बिहार में एनडीए सी सरकार बनने के बाद यह पहला मौका था जब चारों दलों के सदस्य एक साथ बैठे

0
177
PATNA NDA METTING

1, अणे मार्ग में एनडीए विधान मंडल दल की बैठक में जदयू, भाजपा, लोजपा और रालोसपा के सदस्यों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधायकों की ओर से विधायक फंड की राशि बढ़ाए जाने संबंधी मांग पर कहा कि इसके लिए आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है। शीघ्र ही इस पर सरकार निर्णय लेगी। वर्तमान में 2 करोड़ रुपये की राशि प्रति वर्ष सरकार विधायकों को देती है। निर्माण गुणवत्ता पर विधायकों ने सवाल उठाया। इस पर मुख्यमंत्री ने सख्त चेतावनी देने और निर्माण कार्य पर रोक लगाने की नसीहत दी। बिहार में एनडीए सी सरकार बनने के बाद यह पहला मौका था जब चारों दलों के सदस्य एक साथ बैठे थे।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार की देर शाम एनडीए विधानमंडल दल की बैठक में संकेत दिया कि विधायक फंड की राशि शीघ्र बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लिए सबसे अधिक काम किए हैं। राजद और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन दलों ने प्रदेश में बहुत सालों तक शासन किया और जिन्होंने केंद्र एवं विभिन्न राज्यों में बहुत वर्षो तक शासन चलाया, वे बताएं कि एससी-एसटी के लिए उन्होंने क्या किया हैं? मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित बैठक में जदयू, भाजपा, रालोसपा एवं लोजपा के सभी विधायक एवं विधान पार्षद मौजूद थे।

यह भी पढ़े  नागालैंड में BJP को 27, NPF को 24 सीटों पर बढ़त बनाए हुए

मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को निर्देश दिया कि जिलों के दौरे के क्रम में वे एनडीए के सभी दलों के जिलाध्यक्षों के साथ बैठक करें। उन्होंने बताया कि अतिपिछड़ों एवं एससी-एसटी के लिए छात्रवृत्ति आरंभ की गई है। सवर्णो को भी छात्रवृत्ति दी जाती है। मदरसों में आधारभूत संरचना विकास की योजना हम शुरू करेंगे। शराबबंदी की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे लाखों गरीब एवं वंचित लाभान्वित हुए हैं।

विधायकों एवं विधान पार्षदों से संवेदनशील होने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि आपकी संवेदनशीलता आपकी लोकप्रियता को ऊंचाई पर ले जाएगी। उन्होंने सभी से सरकार की योजनाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने की भी अपील की। बैठक को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि यह बैठक एक वर्ष बाद हो रही है। मुख्यमंत्री से उन्होंने आग्रह किया कि हर सत्र के दौरान एनडीए की बैठक जरूर हो। उन्होंने सदस्यों से कहा कि विपक्ष द्वारा किसी पर व्यक्तिगत टिप्पणी की जाए तो उस अभद्र टिप्पणी को स्वीकार नहीं करें। अगला दो महीना बाढ़ एवं सुखाड़ के हिसाब से बहुत अहम है।

यह भी पढ़े  मुख्यमंत्री ने किया 53 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास

समाज के हर क्षेत्र में हुआ काम : मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में 2006 से समाज के हर क्षेत्र में काम हुआ है। इससे पहले अगर आपदा आई भी तो लोगों को क्या मिलता था? आज अगर वज्रपात भी हो जाए तो पीड़ित परिवार तक 24 घंटे के भीतर मदद पहुंच जाती है। हम घोषणा नहीं करते, हमारा विश्वास काम करने में है। बिहार में शराबबंदी लागू हुई है तो इससे सबसे अधिक परेशानी शराब के धंधेबाजों को हो रही है। लेकिन लाखों गरीब परिवारों को फायदा हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें वोट की चिंता नहीं है। वोट मिले या न मिले, हम अपना काम करते रहते हैं। एमएलए और एमएलसी क्षेत्र में जाएं तो विकास गतिविधियों पर बारीक नजर रखें। पक्की गली-नाली योजना की मॉनिटरिंग होनी चाहिए। इससे सरकार को योजनाओं की स्थिति के बारे में सही फीडबैक मिलेगा। प्रभारी मंत्री जब भी जिलों में जाएं तो वहां पर जदयू, भाजपा, लोजपा और रालोसपा के जिलाध्यक्षों के साथ-साथ जन प्रतिनिधियों के साथ बैठक जरूर करें। इससे कहीं कोई समस्या दिखी तो उसका तत्काल समाधान हो सकेगा।

यह भी पढ़े  CM नीतीश ने बाढ़, सुखाड़ एवं कृषि इनपुट अनुदान की नीति से संबंधित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की

विधायक दल की बैठक में मंत्री श्रवण कुमार, उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी, सीएम नीतीश कुमार, मंत्री पशुपति कुमार पारस व अन्य।

‘90 के दशक को अबतक नहीं भूले हम’

उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि हम अभी तक 1990 दशक को भूले नहीं हैं। आज हमारा सौभाग्य है कि केंद्र और राज्य में एक ही गठबंधन की सरकार है। इसका राज्य को लाभ होगा। इससे पहले भाजपा विधानमंडल दल की बैठक में उन्होंने कहा कि पार्टी सदन में विपक्ष के हर सवाल का जवाब देगी। पार्टी मानती है कि सूखे के अलावा कई ऐसे विषय हैं, जिन पर विपक्ष हमलावर हो सकता है। सदन के अंदर उन्हें उनकी ही तरह जवाब दिया जाएगा। विपक्ष किसी जनहित के विषय पर बहस कराना चाहेगा तो पार्टी स्वागत करेगी।

 

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here