अतिक्रमणमुक्त होंगे सार्वजनिक जल स्रोत, उपयोग के लायक बनाया जाएगा; ग्रामीण विकास मंत्री

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अनलॉक-1 में तालाब, पोखर, कुंआ, आहर और पईन जैसे राज्य के सार्वजनिक जल स्रोतों को अतिक्रमणमुक्त करने की मुहिम फिर से शुरू होगी। ग्रामीण विकास विभाग ने जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत इसके लिए संबंधित जिलों को आदेश दिया है। लॉकडाउन की वजह से 5900 सार्वजनिक जल स्रोतों से अतिक्रमण हटाने की मुहिम रूक गई थी। इस बीच लगभग एक लाख सार्वजनिक जल स्रोतों का जीर्णोद्धार भी शुरू कर दिया गया है। इससे बड़ी तादाद में प्रवासी श्रमिकों के साथ-साथ राज्य में पहले से रह रहे लोगों को भी रोजगार मुहैया हो रहा है।

ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत कराए गए सर्वेक्षण में 21818 सार्वजनिक जल स्रोत अतिक्रमित पाए गए। इसमें से 15919 को अतिक्रमणमुक्त करा लिया गया है। इसी बीच कोविड-19 संकट सामने आ जाने के कारण पूरे देश में लॉकडाउन घोषित हो गया। नतीजा लगभग 5900 सार्वजनिक जल स्रोतों से अतिक्रमण हटाने की मुहिम धीमी पड़ गई। अब विभाग ने फिर से तैयारी कर ली है।
प्रवासी मजदूरों को पशुपालन में रोजगार दिलाएं

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पशु व मत्स्य संसाधन मंत्री डॉ प्रेम कुमार ने अधिक से अधिक प्रवासी मजदूरों को पशुपालन क्षेत्र में रोजगार दिलाने का निर्देश दिया है। क्षेत्रीय निदेशक व जिला पशुपालन पदाधिकारियों के साथ मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग से बैठक में मंत्री ने बकरीपालन व मुर्गीपालन की योजना समय पर पूरा करने का निर्देश दिया। पशुपालन निदेशक विनोद सिंह गुंजियाल भी मौजूद थे।

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