पाकिस्तान उच्चायोग के दो अधिकारी जासूसी में पकड़े, देश छोड़ने का आदेश

0
28

पाकिस्तान उच्चायोग के दो सदस्यों को भारत में जासूसी के आरोप में पकड़ा गया है. भारत ने इस मामले में सख्त रुख आपनाते हुए दोनों सदस्यों को सोमवार तक भारत छोड़ने का आदेश दिया है. भारत के इस कदम से पाकिस्तान पूरी तरह बौखला गया है. एक तरफ पाकिस्तान इस आरोप को गलत बता रहा है तो वहीं पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इस्लामाबाद में अब भारतीय दूतावास के अधिकारी को समन भेजा है.

रविवार को भारत ने पाकिस्तान उच्चायोग के दो अधिकारियों को जासूसी के आरोप में पकड़ा. इसके बाद दोनों को पर्सोना-नॉन ग्रेटा घोषित कर दिया गया और देश छोड़ने का आदेश दे दिया. पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने भारत के द्वारा लगाए गए आरोपों को गलत बताया है और कहा है कि वह इसकी निंदा करते हैं. इसके अलावा पाकिस्तान का आरोप है कि भारत की ओर से वियना संधि का उल्लंघन किया गया है, जो कि द्विपक्षीय रिश्तों में खलल डाल सकता है.

यह भी पढ़े  केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की कैंटीनों पर अब सिर्फ स्वदेशी उत्पादों की ही बिक्री

भारत ने दी चेतावनी
भारत इस मामले में पाकिस्तान को छोड़ने के मूड में दिखाई नहीं दे रहा है. भारत ने पाकिस्तान के उप राजदूत को एक आपत्तिपत्र भी जारी किया गया है. इसमें साफ कहा गया कि पाकिस्तान के राजनयिक मिशन का कोई भी सदस्य भारत विरोधी गतिविधियों में लिप्त न हो और अपनी स्थिति से असंगत व्यवहार न करे.

आईएसआई के लिए करते थे काम
भारतीय खुफिया एजेंसियों की इन पर काफी समय से नजर थी. दोनों को दिल्ली के करोल बाग इलाके से गिरफ्तार किया गया. इनकी पहचान आबिद हुसैन और ताहिर हुसैन के रूप में हुई है. दोनों पाक उच्चायोग के वीजा सेक्शन में काम करते थे. दोनों भारतीय सेना के अधिकारियों की जासूसी कर उनकी रिपोर्ट आईएसआई को देते थे.

दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने रविवार को पाकिस्तान हाई कमिशन के दो वीसा अधिकारियों और उनके ड्राइवर को जासूसी के आरोप में पकड़ा है. बताया जा रहा है कि दोनों अधिकारियों ने फर्जी तरह से भारतीय पहचान हासिल कर ली थी. उनके पास से गीता कॉलोनी निवासी नासिर गोतम (Nasir Gota) के नाम से एक फर्जी आधार कार्ड मिला है. साथ ही पुलिस ने दो एप्पल आईफोन और 15,000 रुपये नकद भी बरामद किए हैं.

यह भी पढ़े  बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं की खुली पोल, SC को बताया- डॉक्टरों के 57% और नर्सों के 71% पद खाली

पाकिस्तान हाई कमिशन के इन दो अधिकारियों के बारे में पुलिस को सूचना मिली थी कि ये जासूसी में लिप्त है. जिसके आधार पर करोल बाग में जाल बिछाया उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस के मुताबिक, इन अधिकारियों के नाम आबिद हुसैन (42) और ताहिर खान (44) हैं, दोनों वीजा असिस्टेंट के तौर पर हाई कमिशन में काम कर रहे थे और ISI ऑपरेटिव हैं. आरोपी पाकिस्तानी राजनयिक की कार में करोल बाग आये थे. यह जानकारी भी सामने आई है कि पाकिस्तान उच्चायोग उक्त कार को बेचने की कोशिश कर रहा था.

यह ऑपरेशन दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और मिलिट्री इंटेलिजेंस (MI) द्वारा संयुक्त रूप से चलाया गया. विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि भारत ने इस मामले में कड़ा विरोध दर्ज कराया है और पाकिस्तान को आपत्ति पत्र जारी किया है. इस बीच, पाकिस्तान ने अपने अधिकारियों पर लगाये गए आरोपों को गलत करार देते हुए कार्रवाई की निंदा की है. पाकिस्तान का कहना है कि यह पूर्व नियोजित मीडिया अभियान है, ताकि उसे बदनाम किया जा सके. उसका दावा है कि नई दिल्ली में उसके उच्चायोग ने हमेशा अंतरराष्ट्रीय कानून और राजनयिक मानदंडों के अनुसार काम किया है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here