नेता नवीन पटनायक की पार्टी ने पहले नीतीश कुमार का फोन सबसे पहले आने का हवाला देकर यह संकेत दे दिया था कि वे हरिवंश का समर्थन करेंगे. कल नवीन पटनायक ने खुद व नीतीश कुमार को जयप्रकाश नारायण की विचारधारा वाला बताकर खुले तौर पर समर्थन का एलान कर दिया. वहीं छह सदस्यों वाला तेलंगाना राष्ट्र समिति भी हरिवंश का समर्थन करेगा. टीआरएस चीफ के चंद्रशेखर राव से भी नीतीश कुमार ने बात की थी.

उधर, विपक्ष खेमे के कई दलों ने वोट नहीं करने का निर्णय लिया है, जिससे एनडीए उम्मीदवार को ही मदद मिलेगी. आम आदमी पार्टी व वाइएसआर कांग्रेस ने वोट नहीं करने का एलान किया है. ऐसी ही संभावना महबूबा मुफ्ती की पार्टी पीडीपी की भी है. बताया जाता है कि अरविंद केजरीवाल कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा समर्थन नहीं मांगे जाने के कारण यूपीए उम्मीदवार के समर्थन को तैयार नहीं हुए, जबकि नीतीश कुमार ने फोन कर केजरीवाल से बात की.अन्नाद्रमुक हमेशा नरेंद्र मोदी व बीजेपी के प्रति अपना झुकाव दिखाता रहा है. बीजेपी-जेडीयू की जुगलबंदी से एक बार फिर विपक्षी एकता बिखरती नजर आ रही है.

यह भी पढ़े  विधायक राजवल्लभ के मामले में अंतिम बहस पूरी फैसला 15 दिसम्बर को

एनडीए खेमे से भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के अलावा गृहमंत्री राजनाथ सिंह व नीतीश कुमार ने संभाला. तीनों नेताओं ने विभिन्न दलों के शीर्ष नेतृत्व से संपर्क साधा है और उनसे हरिवंश का समर्थन करने की अपील की है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here