बिहार को अभी सूखाग्रस्त घोषित करने का आधार नहीं : नीतीश

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Patna-July.31,2018-Bihar Chief Minister Nitish Kumar is holding review meeting of flood & drought situation with officials through video conferencing at his residence in Patna.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि वष्ा की वर्तमान स्थिति को देखते हुए मुजफ्फरपुर, वैशाली, सारण, पटना एवं नालंदा जिलों की विशेष निगरानी रखने की आवश्यकता है लेकिन अभी बिहार को सूखाग्रस्त घोषित करने का कोई आधार नहीं है और इसका आकलन 10 और 11 अगस्त के बाद किया जाएगा। श्री कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को यहां उनके सरकारी आवास 1-अणो मार्ग स्थित ‘‘नेक संवाद’ में बाढ़-सुखाड़ की समीक्षा बैठक में बताया गया कि मौसम विभाग से जानकारी मिली है कि छह-सात अगस्त से बिहार में अच्छी बारिश होने की संभावना है। वर्तमान में सूखे की स्थिति कहीं नहीं है। सिर्फ पांच जिलों मुजफ्फरपुर, वैशाली, सारण, पटना एवं नालंदा में विशेष निगरानी रखने की आवश्यकता है । इसके बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि 10 और 11 अगस्त के आसपास दोबारा समीक्षा बैठक कर स्थिति का आकलन किया जाएगा।

मुख्य सचिव दीपक कुमार ने कहा कि राज्य में अब सूखे की स्थिति नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब तक 50 फीसदी रोपनी हो चुकी है तथा 97 फीसदी बिचड़ा डाला गया है। आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत की मौजूदगी में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में मुख्य सचिव दीपक कुमार ने कहा कि गत 22 जुलाई को इस संबंध में हुई बैठक के समय प्रदेश में 48 प्रतिशत कम वष्ा हुई थी, लेकिन हाल के दिनों में अच्छी बारिश होने के बाद राज्य में कम वष्ा होने का प्रतिशत घटकर अब औसतन 23 फीसद रह गया है। उन्होंने कहा कि मंगलवार की समीक्षा बैठक के दौरान सभी जिलों के डीएम ने बताया कि उनके जिलों में सूखे की स्थिति नहीं है । श्री कुमार ने बताया कि प्रदेश में धान की रोपाई 50 प्रतिशत से अधिक हो गई है। उन्होंने कहा कि गत 22 जुलाई की बैठक में अल्पवृष्टि को देखते हुए जो भी निर्णय लिए गए थे, वे सभी अगले सप्ताह तक जारी रहेंगे। अगले सप्ताह और अच्छी बारिश होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि फसल सहायता योजना का लाभ अधिक से अधिक किसान उठा सकें, इसके लिए इसे तेजी से कार्यान्वित किया जाए। उन्होंने कहा कि लोक स्वास्य अभियंतण्रविभाग को हर घर में नल का जल सुनिश्चित करने सहित खराब नलकूपों को ठीक करने का निर्देश दिया गया है । श्री दीपक ने बताया कि आगे बारिश कम होने पर आकस्मिक वैकल्पिक फसल की प्रखंडवार पहचान कर लिए जाने तथा बीजों का प्रबंध किए जाने का निर्देश दिया गया है । उन्होंने बताया कि पांच जिलों पटना, नालंदा, सारण, वैशाली और मुजफ्फरपुर, जहां वष्ा और रोपनी औसतन कम है, पर विशेष नजर रखने को कहा गया है।

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