भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को कहा का देश की अर्थव्यवस्था मजबूत है, सारे मानदंड सही हैं, ईरान युद्ध का भारत की वृद्धि दर पर कोई ख़ास फ़र्क नहीं पड़ेगा, बैंक ने कहा भारत की GDP वृद्धि दर 6.9 की बजाय 6.6 प्रतिशत रहेगी। शुक्रवार को ही सरकार ने विदेशी पूंजी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए बड़ा फैसला किया। अब विदेशी निवेशकों को भारत में हुई कमाई के ब्याज पर इनकम टैक्स नहीं देना होगा। इसके अलावा, अगर विदेशी निवेशक सरकारी बॉन्ड में पैसा लगाते हैं, तो उनके ऊपर कैपिटल गेन्स टैक्स भी नहीं लगेगा। इसके लिए सरकार ने अध्यादेश जारी कर दिया।
अब तक विदेशी निवेशकों को अपने निवेश पर मिलने वाले ब्याज पर 20 परसेंट टैक्स देना पड़ता था। अब ये टैक्स नहीं देना होगा। जो विदेशी निवेशक भारत के शेयर बाजार और बॉन्ड्स में एक साल से ज़्यादा वक्त के लिए पैसे लगाते थे, उन पर 12.5 परसेंट का कैपिटल गेन्स टैक्स लगता था। सरकार ने इसे भी हटा लिया है। इसकी वजह ये है कि पिछले पांच महीनों में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक भारत के स्टॉक मार्केट से दो लाख 25 हज़ार करोड़ रुपए निकाल चुके हैं। फॉरेन पोर्टफ़ोलियो इन्वेस्टर्स यानि FPI ऐसे विदेशी निवेशक होते हैं, जो भारत में शेयर मार्केट, म्युचुअल फंड और बॉन्ड्स में निवेश करते हैं।
अब सरकार ने विदेशी निवेशकों को कैपिटल गेन्स टैक्स और इनकम टैक्स से राहत देने का फैसला किया है, इससे दुनिया में भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर दिलचस्पी बढ़ने की उम्मीद है। अर्थव्यवस्था को लेकर जनता के मन में गलतफहमियां फैलाने की कोशिशें हो रही हैं। इसका भी सबूत सामने आया। अमेरिकी मीडिया हाउस ब्लूमबर्ग ने अपनी वो खबर वापस ले ली जिसमें कहा गया था कि रिज़र्व बैंक ने मई में 12 अरब डॉलर का सोना बेच दिया। लेकिन आज ब्लूमबर्ग ने माना, उसकी ये रिपोर्ट ग़लत थी, ग़लत तथ्यों और ग़लत विश्लेषण पर आधारित थी।
ब्लूमबर्ग ने आज कहा कि डेटा एनालिसिस से साफ है कि रिज़र्व बैंक के पास मौजूद सोने के भंडार में हाल के महीनों में कोई बदलाव नहीं आया है। सरकार और रिज़र्व बैंक ने ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट को भ्रामक और निराधार बता कर खारिज कर दिया था। रिज़र्व बैंक ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का दाम बढ़े हैं, इसलिए भारत के गोल्ड रिजर्व की कीमत भी करीब 64 परसेंट बढ़ गई है। RBI ने कहा कि भारत का फॉरेन रिज़र्व भी पिछले साल की तुलना में 23 बिलियन डॉलर बढ़ा है इसीलिए, भारत को सोना बेचने की ज़रूरत ही नहीं है।
ब्लूमबर्ग ने जिस तरह भारत के सोना बेचने की झूठी खबर छापी, फिर उसे वापस लिया, ये इस बात का सबूत है कि बेसिरपैर की रिपोर्ट छाप कर भारत को बदनाम करने की कोशिश की जाती है लेकिन आज ही अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने माना कि नरेंद्र मोदी एक tough leader हैं, उनके साथ सौदा करना बहुत मुश्किल काम है। ट्रंप को लेकर कई बार ये बात फैलाने की कोशिश की गई कि नरेंद्र मोदी उनके दबाव में आ जाते हैं। इसका जवाब भी आज ही मिला। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि नरेंद्र मोदी एक ताकतवर और भरोसेमंद नेता हैं और उन पर कोई दबाव नहीं बना सकता। ये बात पश्चिम के देशों को अच्छी तरह समझ लेनी चाहिए।






