विपक्ष पर आरोप लगाकर बुरे फंसे सुशील मोदी! 15 दिन में नहीं दिया नोटिस का जवाब तो केस करेगी कांग्रेस

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कोरोना फंड में योगदान नहीं देने का आरोप लगाते हुए बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने विपक्ष पर हमला बोला था. इसपर विरोधी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी. कांग्रेस के एमएलसी प्रेमचंद्र मिश्रा ने तो ये भी कहा था कि डिप्टी सीएम 24 घंटे में झूठा आरोप वाला अपना ट्वीट हटा लें, वरना कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहें.

लेकिन डिप्टी सीएम के ट्विटर हैंडल से तीन मई को किया गया ये ट्वीट हटाया नहीं गया है. ऐसे में कांग्रेस ने पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी है और लीगल नोटिस भी भेज दिया है. इस नोटिस का सुशील मोदी को 15 दिन के अंदर जवाब देना है.

साइबर सेल में दर्ज करवाई शिकायत

कांग्रेस नेता प्रेमचंद्र मिश्र ने कहा है कि उन्होंने नोटिस के साथ ही साइबर सेल में मामले की शिकायत भी दर्ज करवाई है. अगर 15 दिनों में नोटिस का जवाब नहीं आता है तो वे केस भी कर सकते हैं. दरअसल कांग्रेस ने ये शिकायत सुशील कुमार मोदी के उस आरोप के बाद कराई है जिसमें उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री राहत कोष में कोरोना से लड़ने के लिए विपक्ष ने कोई मदद नहीं की.

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सुशील मोदी ने लगाया था ये आरोप

सुशील मोदी ने अपने ट्वीट में लिखा था, कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन से उत्पन्न संकट के समय भाजपा-जदयू के सभी विधायकों ने अपना एक-एक माह का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में दिया. राजद और कांग्रेस के विधायकों ने राहत कोष में एक पैसा भी नहीं दिया, बल्कि विधायक निधि से 50 लाख रुपये देने का विरोध कर अपनी संवेदनहीनता उजागर की.

कांग्रेस ने सुशील मोदी को कहा था ‘झूठा’

बता दें कि सुशील मोदी के इस आरोप के बाद बिहार कांग्रेस ने डिप्टी सीएम सुशील मोदी के आरोप को गलत बताया और कानूनी नोटिस भेजा. कांग्रेस नेता प्रेमचंद मिश्रा ने कहा था कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में हमने अपना वेतन दिया है. उन्होंने कहा कि कई और विधायकों ने इस दौरान मदद की है, लेकिन सुशील मोदी ने झूठा ट्वीट किया.

कांग्रेस ने की थी माफी की मांग

सुशील मोदी के बयान से भड़के प्रेमचंद्र मिश्रा ने सुशील कुमार मोदी के बयान को सफेद झूठ बताया. उन्होंने डिप्टी सीएम को चुनौती दी कि वे साबित करें कि कांग्रेस विधायक, एमएलसी ने अपना एक माह का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा नहीं किया है. नहीं तो सुशील मोदी को तत्काल कांग्रेस नेताओं से मांफी मांगनी चाहिए.

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