स्वास्यकर्मियों की हड़ताल खत्म

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समान काम के लिए समान वेतन के समेत अन्य मांगों को लेकर अनिश्चिकाल के लिए हड़ताल पर गए संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल खत्म हो गई है. बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय से वार्ता के बाद इसकी घोषणा हुई.

पटना : स्वास्य मंत्री मंगल पाण्डेय की पहल के बाद शनिवार को संविदा स्वास्यकर्मियों ने हड़ताल खत्म करने का ऐलान किया। स्वास्य मंत्री ने स्वास्यकर्मियों की कई महत्वपूर्ण मांगें मान ली हैं। सेवा नियमित तथा स्थायी करने संबंधी मांगें स्वीकृत नहीं की गई हैं। 4 दिसम्बर से करीब 80 हजार स्वास्यकर्मी हड़ताल पर थे। इन सभी कर्मचारियों की नौकरी पर तलवार लटक रही थी। किंतु स्वास्य मंत्री की वार्ता रंग लाई और स्वास्यकर्मियों के संघ हड़ताल तोड़ने पर राजी हो गए। इससे पहले स्वास्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा था कि यदि चिकित्साकर्मी काम पर लौटे नहीं तो उनकी नौकरी जाएगी और सरकार जनहित में नई नियुक्ति प्रक्रिया को हरी झंडी दे देगी। राज्य सरकार जो कुछ भी कर सकती है वह करने के लिए तैयार है। स्वास्य मंत्री ने कहा कि बातचीत में उनलोगों की तमाम मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार किया गया। 15 प्रतिशत तक इन्क्रीमेन्ट देने के लिए सरकार तैयार है। हर तीन साल पर नया अनुबंध पत्र तैयार किया जाएगा। सेवानिवृत्ति की उम्र को भी 65 वर्ष कर दिया गया है। चार लाख के बीमा का भी प्रस्ताव स्वीकार कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि शुक्रवार व शनिवार को भी आयुष मेडिकल संघ तथा संविदा चिकित्सक संघ के नेताओं से बातचीत हुई। अन्य मांगों पर यह कहा गया कि राज्य सरकार फिलहाल अन्य मांगें मानने की स्थिति में नहीं है। स्वास्य मंत्री ने कहा कि इससे पहले भी एडवाइजरी बोर्ड ने संघ के लोगों को तमाम जानकारियां दी है। इनमें ममता कार्यकर्ताओं को प्रति प्रसव जो 100 रुपये मिलता था उसे बढ़ाकर 300 रुपये कर दिया गया है। ज्ञात हो कि पिछले पांच दिनों से नौ हजार स्वास्यकर्मी विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर थे। इनमें चिकित्सक, एएनएम, जीएनएम,ब्लॉक कम्युनिटी मोबलाइजर, पारामेडिकल शामिल थे।

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