कोरोना वायरस पर आज चर्चा करने के लिए गुट निरपेक्ष आंदोलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी होंगे शामिल

0
58

गुट निरपेक्ष देशों का ये सम्मेलन अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलियेव की कोशिशों के बाद आयोजित किया जा रहा है. इल्हाम अलियेव गुट निरपेक्ष आंदोलन के मौजूदा चेयरमैन हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शाम करीब 4.30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस कार्यक्रम में शामिल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को गुट निरपेक्ष देशों के वर्चुअल सम्मलेन में शामिल होंगे. ये सम्मेलन कोरोना वायरस के वैश्विक संक्रमण से उपजे खतरे को लेकर हो रहा है. कोरोना संक्रमण से गुट निरपेक्ष के सदस्य देश भी जूझ रहे हैं. सम्मेलन में NAM के सदस्य देशों के बीच कोरोना से जंग में सहयोग बढ़ाने और इसका इलाज ढूंढने पर चर्चा होगी.

कोरोना पर आयोजित इस ऑनलाइन सम्मेलन में गुट निरपेक्ष आंदोलन के सदस्य देश एक राजनीतिक दस्तावेज जारी करेंगे, जिसका विषय वस्तु होगा ‘कोविड-19 के खिलाफ एकजुटता’. इस दस्तावेज में इस बात की भी चर्चा होगी कि एनएएम के सदस्य देश कोरोना के खिलाफ जंग में कैसे आपसी सहयोग बढ़ाएं और मानवता के सामने संकट बनकर उभरी इस बीमारी का उपचार तलाशें.

यह भी पढ़े  मुहर्रम हो या दशहरा नहीं बजेगा डीजे

पाकिस्तान भी करेगा शिरकत

गुट निरपेक्ष देशों के इस वर्चुअल सम्मेलन में पाकिस्तान भी शामिल होगा. पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी इस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपने देश का प्रतिनिधित्व करेंगे.

संयुक्त राष्ट्र के बाद दूसरा बड़ा संगठन है NAM

गुट निरपेक्ष देशों का ये आंदोलन दुनिया की दशा-दिशा तय करने में अपनी प्रभावकारी भूमिका रखता है. हालांकि कुछ साल पहले इसकी ताकत और भी ज्यादा थी. NAM संयुक्त राष्ट्र के बाद दूसरा बड़ा राजनीतिक संगठन है. इसके साथ एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के 120 विकासशील देश जुड़े हुए हैं.

गुट निरपेक्ष क्या होता है?

गुट निरपेक्ष आंदोलन (Non Alignment Movement, NAM) राष्ट्रों की एक अंतराराष्ट्रीय संस्था है. यह आंदोलन भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू, मिस्र के पूर्व राष्ट्रपति गमाल अब्दुल नासर और युगोस्लाविया के राष्ट्रपति जोसिप ब्रॉज टीटो ने शुरू किया था. इसकी स्थापना अप्रैल1961 में हुई थी. इस बनाने का विचार 1950 में आया था.

यह भी पढ़े  बिहार में बाढ़ से अब तक 93 लोगों की गई जान, 45 लाख से ज्यादा की आबादी प्रभावित

संयुक्त राष्ट्र संंघ (UN) के बाद देश की सदस्यता के मामले में NAM विश्व स्तर पर दूसरा सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म है. वर्तमान में अब तक इस संगठन के 120 सदस्य और 17 पर्यवेक्षक देश हैं.

क्या था गुट निरपेक्ष आंदोलन का उद्देश्य

दूसरे विश्व युद्ध के खत्म होने के बाद दुनिया अमेरिका और तत्कालीन सोवियत संघ (अब रूस) के नेतृत्व तले दो गुटों में बंट गई थी. अमेरिका वाला खेमा पूंजीवादी नीतियों का पोषक और समर्थक माना जाता था तो सोवियत संघ का खेमा समाजवादी नीतियों को मानने वाला था. उस समय दुनिया के कई देश आजाद हुए थे और अपने विकास और दूसरे देशों के साथ संबंधों के लिए नीति निर्धारण कर रहे थे. इन देशों ने तय किया कि वे किसी एक गुट में शामिल होकर दूसरे गुट के बरक्स खड़े होने की बजाए गुट निरपेक्ष रहेंगे ताकि उनके संबंध किसी से खराब न हों. इस आंदोलन में एशिया, लैटिन अमेरिका और अफ्रीकी देश शामिल थे.

यह भी पढ़े  नेपाल के रास्ते बिहार में दाखिल हुए 6 से अधिक आतंकी, स्पेशल ब्रांच ने जारी किया अलर्ट

गुट निरपेक्ष राष्ट्रों की राष्ट्रीय स्वतंत्रता, क्षेत्रीय एकता एवं सुरक्षा को साम्राज्यवाद, जातिवाद, रंगभेद एवं विदेशी आक्रमण, सैन्य हमले, हस्तक्षेप आदि मामलों के विरुद्ध उनके युद्ध के दौरान सुनिश्चित करना है. इसके साथ ही किसी पावर ब्लॉक के पक्ष या विरोध में ना होकर निष्पक्ष रहना है.

पहली बार PM मोदी हो रहे हैं शामिल

यह पहली बार है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी NAM सम्मेलन में हिस्सा लेने वाले हैं. इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह इस सम्मेलन में शामिल हो चुके हैं.

आपको बता दें, गुट निरपेक्ष देशों के इस वर्चुअल सम्मेलन में पाकिस्तान भी शामिल होगा. पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी NAM बैठक में शामिल होंगे.

गुट निरपेक्ष देशों की इस बैठक में अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलियेव गुट निरपेक्ष आंदोलन (NAM) के मौजूदा चेयरमैन हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम 4.30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस सम्मेलन में शामिल होंगे.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here