मिशन 2019 : शक्ति प्रदर्शन में जुटे ‘‘महारथी’

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प्रदेश के हालिया उपचुनाव के बाद अब प्रदेश के प्रमुख राजनीतिक दल अपनी ताकत का एहसास कराने के लिए करवट लेने लगे हैं। सभाओं व रैलियों के जरिये ‘‘महारथियों ’ का शक्ति प्रदर्शन का सिलसिला शुरू होने वाला है। प्रदेश में कई दल सभाओं के जरिये तेवर में आ गये हैं। मिशन 2019 को ध्यान में रखकर भाजपा, जदयू, राजद, कांग्रेस, लोजपा, हम व वामपंथी दल गदा भांजने के मूड में दिख रहे हैं।ताजा राजनीतिक हलचलों में हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा से सरोकार रखने वाले पूर्व मंत्री नरेन्द्र सिंह ने सभा आयोजित कर शक्ति प्रदर्शन किया है। अपनी सभा में ही हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी को पार्टी से निकाल फेंका और और अपना वजूद स्थापित करने लिए सोमवार को विधिवत अपनी पार्टी का विलय जदयू में कर लिया। विलय का गवाह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बने। ये सब तैयारी वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर की जा रही है। अगले लोकसभा चुनाव की दुंदुभी एक वर्ष से भी कम समय के अंदर कभी भी बज सकती है। चुनाव का काउंट डाउन शुरू हो गया है। दिल्ली में आयोजित कांग्रेस का अधिवेशन भी शक्ति प्रदर्शन का हिस्सा माना जा रहा है। देशभर से अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के डेलिगेशन को बुलाकर कांग्रेस ने अगले लोकसभा चुनाव में कूच करने का संदेश दे दिया है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी सत्ता पक्ष को चुनौती दी है कि चुनाव कैसे जीता जाता है वह वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में दिखाएंगे। इस तरह दिल्ली व बिहार से शक्ति प्रदर्शन का शुरुआत हो गयी है। उल्लेखनीय है कि सबसे पहले राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने 27 अगस्त 2017 को तमाम विपक्षी दलों को गांधी मैदान में बुलाकर शक्ति प्रदर्शन किया। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने 27 अगस्त 2017 को गांधी मैदान में आयोजित ‘‘ भाजपा भगाओ देश बचाओ’ के जरिये शक्ति प्रदर्शन किया था। इस शक्ति प्रदर्शन में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, उत्तरप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश सिंह यादव, शरद यादव, कांग्रेस की दूसरी पंक्ति के नेता गुलाम नबी आजाद, सीपी जोशी, पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन व वामपंथी नेता डी. राजा ने भी भाग लिया था। फिलहाल वामपंथी दल भी अपने तीन दिवसीय राज्यस्तरीय सम्मेलन के जरिये शक्ति प्रदर्शन में जुटे हुए हैं। मधुबनी में आयोजित भाकपा का चार दिवसीय सम्मेलन 20 मार्च 2018 को सम्पन्न होगा। सम्मेलन में आगे गठबंधन की रणनीति तैयार की जा रही है। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) भी कल युवा सम्मेलन के जरिये शक्ति प्रदर्शन करने जा रहा है। 20 मार्च को राजधानी के श्रीकृष्ण मेमोरियल हाल में युवा सम्मेलन होने जा रहा है। हाल ही में जदयू में शामिल कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक चौधरी इस सम्मेलन का आयोजन कर रहे हैं। सम्मेलन के निवेदक रामचन्द्र भारती, तनवीर अख्तर, दिलीप चौधरी व अशोक चौधरी हैं। हाल ही में ये चारो विधान पार्षद कांग्रेस छोड़कर जदयू में शामिल हुए हैं। सम्मेलन में खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मौजूद रहेंगे। अप्रैल महीने में जीतन राम मांझी की अगुवाई वाली ‘‘हम’ पार्टी ने गांधी मैदान में सम्मेलन करने का निर्णय लिया है। सम्मेलन की तैयारी भी चल रही है। सूत्र बताते हैं कि राजद फिर पिछले वर्ष की तर्ज पर रैली की योजना बना रहा है। अगस्त महीने तक राजद की रैली आकार ले सकती है। हाल में लोकसभा उपचुनाव में हार के बाद भाजपा का केन्द्रीय नेतृत्व मंथन करने जा रहा है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि वह हार की समीक्षा करेंगे। जाहिर है कि गोरखपुर व फूलपुर की हार की समीक्षा में पार्टी के शीर्ष रणनीतिकार जुटेंगे। प्रदेश भाजपा भी अक्टूबर 2018 के पहले प्रदेश कार्यसमिति की बैठक आयोजित करेगी। इस बैठक में मुख्य एजेंडा मिशन 2019 ही रहेगा।

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