धूमधाम से निकाली जा रही भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा

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सुप्रीम कोर्ट की हरी झंडी के बाद भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा आज शुरू हो गई है। ओडीशा के पुरी के अलावा देश के कई शहरों में ये रथ यात्रा आज निकाली जा रही है जिसमें कोलकाता और अहमदाबाद शामिल हैं। कोरोना महामारी के बीच इस बार की रथ यात्रा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कुछ दिशा निर्देश जारी किए हैं जिन्हें ध्यान में रखकर इस बार की जगन्नाथ रथ यात्रा निकाली जा रही है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार इस बार कोरोना वायरस के चलते इस यात्रा में सिर्फ 500 लोग ही इन रथों को खीच सकेंगे।

कोरोना काल में जगन्नाथ रथ यात्रा की परंपरा टूटने से बच गई. पहले सुप्रीम कोर्ट ने इसके आयोजन के लिए इनकार किया था, लेकिन बाद में सशर्त अनुमति दी गई. इसके बाद मंगलवार धूमधाम व भव्यता से यात्रा निकाली गई. श्रद्धालुओं व भक्तों ने अपने प्रभु भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और छोटी बहन सुभद्रा का रथ खींचा.

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तय की गई श्रद्धालुओं की संख्या
रथयात्रा का आयोजन भारत की सांस्कृतिक धरोहर व पहचान रहा है. सदियों से चली आ रही इस परंपरा में लोग बढ़-चढ़ कर भाग लेते हैं. हालांकि इस बार भव्य भीड़ नहीं जुटाई गई. इसके साथ ही श्रद्धालुओं की संख्या पर प्रतिबंध लगाया गया था. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार 500 से अधिक लोगों को रथ खींचने की अनुमति नहीं दी गई थी.

पुरी के महाराज ने निभाई परंपरा
आयोजन के बीच दोपहर के समय पुरी के राजा गजपति महाराज मंदिर पहुंचे. दरअसल रथयात्रा से पहले एक रस्म के मुताबिक महाराज छेड़ा पहरा की एक रस्म निभाते हैं. इसके तहत वह रथ को झाड़ू से बुहारते हैं. जिस झाड़ू से वह रथ बुहारते हैं वह खास होती है. उसकी मूठ सोने की होती है. सदियों से महाराज का परिवार इस रस्म को निभाता आ रहा है.

राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री ने दी शुभकामनाएं

रथयात्रा की शुरुआत से पहले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह ने अपनी शुभकामनाएं दी. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा, ‘रथ यात्रा के पावन अवसर पर सभी देशवासियों, विशेष रूप से ओडिशा में प्रभु जगन्नाथ के श्रद्धालुओं को बधाई. मैं कामना करता हूं कि प्रभु जगन्नाथ की कृपा, कोविड-19 का सामना करने‌ के लिये हमें साहस व संकल्प-शक्ति प्रदान करे और हमारे जीवन में स्वास्थ्य और आनंद का संचार करे.’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के पावन-पुनीत अवसर पर आप सभी को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं. मेरी कामना है कि श्रद्धा और भक्ति से भरी यह यात्रा देशवासियों के जीवन में सुख, समृद्धि, सौभाग्य और आरोग्य लेकर आए. जय जगन्नाथ.’

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भगवान जगन्नाथ की यात्रा सुबह 9 बजे से शुरू हो गई है।  इस यात्रा के चलते पुरी में 36 घंटे लॉकडाउन का एलान किया गया है। यानि कि रथ खींचने वाले 500 भक्तों के अलावा बाकी लोग अपने घर पर रहेंगे और इस रथ यात्रा के दर्शन ऑनलाइन ही करेंगे।

पुरी के जगन्नाथ मंदिर में रथयात्रा के दौरान पुरी के राजा गजपति महाराज ने झाडू से ‘छेरा-पहंरा’ की रस्म अदा की। पुरी के राजा गजपति महाराज रथयात्रा में भाग लेने के लिए पुरी के जगन्नाथ मंदिर पहुंचे और ‘छेड़ा पहंरा’ की रस्म निभाई। इस दौरान वह रथ पर सोने का हैंडल लगी झाड़ू लगायेगे। जगन्नाथ मंदिर के एक सेवायत का कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद रथयात्रा में शामिल होन वाले सभी लोगों का कोरोना टेस्ट कराया गया था। कोरोना संक्रमित सेवायत को रथयात्रा में शामिल होने नहीं दिया गया है।पुलिस अधिकारी ने बताया कि अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक रथयात्रा की व्यवस्था की देखरेख कर रहे हैं। हर रथ को खींचने के दौरान एक वरिष्ठ अधिकारी इसकी निगरानी करेगा।

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