राजकुमार शुक्ल की स्मृति रक्षा करेगी सरकार

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GANDHI SANGHRALAY ME RAJKUMAR SHUKLA KI DEATH ANNIVARSARY PROGRAM

सहकारिता मंत्री राणा रणधीर सिंह ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानी पंडित राजकुमार शुक्ल की स्मृति रक्षा के लिए सरकार हर संभव कार्रवाई करेगी। न्यास की मांगों को पूरा करने के लिए सरकार पहल करेगी। पंडित शुक्ल की जयंती और पुण्यतिथि को राजकीय समारोह के रूप में आयोजित करने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से अनुरूध करूंगा। मंत्री श्री सिंह रविवार को गांधी संग्रहालय में पंडित राजकुमार शुक्ल के 90वीं पुण्यतिथि पर आयोजित स्मृति सभा का उद्घाटन करने के बाद लोगों को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन पंडित राजकुमार शुक्ल स्मारक न्यास ने किया था। अध्यक्षता बिहार हिन्दी प्रगति समिति के अध्यक्ष कवि सत्यनारायण और संचालन न्यास के महासचिव कमल नयन श्रीवास्तव ने की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को चंपारण बुलाने और ऐतिहासिक चंपारण सत्याग्रह की जमीन तैयार करने वाले राजकुमार शुक्ल ही थे। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि चंपारण शताब्दी वर्ष पर भी पंडित शुक्ल का कोई जीवंत स्मरण नहीं बनाया जाना दुखद है। वह बिहार में पैदा हुए, लेकिन उन्हें इतिहास से काटने की साजिश की जा रही है। ऐसा करना एक सांस्कृतिक अपराध है।

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मौके पर गांधीवादी चिंतक रजी अहमद, शुक्ल जी की जीवनी पर प्रथम उपन्यास लेखिका सुजाता चौधरी तथा शुक्ल जी की ऐतिहासिक डायरी के संपादक भैरव लाल दास को शॉल, प्रतीक चिन्ह एवं प्रमाण पत्र भेंट कर ‘‘पंडित शुक्ल स्मअति सम्मान’ से सम्मानित किया गया। इस मौके पर प्रकाशित पुस्तिका का लोकार्पण कवि सत्यनारायण ने किया। मुख्य अतिथि बिहार विधान परिषद के सभापति हारुण रशीद ने शुक्ल जी को भारतीय स्वंतंत्रता संग्राम का महान सेनानी बताया। उन्होंने कहा कि उनकी जीवनी को स्कूलों-कॉलेजों के पाठय़क्रम में शामिल करने तथा प्रति वर्ष उनकी स्मृति में राजकीय समारोह आयोजित किया जाना चाहिए। ताकि देश की भावी पीढ़ी उनकी जीवनी से प्रेरणा ग्रहण कर सके। रजी अहमद ने कहा कि शुक्ल जी भारतीय स्वाधीनता संग्राम में नींव की ईट है। उस साधराण किसान ने अपनी अंतरआत्मा की आवाज पर बड़ी क्रांति की। विधान पार्षद केदार पांडेय, सुजाता चौधरी, भौरव लाल दास, पूर्व मंत्री शमायले नबी, एलपी राय,प्रो. रमाकांत शर्मा, कमल नयन श्रीवास्तव, देवयानी दूबे, जयप्रकाश अन्नपूर्णा आदि ने भी अपने विचार रखे। वक्ताओं ने शुक्ल जी का जीवंत स्मारक बनाने के लिए प्रति वर्ष उनकी जयंती एवं पुण्य तिथि पर राजकीय समारोह आयोजित करने, उनकी जीवनी राज्य के स्कूलों-कॉलेजों के पाठय़क्रमों में शामिल करने, स्मारक डाक टिकट जारी करने, उनकी आदमकद प्रतिमा स्थापित कर संग्रहालय बनवाने की मांग केंद्र तथा राज्य सरकार से की। अतिथियों का स्वागत रवि भूषण ने किया।

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