लगन व उचित मार्गदर्शन से लक्ष्य हासिल करना आसान : मिश्रा

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PATNA BAPU SABHAGAR MEIN CHANAKIYA I A S ACADEMY DUARA AYOJIT ART OF SEPUCCESS SEMINAR KA UDGHATAJN KERTE SUCCESS GURU A K MISHRA

पटना – दृढ़ इच्छाशक्ति लगन एवं उचित मार्गदर्शन सफलता को निर्धारित करता है। किसी व्यक्ति को ये साधन उपलब्ध है तो कोई भी लक्ष्य बड़ा नहीं हो सकता। इस साधन का सही उपयोग किया है तो इस ब्रहांड में कोई भी लक्ष्य हासिल करना असंभव नहीं है। ये बातें चाणक्य आईएएस एकेडमी के संस्थापक निदेशक और प्रख्यात सक्सेस गुरु एके मिश्रा ने रविवार को सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए राजधानी के बापू सभागार में आयोजित आर्ट ऑफ सक्सेस सेमीनार को संबोधित करते हुए कहीं। उन्होंने कहा की मनुष्य अपनी आंतरिक शक्तियों को उजागर कर बड़ी से बड़ी कामयाबी हासिल कर सकता है। जो खुशी मुझे बिहार-झारखंड आकर मिलती है वो और कही नहीं मिलता है। मेरी यह इच्छा रही है कि बिहार और झारखंड से ज्यादा से ज्यादा विधार्थियों को सिविल सेवा में चयन के लिए प्रेरित कर सकूं, जिससे ये राज्य अपने पुराने स्वर्णिम गौरव को हासिल कर सके। इस मौके पर श्री मिश्रा ने बिहार के प्रतिभागियों के लिए स्कॉलरशिप की घोषणा की। सेमिनार में उपस्थित सिविल सेवा परीक्षा 2017 में बिहार-झारखंड के चयनित अभिलाषा अभिनव (रैंक 18), ऋषि राज (रैंक 27) अभिलाष वर्नबाल (रैंक 44), प्रतिभा रानी (रैंक 78), रवि आनंद (रैंक 79), अविनाश कुमार (रैंक 139), गोविंद मोहन (रैंक 260), ब्रिज शंकर (रैंक 273), निखिल सिंह (रैंक 280), रविकेश त्रिपाठी (रैंक 334), शेखर आनंद (रैंक 387), ऋतू राज (रैंक 409), अमरनाथ ओझा (रैंक 429), सुमित कुमार (रैंक 493), अतुल कुमार (रैंक 535), शोभेन्द्र कुमार (रैंक 626), नितीश कुमार (रैंक 671), कुमार सौम्या (रैंक 979), चंदन प्रकाश पांडे, धवल जयसवाल के साथ कुल 20 लोग उपस्थित थे। इन सभी विधार्थीयों को उनके अभिभावकों के साथ मोमेंटो देकर सम्मानित किया। इस मौके पर वरिष्ठतम रिटार्यड नौकरशाह प्रमोद पाधे, अरुण कुमार मिश्रा, राजीव माथुर, एससी पांडा एवं देश प्रसिद्ध साइक्लोजिस्ट डॉ. एनके चड्डा भी समारोह में उपस्थित थे। इन्होंने अपने जीवन के अनुभवों से उपस्थित विधार्थियों को व्यापक पैमाने पर तैयारी की रणनीतियों एवं प्रशासनिक कौशल के बिंदुओं पर व्यापक पैमाने पर मार्गदर्शन दिया। इसके पूर्व डॉ. कृष्णा सिंह ने अपने स्वागत भाषण में एकेडमी के इतिहास तथा उसके स्वर्णिम उपलब्धियों को बताया। उन्होंने बताया कि चाणक्य आइएएस एकेडमी से इस वर्ष यूपीएससी में रिजल्ट काफी अच्छा रहा है। एकेडमी के विभिन्न सेंटरों से लगभग 355 विधार्थी सफल रहे हैं। टॉप टेन में पांच तथा टॉप 100 में 40 शामिल है। सफल प्रतिभागियों से बातचीतअभिलाष वरणवाल : ललपनिया, बोकारो, झारखंड की रहने वाले अभिलाष वरणवाल को यूपीएससी में ऑल इंडिया 44वां रैंक आया है। वरणवाल चौथी बार में यह सफलता पायी हैं। पिछले साल उन्हें 272 वां रैंक (आईआरएस) था। उन्होंने बताया कि 2011 से 2017 तक ऑयल इंडिया लि. में जॉब किया। वर्ष 2017 में आईआरएस के लिए रिपोर्ट करके छुट्टी ले ली थी। उन्होंने बताया कि झारखंड कैडर उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने 10वीं तक की पढ़ाई डीएवी ललपनिया से किया। वहीं 12वीं की पढ़ाई डीपीएस बोकारो से हुई। आईएसएम धनबाद से इंजीनियरिंग कर वर्ष 2011 में ऑयल इंडिया लि. ज्वाइन किया था। वरणवाल के पिताजी टीटीपीएस में इंजीनियर और माताजी हाउस वाइफ हैं। रवि आनंद : दुमका, झारखंड के रहने वाले रवि आनंद को यूपीएससी में ऑल इंडिया 79 रैंक आया है। श्री आनंद तीसरी बार में यह सफलता पाये हैं। उनकी प्राथमिकता में झारखंड कैडर है। वर्ष 2013 में आईआईटी खड़गपुर से केमिकल इंजीनियरिंग करने के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज में जॉब किया। कुछ दिन जॉब करने के बाद यूपीएससी की तैयारी करने दिल्ली चले गये। श्री आनंद ने बताया कि यूपीएससी के जेनरल स्टडीज में उन्हें सबसे अधिक 504 अंक मिले हैं। उनकी 10वीं तक की पढ़ाई डेहरी आनसोन, रोहतास, बिहार से हुई है। उनके पिताजी झारखंड सरकार में सहायक अभियंता, जल संसाधन विभाग में कार्यरत हैं। वहीं माताजी हाउस वाइफ हैं। बड़े भाई तीन साल तक सेंट्रल पुलिस में जॉब करने के बाद यूपीएससी की तैयारी कर रहे हैं।

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