‘पाक को उसकी भाषा में कब जवाब देगा भारत?

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एक बार फिर से सेना के कैंप पर हमला हुआ है. इस बार आतंकियों के निशाने पर था सुंजवान का सेना का कैंप. जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी 10 फरवरी को तड़के सेना के कैंप में घुस गए. वो सीधे जूनियर कमीशन्ड अफसरों के रिहाइशी इलाकों में जा घुसे. सुबह 5 बजे ही आतंकियों और सेना के जवानों के बीच गोलीबारी शुरू हो गई थी.

सेना ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी. सैनिकों की और टुकड़ियां मंगाई गईं. भाग-दौड़ और अफरा-तफरी की तस्वीरें हमने टीवी चैनलों पर देखीं. खबरों में आया कि गृह मंत्री ने राज्य के पुलिस महानिदेशक से बात की. सेना ने रक्षा मंत्री को हमले की जानकारी दी. प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री ने एक टीवी चैनल को बताया कि गृहमंत्री ने इस हमले की जानकारी विदेश दौरे पर गए प्रधानमंत्री को दी है.

रिपोर्टर सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर आतंकी सेना के कैंप के इतने भीतर कैसे घुस गए. यूं लग रहा है कि ऐसा पहली बार हुआ. ये सवाल यूं है जैसे कि पठानकोट तो एकदम सरहद के करीब है. कुछ पत्रकारों ने ये भी कहा कि पाकिस्तान, भारत से सीधे युद्ध में नहीं जीत सकता, इसलिए आतंकवादी भेजकर हमले कराता है. कुछ ने कहा कि पाकिस्तान सर्जिकल स्ट्राइक की वजह से दबाव में है. पाकिस्तान का ये छद्म युद्ध पूरी तरह से बेपर्दा हो गया है. कुछ ने कहा कि ये आतंकवादी जैश-ए-मोहम्मद के अफजल गुरू स्क्वॉड के हैं. जिला प्रशासन ने हमले के बाद सेना के कैम्प के 500 मीटर के दायरे में स्थित सभी स्कूल बंद करा दिए.

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