कोरोना ने मचाया सियासी गलियारों में हड़कंप ,सभापति हुए पॉजेटिव तो मुख्यमंत्री का टेस्ट आया निगेटिव , सूबे में संक्रमितों की संख्या 11460

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देश में फैली कोरोना वायरस की महामारी का दौर जारी है और एक के बाद एक यह बीमारी लोगों को अपना शिकार बना रही है। अब कल बड़ी खबर सामने आई जिससे बिहार की सियासी गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है। बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले सियासत पर कोरोना का साया छा गया, क्योंकि भाजपा के वरिष्ठ नेता और बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आए हैं।

बिहार विधान परिषद के कार्यकारी सभापति अवधेश नारायण सिंह कोरोना संक्रमित पाये गये हैं। उनका पूरा परिवार कोरोना की चपेट में आ गया है। सभापति के आप्त सचिव भी कोरोना पॉजिटिव पाये गये हैं। परिवार और स्टाफ के नौ व्यक्ति संक्रमित हैं। कार्यकारी सभापति के कोरोना संक्रमित पाये जाने के बाद राजनीतिक गलियारे में हड़़कंप मचा हुआ है। वही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को स्वयं पहल कर अपना कोविड़ १९ टेस्ट कराया। सूत्रों के मुताबिक देर रात आयी जांच रिपोर्ट निगेटिव पायी गयी। मुख्यमंत्री विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह के साथ हाल ही में एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे। अवधेश नारायण सिंह के कोरोना पॉजिटिव की सूचना मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने यह जांच करायी। मुख्यमंत्री के निर्देश के आलोक में कई अधिकारियों ने भी कोविड़ टेस्ट कराया।

कार्यकारी सभापति ने एक जुलाई को विधान परिषद के नव निर्वाचित नौ सदस्यों को शपथ दिलायी थी। समारोह में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार‚ उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी‚ बिहार विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी‚ संसदीय कार्य मंत्री श्रवण कुमार सहित कई राजनेता और विधान परिषद के कर्मी मौजूद थे। कार्यकारी सभापति में कोरोना के लक्षण पाये गये थे। इसके बाद उनका टेस्ट किया गया। टेस्ट में अवधेश नारायण सिंह के साथ–साथ उनके परिवार के सात सदस्य और दो कर्मचारी कोरोना संक्रमित पाये गये हैं। अवधेश नारायण सिंह की स्थिति फिलहाल ठीक लग रही है‚ लेकिन इलाज के लिए उन्हें पटना एम्स में भर्ती कराया गया है। इससे पहले २९ जून को कार्यकारी सभापति अवधेश नारायण सिंह सचिवालय में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार‚ नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव और विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी के साथ बैठक में शामिल हुए थे। यह बैठक मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष के चयन को लेकर हुई थी। सचिवालय के मुख्यमंत्री कक्ष में ये बैठक काफी देर तक चली थी। कोरोना इलाज के प्रोटोकॉल के मुताबिक किसी व्यक्ति के संक्रमण में आने के बाद उसके संपर्क में आने वाले सभी व्यक्तियों की जांच की जाती है। ऐसे व्यक्तियों को १४ दिनों तक होम क्वारेंटाइन में भी रहने का निदæश है।

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लिहाजा मुख्यमंत्री‚ उपमुख्यमंत्री‚ नेता प्रतिपक्ष‚ विधानसभा अध्यक्ष और संसदीय कार्य मंत्री के साथ–साथ कई मंत्रियों और विधायकों व विधान पार्षदों का टेस्ट हो सकता है। इससे पहले बड़े़ राजनेताओं में राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सह पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह‚राज्य सरकार के मंत्री विनोद कुमार सिंह‚ भाजपा विधायक जिवेश ठाकुर आदि भी कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। इनमें रघुवंश प्रसाद सिंह को अस्पताल से छुट्टी भी मिल गयी है।

इसी बिच बिहार में कोरोना संक्रमितों की संख्या 11460 हो गई है। शनिवार को 349 नए कोरोना मरीज मिले। कोरोना से मरने वालों की संख्या बढ़कर 91 हो गई है। वहीं, 8488 मरीज स्वस्थ्य हुए हैं। शनिवार को समस्तीपुर के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी सुनील कुमार तिवारी की मौत हुई। वे 58 साल के थे। 2 जून को एम्स में भर्ती हुए थे। उसी दिन से वेंटिलेटर पर थे। डॉक्टरों ने 32 दिन उनका इलाज किया। जानकारों का कहना है कि तिवारी देश के पहले ऐसे कोरोना मरीज थे जो इतने दिन वेंटिलेटर पर रहे पर उनकी मौत हो गई। उन्हें डायबिटीज की बीमारी थी। उनका शुगर लेवल कम नहीं हुआ। तिवारी आलमगंज के बजरंगपुरी में रहते थे। संक्रमित होने से पहले वे समस्तीपुर से आए थे।

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आईजीआईसी में मिला संक्रमित, कैथ लैब तीन दिन के लिए बंद
इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान पटना में एक दिल का मरीज संक्रमित मिला है। इसके बाद कैथ लैब को शनिवार से 3 दिन के लिए सील कर दिया गया। उसे पेसमेकर लगाने वाले दो चिकित्सक और एक नर्स को क्वारैंटाइन कर दिया गया है। निदेशक डॉ. अरविंद कुमार ने भी इसकी पुष्टि की। उधर, पीएमसीएच के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में कोरोना जांच शुरू हो गई है। शुक्रवार से यहां जांच बंद थी। यहां हर दिन करीब 500 सैंपल की जांच होती है। प्राचार्य डॉ. विद्यापति चौधरी के मुताबिक लैब को सेनेटाइज करा दिया गया है। आरएमआरआई में सोमवार से जांच होगी।

सचिवालय कर्मी मास्क नहीं लगाने, खैनी खाने पर सस्पेंड
सचिवालय के वित्त विभाग में खैनी खाना एक कर्मचारी विवेक कुमार को महंगा पड़ा। विभाग ने खैनी खाकर थूकने और बिना मास्क के दफ्तर आने के आरोप में उन्हें निलंबित कर दिया। विभाग के उप सचिव द्वारा जारी निलंबन आदेश में कहा है कि कर्मचारी को पहले हिदायत भी दी गई थी। उसके बाद भी वे कार्यालय बिना मास्क के आ रहे थे।

पटना सिटी की सड़कें सूनीं, दुकानें बंद, वाहन परिचालन ठप
पटना सिटी में शनिवार को भी 9 संक्रमित मिले हैं। गुरु गोविंद सिंह अस्पताल के प्रबंधक शब्बीर अहमद ने बताया कि पाटली ग्राम की 36 व 45 वर्षीय महिला, पश्चिम दरवाजा के 32 वर्षीय युवक, सदर गली के 28 वर्षीय युवक, डंकाकुचा खाजेकलां की 55 वर्षीया महिला, खाजेकलां नीम घाट के 20 वर्षीय युवक व 50 वर्षीय महिला, जलवाचक के 55 वर्षीय अधेड़ और 60 वर्षीय महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।

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उधर, एनएमसीएच में भर्ती 31 संदिग्ध मरीज की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इनमें पटना के 21 हैं। कोरोना का कहर राजधानी में सबसे अधिक पटना सिटी में दिख रहा है। जिंदगी घरों में कैद है। थोक और खुदरा बाजारों में ताला लटक रहे हैं। लोगों में भी जागरुकता है। खुद अपनी गलियों व मोहल्लों के आगे घेराबंदी कर रहे हैं। बाहर निकलने से परहेज कर रहे हैं।

स्वास्थ्य सचिव लोकेश कुमार सिंह ने बताया कि कोरोना संक्रमण के कारण पटना में दो तथा किशनगंज और भागलपुर में एक–एक समेत कुल चार और लोगों की मौत हुई है। पटना में जिन २ लोगों की मौत हुई है उनमें एक समस्तीपुर के निवासी हैं और दोनों की उम्र ५७ वर्ष है। इसी तरह किशनगंज में संक्रमण से जान गंवाने वाले की उम्र ५५ और भागलपुर के व्यक्ति की उम्र ३५ वर्ष है। उधर‚ स्वास्थ्य विभाग की ओर से शनिवार को जारी स्वाब सैंपल जांच रिपोर्ट में सहरसा जिले में ५३‚ मुजफ्फरपुर में ४४‚ गया में ३४‚ पटना और सारण में २४–२४ तथा पश्चिम चंपारण में २१ व्यक्ति संक्रमित पाए गए हैं। इसी तरह भोजपुर जिले में २०‚ नालंदा में १९‚ खगडि़या में १६‚ भागलपुर और दरभंगा में १४–१४‚ गोपालगंज में १३‚ रोहतास में सात‚ मधेपुरा और नवादा में छह–छह‚ मधुबनी‚ मुंगेर और वैशाली में पांच–पांच‚ किशनगंज में चार‚ कैमूर में तीन‚ औरंगाबाद‚ बांका‚ बक्सर और समस्तीपुर में दो–दो तथा जमुई‚ लखीसराय‚ शेखपुरा और सीतामढी में एक–एक व्यक्ति के कोविड–१९ की चपेट में आने की पुष्टि हुई है। गया संवाददाता के अनुसार जिले के कोतवाली थाने में तैनात दो सब इंस्पेक्टर समेत सात पुलिसकर्मी कोरोना पॉजिटिव पाये गये हैं।

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