विप चुनाव की 10 सीटों के लिए नामांकन के अंतिम दिन सोमवार को 10 उम्मीदवारों ने नामांकन किया। कोई अतिरिक्त उम्मीदवार न होने से बिना मतदान की स्थिति आए इन सभी प्रत्याशियों की जीत भी पक्की हो गयी है। सीएम सम्राट चौधरी की मौजूदगी में एनडीए उम्मीदवारों ने नामांकन किया।
एनडीए ने नौ जबकि महागठबंधन ने एक प्रत्याशी मैदान में उतारा है। विस में दलों के संख्याबल के हिसाब से इन सबकी जीत तय है। नाम वापसी के दिन 11 जून को इन सबकी जीत की विधिवत घोषणा कर दी जाएगी। यदि चुनाव भी होते तो परिणाम पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला था। अतिरिक्त उम्मीदवार होने की स्थिति में 18 जून को चुनाव कराये जाते। नामांकन करने वालों में जदयू से निशांत कुमार, भारती मेहता, शिवानी देवी प्रजापति और ललन प्रसाद हैं। भाजपा से संजय प्रकाश मयूख, पवन सिंह, अनिल ठाकुर और शीला पंडित जबकि लोजपा के अशरफ अंसारी और राजद के सुनील सिंह ने नामांकन दाखिल किया। इनमें से जदयू के ललन ने विप उप चुनाव, जबकि शेष सभी ने द्विवार्षिक चुनाव के तहत नामांकन दर्ज किया। एनडीए प्रत्याशियों के नामांकन के मौके पर सीएम के अलावा उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेन्द्र प्रसाद यादव, केन्द्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, लोजपा (रा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान, जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, उच्च शिक्षा मंत्री संजय टाइगर, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह, लोजपाआर विधायक राजू तिवारी की मौजूदगी रही। वहीं राजद प्रत्याशी के नामांकन के दौरान भोला यादव, कुमार सर्वजीत, कांग्रेस से मदन मोहन झा, आईआईपी के आईपी गुप्ता, विधायक भाई वीरेंद्र, रणविजय साहू आदि थे।
सुनील सिंह ने किया सबसे पहले नामांकन
राजद के सुनील सिंह ने सबसे पहले नामांकन दाखिल किया। जबकि, एनडीए खेमे में काफी देर तक पवन सिंह की प्रतीक्षा होती रही। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी 12.19 बजे विधानसभा पहुंच गए। तब तक पवन सिंह को छोड़कर एनडीए के सारे उम्मीदवार आ चुके थे। 12.30 बजे से एनडीए उम्मीदवारों ने नामांकन शुरू किया। 12.45 बजे पवन सिंह भी पहुंच गए।







