जेपी सेनानियों के सम्मान के प्रति सरकार संवेदनशील : मोदी

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पटना। उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि जेपी सम्मान योजना के क्रियान्वयन पर राज्य सरकार प्रतिवर्ष 25 करोड़ रुपये खर्च कर रही है तथा इसके लागू होने से लेकर वर्ष 2017-18 तक 121 करोड़ रुपये व्यय हुए हैं। जेपी सम्मान योजना से संबंधित सलाहकार पर्षद के अध्यक्ष-सह-उप मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में अधिवेशन भवन, पटना में पहली बार राज्य के सभी जिलों में नामित त्रि-सदस्यीय समिति के सदस्यों की बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर सलाहकार पर्षद के सदस्य-सह-मंत्री, जल संसाधन व योजना एवं विकास विभाग, राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह, गृह विभाग के प्रधान सचिव आमिर सुबहानी एवं अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित थे। बैठक को संबोधित करते हुए श्री मोदी ने कहा कि फिलहाल 2677 जेपी सेनानियों को पेंशन दी जा रही है, जिनमें 10 हजार रुपये प्राप्त करने वाले 961 एवं 5 हजार रुपये प्राप्त करने वाले 1716 सेनानी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि जेपी सेनानियों से उनकी पत्नी का फोटोग्राफ एवं अन्य दस्तावेजों को पूर्व में ही प्राप्त कर लिया जायेगा ताकि किसी सेनानी की मृत्यु होने की स्थिति में उनकी विधवा को इस योजना का लाभ प्राप्त करने में कोई कठिनाई नहीं हो। जेपी सम्मान योजना से संबंधित वेबसाइट को बेहतर बनाया जायेगा जिस पर वे अपना सुझाव, शिकायत या सूचना भेज सकेंगे। बैठक में त्रि-सदस्यीय समिति के सदस्यों ने चिकित्सकीय सुविधा से संबंधित प्रक्रियाओं को सरलीकृत करने, राज्य के सभी जिलों में नामित त्रिस्तरीय समिति का पुनर्गठन कर उन्हें सचिवालयीय सुविधा प्रदान करने, बीएसआरटीसी की बसों में यात्रा के लिए स्थायी पास देने, यात्रा के दौरान सहयात्री की सुविधा प्रदान करने, पेंशन राशि पर आयकर से छूट, स्थानीय स्तर पर जीवित प्रमाण पत्र बनाने, पब्लिक-प्राइवेट-पार्टनरशिप मोड में चलने वाली बसों में भी यात्रा करने की सुविधा, जयप्रकाश नारायण की जीवनी एवं उनके नेतृत्व में किये गये आन्दोलन को स्कूली बच्चों के पाठ्यक्रम में शामिल करने, जिलों में आयोजित होने वाले राजकीय समारोहों में भी आमंत्रित करने आदि महत्वपूर्ण सुझाव दिये। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जेपी सेनानियों के सम्मान के प्रति संवेदनशील है और उनके सुझावों पर गंभीरतापूर्वक विचार करेगी।

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