- मौसम विज्ञान केंद्र ने आज यानी शुक्रवार को बिहार के 12 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है. इन इलाकों में 50 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने की आशंका जताई गई है. प्रभावित होने वाले जिलों में अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, सुपौल, खगड़िया, मुंगेर, भागलपुर, बांका और जमुई शामिल हैं. इसके अलावा, 7 से 10 जून के बीच चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर और मधुबनी सहित कई जिलों में धूल भरी आंधी चलने का भी अनुमान है.
- दूसरी ओर, बक्सर, भोजपुर, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद और अरवल में भीषण लू चलने की आशंका है. यही स्थिति 7 और 8 जून को पटना, गया, नालंदा, जहानाबाद, नवादा, लखीसराय और बेगूसराय तक विस्तार लेगी, जहां तापमान 40 से 42 डिग्री के बीच रहेगा. राजधानी पटना में फिलहाल उमस भरी गर्मी से राहत की उम्मीद नहीं है और शुक्रवार को यहां का अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है.
- गर्मी से बेहाल लोगों के लिए राहत की बात यह है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून गुरुवार को केरल पहुंच गया है. आमतौर पर केरल पहुंचने के 10 से 15 दिन बाद मानसून बिहार में प्रवेश करता है. इसकी वर्तमान रफ्तार को देखते हुए मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि बिहार में मानसून की एंट्री 15 से 20 जून के बीच हो सकती है.
बिहार में मानसून कब पहुंचेगा
दक्षिण-पश्चिम मानसून गुरुवार को केरलम पहुंच गया है। आमतौर पर मानसून केरलम पहुंचने के करीब 10 से 15 दिन बाद बिहार में प्रवेश करता है। वर्तमान प्रगति को देखते हुए बिहार में मानसून की एंट्री 15 से 20 जून के बीच होने की संभावना है।
देश में मानसून की स्थिति
मानसून अगले 2-3 दिन में गोवा, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु के अधिक हिस्सों को कवर कर सकता है। साथ ही बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्से के साथ पूर्वोत्तर राज्यों में भी आगे बढ़ने की संभावना है।
मौसम विभाग के मुताबिक केरलम, तमिलनाडु और कर्नाटक में अगले 7 दिनों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। इस बार मानसून सामान्य तिथि से करीब 3 दिन देरी से पहुंचा है। आमतौर पर मानसून 1 जून को केरल पहुंचता है और लगभग डेढ़ महीने में पूरे देश को कवर कर लेता है। वापसी की प्रक्रिया सितंबर के मध्य से शुरू होती है।







