नेपाल के प्रधानमंत्री केपी ओली आज दे सकते हैं इस्तीफा, पार्टी बैठक रद्द, शाम 4 बजे करेंगे देश को संबोधित

0
43

नेपाल में राजनीतिक संकट और भी गहरा गया है. आज होने वाली नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी की स्थायी समिति की बैठक टल गई है. नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के नेता पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली से नहीं मिलने पहुंचे हैं. इसी के साथ नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी विभाजन की ओर बढ़ती दिख रही है. प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने इस्तीफा देने से साफ इनकार कर दिया है. प्रधानमंत्री केपी ओली ने पार्टी बैठक रद्द होने के बाद शाम 4 बजे देश को संबोधित करने की खबर आ रही है. माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री केपी ओली आज इस्तीफा दे सकते हैं. इससे पहले वह देश को संबोधित करेंगे. कई दिनों से उनके इस्तीफे की अटकलें लगाई जा रही थी.

प्रचंड और ओली के बीच शुक्रवार को तीन घंटे बैठक तक बैठक हुई थी, इसके बाद भी दोनों के बीच कोई समझौता नहीं हुआ था. आज सुबह 9 बजे से प्रधानमंत्री और प्रचंड के बीच बैठक होनी थी. इसके बाद 11 बजे पार्टी की स्टैंडिंग कमेटी की बैठक होनी थी. अब ये बैठक सोमवार 6 जुलाई को होगी.

यह भी पढ़े  जामा मस्जिद के शाही इमाम बुखारी ने ईद पर पीएम मोदी से की अपील

गौरतलब है कि भारत के साथ नक्शा विवाद के बाद से ही नेपाल में राजनीतिक घटनाक्रम गहरा गया है. पार्टी के नेताओं ने ही केपी ओली के खिलाफ माहौल बनाना शुरू कर दिया. पहले उनसे प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने को कहा गया लेकिन विवाद लगातार बढ़ने के बाद उनसे पार्टी अध्यक्ष पद से भी इस्तीफा देने को साफ कह दिया गया है. बताया जा रहा है कि जिस वक्त केपी ओली राष्ट्रपति से मुलाकात कर रहे थे, तब कम्युनिस्ट पार्टी की स्टैंडिंग कमेटी की बैठक उनकी गैर मौजूदगी में जारी थी.

केपी ओली अभी नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के प्रमुख हैं और प्रधानमंत्री होने के साथ-साथ पार्टी के प्रमुख फैसले भी वही लेते हैं. भारत के साथ नक्शा विवाद के बाद पूर्व प्रधानमंत्री प्रचंड की अगुवाई में जब से उनका विरोध शुरू हुआ है तभी से केपी ओली संकट में हैं. पुष्प कमल दहल प्रचंड ने उनके इस्तीफे की मांग कर दी. केपी ओली ने उनकी गद्दी पर आए संकट के पीछे भारत का हाथ बताया था, हालांकि वह कुछ सबूत नहीं दे सके. बल्कि प्रचंड ने भी कहा कि भारत पर आरोप लगाने से पहले उन्हें सोचना चाहिए.

यह भी पढ़े  दिल्ली में कैसे हुई हिंसा की शुरूआत,दिल्ली में बीते 30 सालों की सबसे बड़ी हिंसा, 1990 के बाद राजधानी में सबसे अधिक 7 लोगों की मौत, 70 जख्मी , एक पत्रकार को गोली लगने की खबर

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here