राज्यसभा में पहली बार इतनी मजबूत हुई बीजेपी, कांग्रेस की सीटें हुई कम

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शनिवार को हुए राज्यसभा चुनाव में बीजेपी को जबदस्त सफलता हासिल हुई है. पार्टी के 38 सालों के इतिहास में ये पहला मौका है जब उसके खाते में राज्यसभा की 69 सीटें हैं. लेकिन अभी उसकी अगुवाई में चल रहा गठबंधन एनडीए बहुमत से दूर रहेगा. 245 सदस्यों वाली राज्यसभा में बहुमत के लिए 126 सीटें होनी चाहिए. वहीं कांग्रेस के 4 सदस्य घट गए हैं. अब उसके पास राज्यसभा में 50 सीटें हो गई हैं.

शुक्रवार को 7 राज्यों की 26 सीटों के लिए हुए चुनाव में बीजेपी-12, कांग्रेस-5, तृणमूल कांग्रेस-4 जेडीयू (शरद यादव)- 1 और तेलंगाना राष्ट्रसमिति को तीन सीटें मिली हैं.
इस साल 17 राज्यों से राज्यसभा की 59 सीटें खाली हुई थीं. जिसमें 10 राज्यों के 33 प्रत्याशी निर्विरोध चुने गए थे. इनमें सिर्फ बीजेपी के 16 थे. कुल बीजेपी ने 28 सीटें जीती हैं.
उत्तर प्रदेश में बीजेपी ने 10 में से 9 सीटें हैं. 8 सीटें उसने प्रथम वरीयता के मतों से जीतीं और 9वीं सीट दूसरी वरीयता के मतों से जीती हैं. 9वीं सीट जीतने के लिए सपा और बीएसपी ने मिलकर पूरा जोर लगाया था.
पहली वरीयता से जीतने वाले उम्मीदवारों में केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली, अशोक बाजपेयी, विजय पाल सिंह तोमर, सकलदीप राजभर, कांता कर्दम, अनिल जैन, जीवीएल नरसिम्हा राव और हरनाथ सिंह यादव हैं.
बंगाल की पांच राज्यसभा सीटों के चुनाव में चार टीएमसी और एक सीट कांग्रेस के नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने जीती है. छत्तीसगढ़ की एक सीट में बीजेपी ने जीत दर्ज की है.
उत्तर प्रदेश में 9वीं सीट के लिए बीजेपी के प्रत्याशी अनिल अग्रवाल और बीएसपी के भीमराव अंबेडकर के बीच कड़ी टक्कर रही. दूसरी वरीयता के वोटों के गिनती के बाद अनिल अग्रवाल को जीता घोषित किया गया.
हालांकि सपा और बसपा ने दो प्रत्याशियों के वोटों को लेकर आपत्ति भी जताई थी जिसकी वजह से मतगणना में भी देरी हुई थी. बीजेपी और बीएसपी का एक-एक वोट अवैध भी घोषित किया गया.
उत्तर प्रदेश से बीजेपी-9, सपा-1, पश्चिम बंगाल से टीएमसी-4, कांग्रेस-1, कर्नाटक से कांग्रेस-1, बीजपी-1, तेलंगाना से टीआरएस-3, झारखंड से बीजेपी-1,कांग्रेस-1, छत्तीसगढ़ से बीजेपी-1, केरल से जेडीयू (शरद)-1 ने सीटें जीती हैं.
अब इस चुनाव के बाद राज्यसभा में सीटों का गणित बदल जाएगा और इसका नतीजा भी दूर तक देखने को मिलेगा
पहले कांग्रेस के पास 54 और बीजेपी के पास 58 सीटें थीं. लेकिन इन चुनाव के बाद बीजेपी को 12 सीटों का फायदा हुआ है और कांग्रेस की 4 सीटें कम हो गई हैं

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