क्या बिहार में होगा डिजिटल चुनाव?

0
8
file photo

कोरोनावायरस संक्रमण को देखते हुए बिहार के उपमुख्यमंत्री व बीजेपी नेता सुशील मोदी ने विधानसभा का चुनाव डिजिटल तरीके से होने की संभावना जताई है. उन्होंने कहा कि कोविड-19 की वजह से चुनाव में मतदान का तरीका भी बदल सकता है. कई दलों ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी.

सुशील मोदी ने संभावना जताई कि इस बार के विधासभा चुनाव में लोग घर में बैठे-बैठे ही मतदान कर पाएंगे. उनके इस बयान का सरकार में सहयोगी जेडीयू ने भी कड़ा विरोध किया है.

जेडीयू के प्रधान महासचिव के.सी. त्यागी ने कहा, “भाजपा नेता का यह प्रस्ताव अव्यावहारिक और अलोकतांत्रिक है.” उन्होंने कहा कि बिहार में चुनाव परंपरागत तरीके से ही होना चाहिए. त्यागी ने कहा, “चुनाव में आप डिजिटल प्रचार करोगे, रैली करोगे या प्रेस कांफ्रेंस करोगे, यह संभव नहीं है.”

इस बीच आरएलएसपी के प्रधान महासचिव माधव आनंद ने भी सुशील मोदी के इस सुझाव का विरोध किया है. उन्होंने कहा है, “सुशील मोदी हमेशा पिछले दरवाजे से विधान परिषद में पहुंचते रहे हैं, वो लोकतंत्र का मतलब ही नहीं समझते हैं. उनकी इन बातों को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है.”

यह भी पढ़े  अनुच्छेद 370 को लेकर BJP ने पूरे देश में जन जागरण और संपर्क अभियान चलाने का बड़ा फैसला किया

सुशील मोदी ने अपने बयान में कहा था, “इस बार चुनाव में राजनीतिक दल ज्यादा से ज्यादा डिजिटल माध्यम से वोट मांगते नजर आएंगे. राजनीतिक पार्टियां मोबाइल और टेलीविजन के जरिए वोट की अपील करती दिख सकती हैं. मतदाता भी डिजिटली ऑनलाइन वोटिंग भी करते दिख सकते हैं. बिहार में राजनीतिक दल डोर-टू-डोर कैम्पेन कर सकते हैं.”

बिहार में इसी साल अक्टूबर-नवंबर में विधानसभा चुनाव होना है. लेकिन कोरोना वायरस संक्रमण के बीच चुनाव कराने को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here