बेटे की शादी में शामिल होंगे लालू! 10 सर्कुलर रोड में मेहंदी से शुरू हुई शादी की रस्म

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अविभाजित बिहार के बहुचर्चित चारा घोटाले में सजायाफ्ता बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को अपने बड़े बेटे तेज प्रताप यादव की शादी में शामिल होने के लिए पैरोल मिल गयी है। जेल सूत्रों ने बुधवार को यहां बताया कि राजद अध्यक्ष लालू यादव के पैरोल के संबंध में जेल अधीक्षक ने 09 से 14 मई तक के पैरोल की सशर्त अनुशंसा की थी। इसके बाद पैरोल से संबंधित दस्तावेज विधि परामर्श के लिए महाधिवक्ता को भेजी गई थी, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है। यादव को पांच दिन की पैरोल मिली है जिससे वह अब अपने बड़े पुत्र की शादी में शामिल हो सकेंगे। इससे पूर्व राजेन्द्र आयुर्विज्ञान संस्थान में इलाज करा रहे यादव को मंगलवार रात मेडिकल बोर्ड ने भी यात्रा के लिए फिट करार दे दिया था। छह चिकित्सकों की टीम ने लालू यादव की स्वास्य रिपोर्ट की समीक्षा की जिसमें उनकी सेहत में सुधार पाया गया। इस बीच राजद अध्यक्ष के रांची से पटना ले जाने की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी थीं। हालांकि, यादव ट्रेन, फ्लाइट या सड़क मार्ग से जायेंगे इसपर संशय बना हुआ था। उल्लेखनीय है कि 12 मई को लालू यादव के बड़े बेटे और राज्य के पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव की शादी है।

बिहार की सियासत के मुख्य बिंदु 10 सर्कुलर रोड में आज से 14 मई तक तेज प्रताप के विवाह की विभिन्न रस्मों के बीच शहनाई की स्वर लहरी ही नहीं सियासत भी गुंजायमान होगी. लोकसभा चुनाव की रणनीति की नींव इन्हीं चार दिनों में रखी भी जायेगी और कुछ वक्त के लिए ढाकी भी जायेगी.
 पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को बेटे की शादी के लिए जितने दिन की पेरोल मिलेगी वही वक्त होगा कि वह अपनी और पार्टी की सियासत को ऊंचा करने के लिए असरकारी चाल चल दें.  इससे बेहतर मौका फिर शायद ही उनके हाथ लगे. बेटे की शादी की मेहमानों की सूची में वह लोग हैं जो
भाजपा और उसके सहयोगी दलों के खिलाफ लामबंद होने का गुणा भाग लगा रहे हैं.  प्रीतिभोज में पूरे देश के वे राजनीतिक पुरोधा जुटेंगे, जो एनडीए विरोधी खेमा के अपने-अपने क्षेत्र में क्षत्रप हैं.
 लालू प्रसाद इसी खेमा को ऐसा पाठ पढ़ाने की तैयारी कर चुके हैं कि 2019 में भाजपा और उसके सहयोगी धूल में मिल जाएं. यही नहीं लालू प्रसाद और उनकी पार्टी के अन्य रणनीतिकार इस शादी में मेहमान बनकर आनेवाले उन भाजपाइयों, लोजपा और जदयू के नेताओं के कानों में कूक करेंगे जो चुनाव की डुगडुगी बजने के बाद ‘निज हित’ प्रभावित होने पर राजद के दोस्त साबित हो सकते हैं.
खुशी मनाने के इंतजार में बैठे कार्यकर्ता मायूस
राजद कार्यकर्ताओं में बुधवार को उस समय निराशा छा गयी जब खबर मिली कि लालू प्रसाद को बुधवार को पेरोल न मिल पाने के कारण आ नहीं पा रहे हैं. कार्यकर्ता रांची फोन करके पल-पल की खबर ले रहे थे.
शाम 6:00 बजे तक कार्यकर्ताओं को आशा थी कि वह पटना आ रहे हैं. प्रदेश अध्यक्ष डॉ रामचंद्र पूर्वे, प्रधान महासचिव आलोक मेहता आदि के नेतृत्व में प्रदेश कार्यालय पर लालू के पटना आते ही  खुशी मनाने की तैयारियां हो चुकी थीं. चितरंजन गगन, भाई अरुण कुमार, अर्जुन यादव सत्येंद्र पासवान रामबली चंद्रवंशी, उपेंद्र चंद्रवंशी खुर्शीद आलम सिद्दीकी, अशोक यादव कहना था कि रघुवर सरकार की उदासीनता के कारण लालू बुधवार को बाहर नहीं आ सके.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तेज प्रताप को देंगे सफल दांपत्य का आशीष तो उसके भी निकलेंगे सियासी मायने
पटना : सूबे की राजनीति का एक बड़े घराने में इन दिनों शादी के मंगल गीत गाये जा रहे हैं , शहनाई बज रही है  वहीं दूसरी तरफ सियासी हलके में चर्चा है कि कहीं  इस शादी राजनैतिक भांगड़े की पटकथा भी न लिखी जाए. चर्चाओं पर यकीन किया जाए तो  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी लालू प्रसाद के बड़े बेटे को सफल दांपत्य जीवन का आशीष देने उनके घर आ सकते हैं.
वैसे प्रधानमंत्री के आगमन की कोई सरकारी सूचना नहीं है . चर्चा है कि जिस तरह प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के यहां एक शादी समारोह में अचानक पहुंच गये थे. उसी तरह नमो पहुंच सकते हैं.
प्रधानमंत्री 11 मई को दो दिवसीय दौरे पर नेपाल जा रहें है. वे जनकपुर  जायेंगे. चर्चा  है कि वे 12  मई को जनकपुर से वापसी के क्रम में पटना पहुंचकर तेजप्रताप को सफल जीवन का आर्शीवाद दे सकते हैं.  प्रधानमंत्री शादी समारोह स्थल  पर न जाकर लालू प्रसाद के घर जायेंगे. भले ही कार्यक्रम निजी हो लेकिन जब दो सियासी लोग मिलेंगे तो सियासी हलचल होगी ही.
राजनीति के जानकार बताते हैं  कि जिस तरह सूबे की राजनीति में जिस तरह से उतार- चढ़ाव चल रहा है उससे इस बात से इंकार भी नहीं किया जा सकता कि अगर पीएम आते हैं तो उसकी सियासी मायने भी निकलेंगे. वैसे देश की राजनीति की खुबसूरती यह है कि सुख-दुख को मौके पर सियासत नहीं होती है. प्रधानमंत्री पहले भी लालू प्रसाद की बेटी की शादी में शामिल हुए थे. हालांकि सबकुछ इस बात पर निर्भर करता है कि प्रधानमंत्री आते हैं कि नहीं .
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