राज्य मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी बिहार में विधानसभा चुनाव की तैयारी के लिए प्रशासन को दिया निर्देश

0
33

राजनीतिक दलों के साथ अब प्रशासनिक स्तर पर भी बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू हो गई है. लॉकडाउन की वजह से चुनाव की तैयारियों पर लगा ब्रेक अनलॉक-1 शुरू होते ही खुल गया. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एचआर श्रीनिवास ने राज्य के सभी जिलों के डीएम के साथ बैठक की और चुनाव पूर्व की तैयारियों को पूरा करने का निर्देश दिया. इसमें अन्य राज्यों से चुनाव के लिए ईवीएम मंगवाने का काम भी शामिल है.

वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये जिलों के डीएम ने चुनाव के संबंध में बात करते हुये मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने पर विशेष जोर दिया और कहा कि सभी जिलों में मतदाता सूची को तैयार करने का काम जल्द शुरू किया जाना चाहिए. इसको लेकर पूरा कार्यक्रम निर्वाचन आयोग की ओर से अलग से जारी किया जाएगा. इसके अलावा स्वीप कार्यक्रम के तहत चुनाव में प्रचार-प्रसार की योजना बनाने की बात भी मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कही. उन्होंने कहा कि चुनाव के तैयारी को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाना है.

यह भी पढ़े  शहरी क्षेत्र से हटाया गया अतिक्रमण

होने हैं विधान परिषद चुनाव
कोरोना संकट का असर बिहार विधान परिषद के चुनावों पर भी पड़ा था. परिषद की 29 सीटें खाली हैं. इनमें 17 सीटों पर चुनाव होना है, जबकि 12 सीटों पर मनोयन के जरिये प्रतिनिधि चुने जाएंगे. इनका चुनाव राज्यपाल की ओर से किया जाना है. माना जा रहा है कि इस महीने में विधान परिषद की 17 सीटों के चुनाव की तारीखों का ऐलान भी हो जाएगा. इसमें जो सीटें खाली हुई हैं, उनमें से ज्यादातर सत्ताधारी एनडीए के पास हैं, लेकिन विधानसभा में संख्या बल के आधार पर कुछ सीटें आरजेडी और कांग्रेस के खाते में इस बार जाएंगी.

साथ ही शिक्षक और स्तानक निर्वाचन क्षेत्र की 4-4 सीटों पर चुनाव होना है, जबकि विधानसभा कोटे की 9 सीटें खाली हैं, जिनके लिए जोर आजमाइश होगी. अभी विधानसभी कोटे की सभी 9 सीटें एनडीए के पास थीं, जिनमें जेडीयू के पास 5 और बीजेपी के 4 सदस्य थे.

यह भी पढ़े  2 लाख 97 हजार किसानों को एक सप्ताह में मिल जाएगी फसल सहायता राशि

होने लगी है नामों को लेकर चर्चा
विधान परिषद चुनाव में विधानसभा कोटे से किन लोगों का चुनाव होगा, इसको लेकर चर्चाओं का दौर भी शुरू हो गया है. सत्ताधारी जेडीयू की ओर से दो प्रवक्ताओं का नाम आगे चल रहा है. माना जा रहा है कि फिर से विधान परिषद में जाने की राह देख रहे संजय सिंह का सपना पूरा हो सकता है, तो 2015 में दीघा से चुनाव लड़नेवाले प्रवक्ता राजीव रंजन को भी इस उच्च सदन में बैठने का मौका मिल सकता है. भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी को फिर से विधानसभा के रास्ते विधान परिषद में भेजने की तैयारी है.

साथ ही आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष जगतानंद सिंह का नाम भी विधान परिषद जानेवालों की रेस में शामिल है. आरजेडी ने पिछली बार तत्कालीन अध्यक्ष रामचंद्र पूर्वे को विधान परिषद भेजा था. वहीं, आरजेडी के कोटे से विधान परिषद जानेवालों में लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेज प्रताप की भी चर्चा हो रही है, लेकिन ये तेज प्रताप पर निर्भर करेगा, वो विधान परिषद जाते हैं या नहीं.

यह भी पढ़े  तेजस्वी यादव बिहार में कल से निकालने जा रहे हैं 'बेरोजगारी भगाओ यात्रा', फेसबुक पर लिखी 'दिल की बात'

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here